यमुनानगर,जागरणसंवाददाता।भारतरत्नडा.भीमरावआंबेडकरनेकहाथाकिशिक्षितबनो,संगठितरहोऔरसंघर्षकरो।क्योंकिजबतकपूरीतरहसेशिक्षितनहींहोंगेतबतककोईभीतरक्कीनहींकरसकता।इसलिएजीवनमेंशिक्षाकाबहुतमहत्वहै।आजकाफीलोगअपने-अपनेतरीकेसेबाबासाहेबकेइसीसपनेकोपूराकरनेमेंजुटेहैं।कोईनिस्वार्थभावसेबच्चोंकोमुफ्तमेंपढ़ारहाहैऔरकोईउनकाजीवनस्तरऊंचाउठानेमेंजुटाहै।ठीकइसीतरहयमुनानगरमेंसेठमुकंदलालकीओरसे72वर्षपूर्वबोयागयाशिक्षाकापौधाआजवटवृक्षबनचुकाहै।

यमुनानगरमेंपहलाहाईस्कूलखोलनेकाश्रेयइनकोहै।उससमयस्कूलनकेबरारहोतेथे।28सेज्यादाशिक्षणसंस्थानहै।इनमें23हजारविद्यार्थीपढ़ाईकररहेहैं।अबइनकाबेटासेठअशोककुमारकमानसंभालेहुएहैं।आर्थिकरूपसेकमजोरबच्चोंकोफीसदीजातीहै।पढ़ाईकेबादरोजगारकेलिएबिनाब्याजकेपैसेदिएजातेहै।पैसेतबचुकानेहोेतेहैं,जबरोजगारशुरूहोजाए।मुकंदसंस्थाओंकेमहासचिवडा.रमेशकुमारनेबतायाकिसंस्थानएकहजारविद्यार्थियोंकोमुफ्तशिक्षाभीदेरहेहैं।

डा.रमेशकुमारनेबतायाकि1885मेंजन्मेसेठमुकंदलालने1946मेंशिक्षणसंस्थानस्थापितकिया।उनकेबताएरास्तेपरसंस्थानचलरहाहै।वेकहतेथेशिक्षासबसेबड़ादानहै।किसीकोदेसकोतोउसेशिक्षादो।शिक्षितहोगातोअपनेसाथसमाजकाविकासभीकरेगा।इसकीधारणापरआजभीअमलहोरहाहै।उनकेपासऐसेबहुतसेबच्चेआतेहैंजोआर्थिकरूपसेकमजोरहै।फीसतककेपैसेइनकेपासनहींहोते।इनबच्चोंकीफीसकावहनसंस्थानकरताहै।जबइनकीपढ़ाईपूरीहोजातीहैतोरोजगारकेलिएमददकरताहै।इसकेलिएबकायदापैसोंकीमददभीदीजातीहै।ब्याजपरपैसादियाजाताहै।ऐसानहींहोताकिकुछसमयबादवापसमांगलियाजाए।जबरोजगारचलपड़े।तबसंबंधितव्यक्तिकोपैसेसंस्थानकोलौटानेहोेतेहैं।ऐेसेजिनविद्यार्थियोंकीमददकीजातीहैउनकीसंख्याहजारोंकाआंकड़ापारकररहीहै।जोबच्चेपढ़नेमेंअव्वलरहतेहैं।उनकोछात्रवृत्तिभीप्रदानकीजातीहै।इसकामकसदयहीहैकिपैसेकेअभावमेंकिसीकीपढ़ाईबाधितनहो।

समाजसेवाकेलिएभीकियाजाताहैप्रेरित

संस्थानमेंपढ़ाईकेसाथसमाजसेवाकापाठभीपढ़ायाजाताहै।अध्यापकोंकीओरसेविद्यार्थियोंकोबतायाजाताहैकिसमाजसेवासेकभीजीनचुराए।जबभीमौकामिलेआगेबढ़करभागलें।इसकेलिएशिविरकाआयोजनहोताहै।संयुक्तरूपसेकामकरनेकेलिएप्रेरितभीकियाजाताहै।रक्तदानकेलिएभीबतायाजाताहै।संस्थाआगेरहतीहै।बिजलीबचानेकेलिएअलगसेलेक्चरदियाजाता।

जलसंरक्षणकादेतेहैंसंदेश

मुकंदशिक्षणसंस्थानकीओरसेजलसंरक्षणकासंदेशविद्यार्थियोंकोदियाजाताहै।जिससेजलबचानेकीआदतदिनचर्यामेंशामिलहो।संस्थानरेनहार्वेसेटिंगसिस्टमभीअपनीसभीसंस्थानोंमेंलगाएहुएहैं।पर्यावरणसंरक्षणकेलिएपौधेरोपितकराएजातेहैं।

By Douglas