नईदिल्ली,अनुरागमिश्र।क्याआपकोयादहैशिक्षाकोबढ़ावादेनेकेलिएपहलेनाराथा,कखगघकोपहचानोअलिफ़कोपढ़नासीखो।अआइईकोहथियारबनाकरलड़नासीखो।फिरनाराआया..'कोईनछूटेइसबार,शिक्षाहैसबकाअधिकार','स्कूलचलेंहम'औरपढ़ेंगीबेटियां,बढ़ेंगीबेटियां।इन्हींनारोंमेंआजादीकेबादकेसातदशकोंमेंशिक्षाकेक्षेत्रमेंहुएकईक्रांतिकारीपरिवर्तनझलकतेहैं।येपरिवर्तनअभीभीजारीहैं।सुनहरेअतीतमेंभीभारतएकऐसादेशरहाहै,जिसनेयुगों-युगोंतकदुनियाकोज्ञानकीज्योतिसेरास्तादिखाया।वैदिककालमेंदुनियाकेलिएभारतएकविश्वगुरुथा।बौद्धकालमेंनालंदाऔरतक्षशिलाजैसेविश्वप्रसिद्धविश्वविद्यालयोंमेंलोगदूर-दूरसेआतेथे।तोचलिएआजादीकेवक्तसेवर्तमानकोरोनाकालमेंचलरहींऑनलाइनक्लासकेसफरकोदेखतेहैंऔरजानतेहैंकिअगलेपांचसालमेंशिक्षामेंभारतकहांहोगा।

अगलेपांचसेहोनेवालेपांचबड़ेबदलाव

1.नईशिक्षानीतिसेबदलेगापूराएजुकेशनसिस्टम

शिक्षाविद्बतातेहैंकिनईशिक्षानीतिकेतहततकनीकीसंस्थानोंमेंभीआर्ट्सऔरह्यूमैनिटीजकेविषयपढ़ाएजाएंगे।दुनियाभरकीबड़ीयूनिवर्सिटीजकोभारतमेंअपनाकैंपसबनानेकीअनुमतिभीदीजाएगी।आईआईटीसमेतदेशभरकेसभीतकनीकीसंस्थानहोलिस्टिकअप्रोच(समग्रदृष्टिकोण)कोअपनाएंगे।इंजीनियरिंगकेसाथ-साथतकनीकीसंस्थानोंमेंआर्ट्सऔरह्यूमैनिटीजसेजुड़ेविषयोंपरभीजोरदियाजाएगा।स्टूडेंट्सअबक्षेत्रीयभाषाओंमेंभीऑनलाइनकोर्सकरसकेंगे।नईशिक्षानीतिमेंजीडीपीका6%हिस्साएजुकेशनसेक्टरपरखर्चकिएजानेकालक्ष्यरखागयाहै।देशभरकेसभीइंस्टीट्यूटमेंएडमिशनकेलिएएककॉमनएंट्रेंसएग्जामआयोजितकराएजानेकीबातभीकहीगईहै।यहएग्जामनेशनलटेस्टिंगएजेंसीकराएगी।चिकित्साएवंकानूनीशिक्षाकोछोड़करसमस्तहायरएजुकेशनकेलिएहायरएजुकेशनकमीशनऑफइंडिया बनायाजाएगा।यहसभीबदलावअगलेकुछवर्षोंमेंदिखेंगे।

2.प्राथमिकशिक्षापरजोर

इंडियनस्कूलऑफडेवलपमेंटमैनेजमेंटकेसह-संस्थापकऔरनिदेशकशरदअग्रवालकहतेहैंकिपिछले75सालमेंशिक्षामेंबहुतकामकियागयाहैलेकिनअसरजैसीरिपोर्टदिखातीहैकिहमेंप्राथमिकशिक्षामेंकाफीकामकरनेकीजरूरतहै।

वहींनईशिक्षानीतिकेतहत2025तकप्राथमिकविद्यालयमेंसार्वभौमिकआधारभूतसाक्षरताकालक्ष्यहै।2030तकस्कूलीशिक्षामें100%जीईआर(GrossEnrolmentRatio)केसाथपूर्व-विद्यालयसेमाध्यमिकस्तरतककीशिक्षाकेसार्वभौमिकरणकालक्ष्यहै।इसकेअलावास्कूलसेदूररहरहे2करोड़बच्चोंकोफिरसेमुख्यधारामेंलाएगा।समग्रविकासकार्डकेसाथमूल्यांकनप्रक्रियामेंपूरीतरहसुधारहोगा।सीखनेकीप्रक्रियामेंछात्रोंकीप्रगतिपरपूरीनजररखीजाएगी।

चौरीचौरामेंफांसीपानेवालेस्वतंत्रतासेनानीलालबिहारीतिवारीकेपौत्ररामनारायणत्रिपाठीकहतेहैंकिशिक्षाकोइतनासरलबनादेंकिगरीबअमीरबराबरकीशिक्षापासकें।निजीस्कूलबहुतपैसालेरहेहैं।फिरभीअच्छीशिक्षानहींमिलपारहीहै।इसलिएसरकारीस्कूलोंमेंसुधारकीकाफीजरूरीहै।

3.व्यावसायिकशिक्षा-छात्रोंकेहेड,हार्टऔरहैंडकाविकास

नीतिआयोगकीरिपोर्टकेमुताबिक2025तक,स्कूलऔरउच्चशिक्षाप्रणालीकेमाध्यमसेकमसेकम50%शिक्षार्थियोंकोव्यावसायिकशिक्षादेनेकालक्ष्यहै।शरदअग्रवालकहतेहैंकिवोकेशनलएजुकेशनपरजोरदेनाचाहिए,जिससेछात्रदेशकीसमस्याओंकोसुलझासकें।देखाजाएकिछात्रोंकेहेड,हार्टऔरहैंडमेंकैसेसमन्वयबनसके।जिससेछात्रजबस्कूलोंसेबाहरनिकलेंतोवेदेशकोआगेलेजापाएंगे।

(फोटोस्रोत-शिक्षामंत्रालयफेसबुकपेज)

4.उच्चशिक्षाऔरशोध

आईआईटीकानपुरकेनिदेशकप्रोफेसरअभयकरंदीकरकहतेहैंकिनईशिक्षानीतिमेंकईदूरगामीसुझावदिएगएहैं।जिससेभारतीयमेंक्रांतिकीसंभावनाहै।हायरएजुकेशनकीबातकरेंतोशिक्षानीतिलागूहोनेकेबादछात्रोंकोलचीलापन,मल्टीडिसिप्लिनरीएजुकेशनकाअवसरमिलेगा,यूनिवर्सिटीकीकठोरसिस्टमकोदूरकरनेमेंमददमिलेगी।इसकेअलावाविज्ञानऔरप्रौद्योगिकीकीशिक्षाकाविकासआजकीजरूरतकेहिसाबसेहोगा।इनोवेशनऔरयुवाउद्यमियोंकोप्रोत्साहितकरनेकीजरूरतहै।आईआईटीऔरआईआईएमइसदिशामेंलगेहुएहैं।आनेवाले10सालमेंकाफीबदलावकीउम्मीदहै।

शरदअग्रवालकेमुताबिकनईशिक्षानीतिमेंशोधपरकाफीफोकसकियाहै।आईएसडीएम,अशोकायूनिवर्सिटीऔरअजीजप्रेमजीजैसेनईसंस्थाएंचलरहीहैंजोआजप्रैक्टिशनरऔरएकेडमीदोनोंकोसाथलेकरकामकररहेहैं। आईआईटीगुवाहाटीकेडायरेक्टर टीजीसीतारामकहतेहैंकिउच्चशिक्षामेंफैकल्टीकीसमस्याहै,कईरिफार्मकीजरूरतहैऔरशोधकोबेहतरबनानाहोगा।इसकेलिएफंडकीकाफीजरूरतहै।उच्चशिक्षापरिषदकीस्थापनाकीजरूरतहै।

हार्वडयूनिवर्सिटीकेएशियाएक्सफेलोऔरएमडीआईमेंस्ट्रेटेजिकमैनेजमेंटकेप्रोफेसरडॉक्टरराजेशपिलानियाभीरिसर्चपरजोरदेतेहैं।वहकहतेहैंकिपिछले75सालमेंमैनेजमेंटकीपढ़ाईमेंकाफीकामयाबीहासिलकीहै।आजादीकेसमयदेशमेंमैनेजमेंटकाकोईस्कूलनहींथालेकिनअबसरकारीऔरनिजीक्षेत्रोंकीभरमारहै।हमबड़ीसंख्यामेंमैनेजमेंटमैनपावरभेजरहेहैं।परकईचुनौतियांभीहैं।हमरिसर्चमेंपीछेछूटरहेहैं।उन्होंनेकहाकिअगलेपांचसालमेंदेशमेंकईफॉरेनयूनिवर्सिटीआसकतीहैं।

5.शिक्षकोंकोमिलेगीबेहतरट्रेनिंग

शरदअग्रवालकहतेहैंकिजुलाईमेंजोनईशिक्षानीतिआईउसमेंएकबातसामनेआईकिसबसेपहलेशिक्षकोंकोशिक्षादेनेकाप्रावधानकरनाचाहिए।फिरछोटेबच्चोंकीशिक्षापरकामकरनाचाहिए।2030तकशिक्षणकेलिएन्यूनतमडिग्रीयोग्यता4वर्षीयएकीकृतबी.एड.होगी।

भारतमेंसातदशकमेंशिक्षाकेमहत्वपूर्णपड़ाव

आईआईटीकीस्थापना

1.साल1951मेंखड़गपुरमेंपहलेआईआईटीकीस्थापनाऔरइसकेबाद1958मेंदूसराभारतीयप्रौद्योगिकीसंस्थानमुंबईमेंस्थापितहुआ।इसकेबाद1959मेंकानपुरएवंचेन्नई,दिल्ली,गुवाहाटीमेंIITकीस्थापनाहुई।

2.पहलीशिक्षानीति

1968मेंभारतकीपहलीराष्ट्रीयशिक्षानीतिलायीगयीजिसमें6से14वर्षकीआयुकेबच्चोकोअनिवार्यशिक्षा,शिक्षकोंकेबेहतरक्षमतावर्धनकेलिएउचितप्रशिक्षणजैसेप्रावधानकियेगयेऔरमातृभाषामेशिक्षणपरविशेषज़ोरदियागयाथा।

3.1986कीराष्ट्रीयशिक्षानीति

राष्ट्रीयशिक्षानीति1986को1992मेंपेशकियागया।इसमेंदेशमेंशिक्षाकेविकासकेलिएव्यापकढांचापेशकियागया।शिक्षाकेआधुनिकीकरणऔरबुनियादीसुविधाएंमुहैयाकरानेपरजोररहा।1986कीराष्ट्रीयशिक्षानीतिमेंगरीबोंकेलिएफेलोशिप,प्रौढ़शिक्षाऔरस्त्री-पुरुषसमानताकोबढ़ावादेनेकेलिएसमूचीशिक्षाप्रणालीकानएसिरेसेविकासकरने,समाजकेउपेक्षितवर्गों,शारीरिकऔरमानसिकबाधाओंसेग्रस्तवर्गोंकेअध्यापकोंकीभर्तीकरनेपरजोरदियागयाथा।इसकेअलावाइसमेंनएस्कूलऔरकॉलेजखोलनेतथाविशेषशैक्षिकआवश्यकताओंवालेइलाकोंपरखासतौरपरध्यानदेनेकोभीकहागयाथा।

4.स्कूलबुलानेकेलिए26सालपहलेशुरूकीगईमिडडेमीलयोजना

15अगस्त1995कोयहयोजनाशुरूकीगई।इसकामकसदस्कूलोंमेंछात्रोंकापंजीकरण,उपस्थितिबढ़ानेकेसाथहीबच्चोंकेपोषणकास्तरसुधारनाथा।शुरुआतमेंसिर्फप्राइमरी(एकसेपांचवीकक्षा)केछात्रोंकोयहसुविधादीगई।अक्तूबर2002मेंइसयोजनाकाविस्तारकरतेहुएएजुकेशनगारंटीस्कीमकेसभीछात्रोंकोऔरस्पेशलट्रेनिंगसेंटरकोभीइसमेंशामिलकियागया।2008-09मेंइसयोजनाकोउच्चतरप्राथमिककक्षाओंतकलागूकरदियागया।वहींअप्रैल2008मेंसर्वशिक्षाअभियानकेतहतआनेवालेमदरसोंकोभीइससेजोड़ागया।

(फोटोस्रोत-शिक्षामंत्रालयफेसबुकपेज)

5.सर्वशिक्षाअभियान

सरकारने2001मेंसर्वशिक्षाअभियानकीशुरुआतकीगई।इसकाउद्देश्य 6से14सालतककेसभीबच्चोंकोशिक्षाकीसुविधाउपलब्धकरानाथा।इससेपहलेसरकारनेकारगरपहलकरतेहुएप्रायोजितजिलाशिक्षाकार्यक्रमनामकेएककार्यक्रमकीशुरुआतकीथीजिससेदेशभरमेंस्कूलोंकीसंख्यामेंबढ़ोतरीहुई।

6-शिक्षाकाअधिकार

नि:शुल्कऔरअनिवार्यशिक्षाकेबच्चोंकेअधिकारकाकानून(शिक्षाकाअधिकारकानून)भारतीयसंसदद्वारा4अगस्त2009कोपारितएकअधिनियमहैजिसमें4से14सालतककेबच्चों केलिएमुफ्तऔरअनिवार्यशिक्षाकेमहत्वऔरइसकेतौर-तरीकोंकोबतायागयाहै।

(फोटोस्रोत-शिक्षामंत्रालयफेसबुकपेज)

40सालोंमेंबढ़गई33फीसदीसाक्षरता

1951में5वर्षऔरअधिकउम्रकेप्रत्येक10भारतीयोंमेंकेवल2लोगसाक्षरथे।उससमयसाक्षरताकीपरिभाषायहथीकिएकमित्रकोएकपत्रलिखसकताहैऔरउत्तरपढ़सकताहै।विश्वबैंककीरिपोर्टकेअनुसार,1981मेंजहांभारतकीसाक्षरतादर41फीसदीथी,जो2018मेंबढ़कर74फीसदीहोगई।बीतेकुछदशकोंमेंमेंदेशमेंव्यापकस्तरपरसाक्षरतादरमेंमिलीकामयाबीकीबड़ीवजहशिक्षाकोलेकरजारीकीगईस्कीमऔरस्कूलोंमेंअधिकनामांकनहोनाहै।इससेपहले,देशकेसुदूरहिस्सेमेंबहुतसेबच्चेस्कूलपहुंचहीनहींपातेथे।2001सेलेकर2018तकसाक्षरतादरमें13फीसदीकीवृद्धिदर्जकीगईहै।सर्वशिक्षाअभियान,बेटीबचाओबेटीपढ़ाओ,मिडडेमीलजैसीयोजनाओंनेसाक्षरतादरकोबढ़ानेमेंअहमभूमिकानिभाईहै।वयस्कसाक्षरतादरकामतलबहैकिजोलोग15सालयाउससेअधिकउम्रकेहैंउन्हेंवहरोजमर्राकेजीवनमेंप्रयोगहोनेवालेछोटेवक्तव्योंकोलिखयापढ़सकतेहैं।

नीतिआयोगकीरिपोर्टबतातीहैकि1998-1999मेंनौवीं औरदसवींमेंनामांकनप्रतिशत18.45मिलियनथा।1991केबनिस्पतइसमेंप्रतिवर्ष2.5फीसदकाइजाफाहुआ।मानाजारहाहैकि2025तकयहआंकड़ा36मिलियनकोपारकरजाएगा।1991मेंप्राथमिकशिक्षामेंनामांकनदर170मिलियनथा।2025मेंइसके199मिलियनहोनेकीउम्मीदहै।उच्चशिक्षामेंनामांकन5.46मिलियनथाजो2025मेंबढ़कर15.38मिलियनहोजाएगा। लड़कियोंकीबातकरेंतोजुलाईमेंसंसदमेंपेशरिपोर्टमेंकहागयाकिअमेरिका,ब्रिटेन,जर्मनीऔरफ्रांसजैसेविकसितदेशोंकीतुलनामेंप्रतिशतकेलिहाजसेभारतकीबेटियांसाइंसटेक्नोलॉजी,इंजीनियरिंगऔरमैथ(एसटीईएम)मेंआगेहैं।

आईआईटीगुवाहाटीकेडायरेक्टरटीजीसीतारामकहतेहैंकिउच्चशिक्षाव्यवस्थामेंदुनियामेंभारतकातीसरास्थानहै।21सदीमेंहमारेयूनिवर्सिटीऔरसंस्थानइसकीसाक्षीहैं।आईआईटी,आईआईएमऔरएम्स21वीसदीमेंदेशकानेतृत्वकररहेहैं।आईआईटीकीसंख्या6से12होचुकीहै।आईएसआरऔरआईएसईआरजैसेनएसंस्थानबनेहैं।साइंटिफिकइंफ्रास्ट्रक्चरभीमौजूदहै।सरकारशिक्षाकीक्षमताबढ़ारहीहै।नईशिक्षानीतिदेशमेंशिक्षाकोआगेलेजाएगी।

(इनपुट-विनीतशरण,विवेकतिवारीऔरमनीषकुमार)

By Farmer