चंद्रशेखरवर्मा,ग्रेटरनोएडा

कईमरीजकोरोनावायरससेगंभीररूपसेसंक्रमितहोतेहैं।हालतऐसीहोतीहैकिउन्हेंवेंटिलेटरपररखनापड़ताहै।सहीदवावउपचारनमिलनेसेकईदफाऐसेमरीजदमतोड़देतेहैं।ऐसेगंभीरमरीजोंकेलिएआइएल-6(इंटरल्यूकिन)जांचकारगरसिद्धहोरहीहै।शारदाअस्पतालमेंभीयहप्रक्रियाशुरूकीगईहै।टेस्टकेजरियेपताचलजाताहैकिशरीरमेंसंक्रमणकास्तरकितनाहै।संबंधितदवावइंजेक्शनसेमरीजकोठीककरनेकाप्रयासकियाजाताहै।

शारदाअस्पतालकेप्रवक्ताडॉ.अजीतकुमारनेबतायाकिविश्वस्वास्थ्यसंगठन(डब्ल्यूएचओ)केअनुसार,आइएल-6कीजांचआठघंटेमेंएकबारहोनीचाहिए।अस्पतालउपलब्धसंसाधनोंमें24घंटेमेंयहटेस्टकररहाहै।यहप्रक्रियाकरीब15दिनपहलेशुरूकीगईहै।इसमेंमरीजकेरक्तकानमूनालेकरकोरोनासंक्रमणकीजांचकीजातीहै।इससेपताचलताहैकिशरीरमेंकोरोनाकेसंक्रमणकास्तरकितनाहै।जांचसेआइसीयूमेंभर्तीसंक्रमितोंकेउपचारमेंकाफीमददमिलतीहै।पताचलजाताहैकिकिसमरीजकोकौनसीदवादेनीहै।यहजांचप्रक्रियाशुरूहोनेकेबादबहुतकममरीजवेंटिलेटरपरगएहैं।डॉ.अजीतकुमारनेबतायाकिआइएल-6जांचकरनेवालाजिलेमेंशारदाअस्पतालपहलाहै।हालांकि,इसजांचसेअन्यकोविडअस्पतालोंमेंभीउपचारकियाजारहाहै,लेकिनउनकोरिपोर्टकेलिएबाहरकीलैबोंपरनिर्भररहनापड़ताहै।जांचकेलिएपहलेसंक्रमितसेइंजेक्शनकेजरिएरक्तकानमूनालियाजाताहै।नमूनेकीजांचआइएल-6टेस्टिगमशीनमेंकीजातीहै।प्रक्रियामेंकरीब4-6घंटेलगजातेहैं।एकबारकीजांचमेंकरीबदोहजाररुपयेलगतेहैं।

डॉ.अजीतनेबतायाकिचारजूनको42वर्षीयसंक्रमितशारदामेंभर्तीहुए।उनकोसांसलेनेमेंकाफीदिक्कतहोरहीथी।शुरुआतमेंऑक्सीजनपररखागया।धीरे-धीरेस्वास्थ्यगिरनेलगातोचौथेदिनआइसीयूमेंशिफ्टकियागया।यहांआइएल-6जांचकीगई।सामान्यतौरपरआइएल-6.0से6केबीचमेंहोनाचाहिए।उनकालेवल100सेऊपरचलागयाथा।फेफड़ोंमेंकाफीसंक्रमणफैलगयाथा।उनकोनॉनइनटेंसिववेंटिलेटर(एनआइवी)मेंरखागया।संक्रमणकोतुरंततोसिलिजुमाबकाइंजेक्शनदेकरनियंत्रितकियागया।धीरे-धीरेस्वास्थ्यमेंसुधारहोनेलगा।करीबदसदिनपहलेअस्पतालसेउन्हेंछुट्टीदेदीगई।

By Farmer