लखीमपुर:द्वापरमेंपांडवकीतपोस्थलीकेरूपमेंविख्यातअंतर्वेदवनप्रशासनिकउपेक्षाकेचलतेयादगारबनकररहगयाहै।जिसस्थलकाअतीतउज्ज्वलरहा,अबउसकावर्तमानवीरानहोगयाहै।ऐतिहासिकधरोहरसेसाधु-संतोंहीनहीं,आमलोगोंकाभीमोहभंगहोरहाहै।कारण,यहांकीअधिकांशक्षेत्रपरअवैधकब्जाहै।पक्कामार्गहैनहीविद्युतीकरण।ऐसेमेंसाधु-संतभीयहांठहरनेसेघबरातेहैं।

जिलामुख्यालयसेकरीब50किलोमीटरउत्तरनेपालसीमापरस्थितपौराणिकवनस्थितहै।मान्यताहैकिद्वापरमेंअज्ञातवासकेसमयपांडवनेयहां13माहबितायाथा।उसदौरानमहाबलीभीमनेतीनकिलोमीटरमेंफैलेघनेजंगलकेचारोतरफबड़ीझीलबनाई।स्वयंकोआने-जानेकेलिएपूर्वदिशामेंएकद्वारबनाया।झीलऔरद्वारआजभीगवाहहै।अंतर्वेदआश्रमकेमहंतगोकुलदासबतातेहैंकिकभीयहांसैकड़ोंसाधुसंतोंकाडेरारहताथा,लेकिनशासन-प्रशासनकीअनदेखीकेचलतेसाधु-संतोंकोभीयहऐतिहासिकस्थलरासनहींआरहाहै।यहांआश्रममेंबनेश्रीरामजानकीमंदिरमेंसिर्फइक्का-दुक्कासाधु-संतहीदेखनेकोमिलतेहैं।आश्रममेंरामजानकीमंदिरकेअलावाशिवजीऔरकालीमाताकामंदिरहैइसकेसाथहीआश्रमकेचारोंतरफतमामऋषिमुनियोंकेस्थानहैं।

नहींहुईझीलकीसफाई

झीलकीकभीसफाईनहोनेसेउसकाअस्तित्वसमाप्तहोताजारहाहै।जंगलकेचारोंतरफतीनकिलोमीटरकीझीलमेंबीतेवर्षवनविभागनेमात्र500मीटरझीलकीसफाईकराईथी।

विद्युतीकरणऔरपक्कामार्गनिर्माणमेंवनविभागबीचमेंबाधाडालेहुएहै।इससेपौराणिकतपोभूमिपरविकासनहींहोपारहाहै।वनविभागकीआपसीसहमतिसेहीयहांविकाससंभवहै।

-शशांकवर्मा,विधायक,निघासन

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