बलरामपुर:क्षेत्रकेदतलूपुरगांवनिवासीनकछेदप्रसादशर्मापेशेसेअध्यापकहैं।शिक्षणकार्यकेबादनएप्रयोगकरनेकीजिज्ञासानेदलहनीफसलकीखेतीकरनेकीप्रेरणादी।पहलेमहजएकबीघेमेंहीअरहरउगातेथे।जिसमेंएककिलोबीजकाउपयोगहोताथा।अबड्रिलतकनीकसेएकएकड़खेतमेंअरहरकीखेतीकररहेहैं।ड्रिलतकनीककीबोआईसेनकेवलबीजकीउपयोगिताआधीहोगईहैबल्किपौधोंकेबीचपर्याप्तदूरीकेकारणसरसों,मटर,सेमजैसीफसलोंकीभीउपजपारहेहैं।जोदूसरेकिसानोंकोभीरासआगया।क्षेत्रकेकिसानअतीउल्ला,कनिकरामवर्मा,शेषराम,रामदार,रामराजयादव,नबीउल्ला,सनाउल्ला,विक्रमनेभीअरहरकीखेतीशुरूकीहै।यहीनहीं,वहदूसरेगांवोंकेकिसानोंकेलिएआइनाबनगए।गांवमेंऐसे50सेअधिककिसानहैं,जोआधुनिकखेतीकरदोगुनालाभउठारहेहैं।देखभालसेबीमारीसेबचासकतेहैंफसल

-शिक्षकनकछेदकाकहनाहैकिआधुनिकतकनीकसेअरहरकीपैदावारदोगुनीहोतीहै।अरहरकीफसलमेंपाला,तनाबेधक,झुलसा,फलीबेधकजैसेरोगोंकासामनाकरनापड़ताहै,लेकिनपर्याप्तउपचारवदेखभालसेइसेबचायाजासकताहै।अरहरकीफसलकेलंबेदेखभालकेकारणलोगइसकीखेतीछोड़चुकेथे,लेकिनअबलोगोंकीरुचिबढ़नेलगीहै।

देशीखादकाहोताहैप्रयोग

-किसानकमपैसेमेंअच्छीफसलपैदाकरसकताहै।फसलबोआईकेपहलेखेतोंमेंदेशीखादकाप्रयोगकियाजानाचाहिए।जिससेफसलकोसभीतत्वोंकीपूर्तिहोजातीहै।

By Elliott