संवादसहयोगी,कनीना:17अक्टूबरसेशारदीयनवरात्रप्रारंभहोरहेहैं।वर्षमेंदोबारआनेवालेनवरात्रोंमेंमाताकेमंदिरोंकोसजायाजाताहैवहींदिनभरव्रतआदिकरकेनौदिनोंतकमाताकीपूजाकीजातीहै।

इननवरात्रोंकासौभाग्यवतीमहिलाओंकेलिएविशेषमहत्वहोताहै।प्राचीनग्रंथोंमेंदुर्गाकेनौरूपोंकीपूजाहोतीआरहीहै।येनौरूपमहाकाली,महालक्ष्मी,महासरस्वती,योगमाया,रक्तदंतिका,शाकुंभरीदेवी,दुर्गा,भ्रामरीदेवीतथाचंडिकाप्रमुखहैं।इननौरूपोंकोशैलपुत्री,ब्रह्मचारिणी,चंद्रघंटा,कुष्मांडा,स्कंदमाता,कात्यायनी,कालरात्रि,महागौरी,सिद्धिदात्रीनामोंसेजानाजाताहै।इननौरूपोंकेदर्शनोंकेलिएमंदिरोंमेंजाकरपूजाकीजातीहै।

वासंतीयनवरात्रचैत्रमाहमेंआतेहैं।इननवरात्रोंमेंवसंतऋतुआतीहैंऔरसर्दीसेगर्मीकेमौसममेंप्रवेशहोताहैवहींशारदीयनवरात्रोंमेंगर्मीसेसर्दीमेंप्रवेशकियाजाताहै।साथमेंफसलपैदावारलेनेकेबादयेपर्वदोबारमनाएजाताहै।

क्याकहतेहैंवैद्य

वैद्यबालकिशनएवंहरिकिशनकरीरानेबतायाकिवैसेभीनवरात्रोंमेंरातोंमेंमौसमपरिवर्तनआजाताहै।शारदीयनवरात्रोंमेंगर्मीसेसर्दीकेमौसममेंप्रवेशहोनामानाजाताहै।नवरात्रोंमेंजहांनौरूपोंमेंमांदुर्गानेराक्षसोंकासंहारकियाथा,उननौरूपोंमेंनौकन्याओंकोनवरात्रेपूर्णहोनेपरभोजनकरायाजाताहै।साथमेंनवरात्रोंमेंजौउगाएजातेहैंजोसमृद्धिकेप्रतीकहोतेहैं।

पर्वसेजुड़ाहैसांझीकापर्व

ग्रामीणक्षेत्रोंमेंइसपर्वकोलेकरअतिप्रसन्नताहोतीहैवहींदुकानदारसामानबेचनेकोलालायितरहतेहैं।छहमाहकेबादनवरात्रआनेसेउनकेसामानकीबिक्रीछहमाहबादहीनवरात्रोंकेसामानकीहोपातीहै।मंदिरोंकोग्रामीणक्षेत्रोंमेंसजाकरपूजाअर्चनाकरनेकाविशेषप्रावधानहोताहै।नवरात्रोंमेंशुभकामकरनेकीप्रथाभीचलीआरहीहै।इसीकेसाथहीशुरूहोजातीहैसांझीपूजा।बच्चियांदीवारपरसांझीबनाकरउसकीनौदिनोंतकपूजाकरतीहैं।दशहरेकेदिनसांझीकोपानीमेंबहायाजाताहै।

विधिविधानसेकरेंपूजा-प्रदीपशास्त्री

फोटोसंख्या5कनीना:प्रदीपशास्त्रीखाटूश्याममंदिरकनीनाकेपुजारीकाकहनाहैकिसंपूर्णजड़पदार्थभगवतीकापहलास्वरूपहैपत्थरमिट्टीजलवायुअग्निआकाशसबशैलपुत्रीकाप्रथमरूपहैं।इसपूजनकाअर्थहैप्रत्येकजड़पदार्थमेंपरमात्माकोअनुभवकरनाहै।

जड़मेंज्ञानकाप्रस्फुरण,चेतनाकासंचारभगवतीकेदूसरेरूपकाप्रादुर्भावहै।जड़चेतनकासंयोगहै।प्रत्येकअंकुरणमेंइसेदेखसकतेहैं।

By Duffy