जागरणसंवाददाता,गुमला:

जिसदेशकासपूतदेशकेलिएशहीदहोगया।उसवीरशहीदकागांवआजभीविकासकेलिएतरसरहाहै।शहीदकासमाधिस्थलउपेक्षितहै,सरकारकीघोषणाकेकरीबपांचवर्षबीतजानेकेबावजूदशहीदकेसमाधिस्थलकासौंदर्यीकरणऔरचहारदीवारीनहींहोसकी।हालांकिनिजीसहयोगसेसमाधिस्थलपरमार्बललगायागयाहै.शहीदकागांवहीनहींइसप्रखंडकेकरीबसाठगांवविकासकीराहताकरहाहै।प्रखंडबननेकेसाथहीजारीमेंसोलरआधारितविद्युतआपूर्तिकाप्रोजेक्टबनायागया।सोलरसिस्टमसेविद्युतकीआपूर्तिभीआरंभहुई।जारीमेंअस्पतालकानिर्माणभीकियागया।अस्पतालकीदीवारखड़ीहुईलेकिनअस्पतालकानिर्माणपूरानहींहोपाया।नतीजतनअधूराअस्पतालस्वास्थ्यसुविधाओंकीकमीकोदर्शारहाहै।प्रखंडकेलोगबीमारपड़नेपरइलाजकरानेकेलिएचैनपुरऔरगुमलाजातेहैं।प्रखंडमुख्यालयपरिसरमेंजलापूर्तिकेलिएजलमीनारकानिर्माणकरायागया।जलमीनारबनेएकदशकहोगयालेकिनउससेएकबूंदपानीकीआपूर्तिनहींहोपायी।

तीनवर्षहीरहसकीपतिकेसाथ

बलमदीनाकीशादीअल्बर्टएक्कासाथवर्ष1968मेंहुईथी।शादीकेबादवहतीनवर्षतकहीअपनेपतिकेसाथरहसकीऔरभारत-पाकिस्तानकेबीच1971कीलड़ाईमेंअल्बर्टएक्काशहीदहोगए।जिसकेबादवहअपनेबेटेभीमसेंटकेसहारेजीनेलगी।बलमदीनाछत्तीसगढ़राज्यकेजसपुरजिलाकेकिलिगगांवकीरहनेवालीथी।उसकाजन्म1952मेंहुआथा।रिश्तेदारोंकीपहलसेहीउसकीशादीजारीगांवकेअल्बर्टएक्काकेसाथहुईथी।वर्तमानमेंवहचैनपुरमेंरहतीथी।