शिक्षकदिवसकेमौकेपरछत्तीसगढ़केजशपुरजिलेकेऐसेदोशिक्षकोंकीकहानी,जोविपरीतपरिस्थितियोंमेंभीज्ञानबांटरहेहैं।इनमेंसेएकरोजउफनतीनदीपारकरऔर3किमीजंगलीवपहाड़ीरास्तोंकासफरतयकरमहज9बच्चोंकोपढ़ानेजातेहैं।सिर्फइसलिएकिअगरइन्होंनेजानाबंदकियातोबच्चेअनपढ़रहजाएंगे।वहींएकअन्यशिक्षकहैं,जिन्होंनेजर्जरस्कूलबंदहोनेकेबादघरकोहीपाठशालाबनादिया।

शिक्षादेनेकेलिएरोजजोखिममेंडालतेहैंजान

मनोराविकासखंडकीग्रामपंचायतरेमनेकाआश्रितगांवहैगेड़ई।यहांपहाड़केऊपरबसीहैकोरवाजनजातिकीबस्ती।यहांएकस्कूलहै,जहांरोजपढ़ाईहोतीहै।इसकेलिएप्राथमिकशालासरंगापाठकेशिक्षकलक्ष्मणरामकरीब40किमीलंबीदूरीरोजतयकरतेहैं।घरसेतोबाइकपरनिकलतेहैं।फिररास्तेमेंउसेखड़ीकरउफनतीईबनदीकोपारकरतेहैं।इसकेबादपैदलकरीब3किमीजंगलकेरास्तेसेपहाड़चढ़नाहोताहै।

यहांकेबच्चेपढ़ें,यहीमेरामिशन

शिक्षकलक्ष्मणरामकहतेहैंकिकोईभीदूसराटीचरइसस्कूलमेंआनानहींचाहताहै।सभीअपनेगांवयाशहरकेस्कूलोंमेंरहनापसंदकरतेहैं।एकटीचरहोतेहुएमुझेएकऐसीजगहपरपढ़ानेकोमौकामिलाहै,जहांअबतकशिक्षासहीढंगसेपहुंचीहीनहींहै।इसगांवमेंशिक्षाकाअलखजगानाऔरगांवकेसभीबच्चोंकोशिक्षितकरनामिशनहै।खुशीमिलतीहै।इसलिएरोजानाइतनीकठिनाइयोंकासामनाकरस्कूलहरहालमेंपहुंचताहूं।

...तोनिरक्षररहजाएंगेगांवकेबच्चे

मनोराके‌BRC(ब्लॉकसंसाधनसमन्वयक)तरुणपटेलबतातेहैंकिपहाड़केऊपरबस्तीहै।स्कूलभवनभीटीलेपरहै।इसबस्तीमें13परिवारहैं।इनके9बच्चेप्राथमिकशालामेंदर्जहैं।सभीपरिवारडिहारीकोरवाजनजातियोंसेहैं।यहांस्कूल2006मेंखुलाऔरसाल2008मेंभवनबनायागया।वहबतातेहैंकियहएकऐसीबस्तीहै,जहांस्कूलमेंशिक्षकनहींपहुंचेतोबच्चेनिरक्षररहजाएंगे।बच्चोंकोस्कूलतकलानेकेलिएकाफीमेहनतकरनीपड़ीहै।

स्कूलबंदहुआतोबच्चेजानेलगे,फिरघरमेंलगाईक्लास

ऐसेहीएकऔरशिक्षकहैंविजयतिर्की।वेप्राथमिकशालाकडरूजबलामेंपढ़ातेथे।स्कूलभवनजर्जरहुआ,तोउसेबंदकरदियागया।स्कूलबंदहुआतोबच्चेभीनामकटवाकरदूसरीजगहजानेलगे।यहदेखकरविजयनेअपनेघरमेंहीपाठशालाशुरूकरदी।विजयइसीगांवकेनिवासीहैं।लोगोंनेउन्हेंपढ़ातेदेखातोबच्चोंकोभेजनाशुरूकरदिया।अभीवे16बच्चोंकोपढ़ारहेहैं।कहतेहैंकिबच्चेनामनकटवातेतोदोगुनीसंख्याहोती।

5सालसेबंदहैस्कूल,मरम्मतकीराशितकस्वीकृतनहींहुई

स्कूलभवनकभीभीगिरसकताहै।भवनकीछतकेप्लास्टरउखड़चुकेहैंऔरदीवारोंमेंबरसातमेंनमीरहतीहै।उसकीहालतदेखपंचायतकेआदेशपरबंदकरदियागया।स्कूलभवनकीमरम्मतकेलिएशिक्षकऔरपंचायतनेकईबारशिक्षाविभागकेपासप्रस्तावभेजा,लेकिनआजतकराशिस्वीकृतनहींकीगई।इसकेबादकरीब5सालसेवहांतालालटकाहुआहै।स्कूलबंदहुआतोबच्चोंनेदूसरीजगहएडमिशनलेलिया।

मिस्डकॉलवालेगुरुजी:सूरजपुरकेइसस्कूलकैंपसमेंमवेशीबांधेजातेथे,नशेड़ियोंकाअड्डाथा,गौतमकीजिदनेबनायास्मार्टस्कूल;यहांबच्चेअबचलातेहैंमिनीबैंक