प्रकृतिकीमारसेजनपदकेसभीकिसानोंकेचेहरेपरउदासीछाईहुईहै।वहएकटकसरकारकीओरदेखरहेहैं।बीतेदिनोंबारिश,तेजहवाऔरओलावृष्टिकेचलतेजनपदकेकिसानोंके40से80फीसदतकविभिन्नप्रकारकेफसलबर्बादहोचुकेहैं।वहींसरकारकओरसेक्षतिपूर्तिकेलिएअभीतककोईनिर्णयनहींहोनेसेउनकीचिताऔरभीबढ़तीजारहीहै।प्रस्तुतहैक्षतिकीएकजनपदीयरिपोर्ट-डा.रवींद्रमिश्र,बलिया

देशमेंसभीकेलिएभोजनकीव्यवस्थाकिसानभलेहीकरतेहैं,लेकिनउनकीजिदगीप्रकृतिकीकृपापरहीचलतीहै।किसीभीसीजनमेंप्रकृतिमेहरबानरहीतोदिनखुशहालहोजाताहैऔरप्रकृतिनाराजहुईतोकिसानपूरीतरहबर्बादहोजातेहैं।इससालजनपदकेकिसानोंकेसाथकुछऐसाहीहोरहाहै।सभीकिसानोंकेफसलइसबारपिछलेसालसेभीअच्छेदिखरहेथे।इससेसभीकिसानअपनीअच्छीपैदावारकोलेकरखुशथे,लेकिनबीतेदिनोंकेविपरीतमौसमनेउन्हेंकहींकानहींछोड़ा।कहींबारिशतोकहींओलावृष्टिनेउनकेलहलहातेफसलकाजनाजानिकलनेमेंकोईकसरनहींछोड़ा।रबीकेअलावा,हरीमिर्च,परवल,दलहनी,तिलहनीफसलोंकोभीभारीनुकसानपहुंचा।गेहूंकेपौधेतोखेतोंमेंहीलेटगएहैं।फसलकोबचानेकेदिन-रातकरतेरखवाली

किसानअपनीफसलोंकोबचानेकेलिएऐसाकोईउपायनहींहैजिसेवेनहींकरते,इसकेबावजूदभीउनकाफसलनबचेतोकिसानोंकोचितितहोनास्वभाविकहै।जाड़ेकेमौसममेंकिसानबेसहारापशुओेंसेबचानेकेलिएरातमेंभीनिगरानीकरतेहैं।दिनमेंभीघरकाकोईनकोईसदस्यखेतोंमेंफसलोंकीदेखभालकेलिएमौजूदरहताहैं,लेकिनप्रकृतिकेआगेसबविवशहैं।सरकारकीओरलगीटकटकी

जनपदकेकिसानअबसरकारकीटकटकीलगाएबैठेहैं।किसानोंकीमानेतोउनकेहिसाबसेफसलोंकोदलहनीफसल80फीसद,तिलहनी40फीसद,गेहूं50फीसदहिस्साबारिश,तेजहवाऔरओलावृष्टिसेबर्बादहोचुकाहै।तीखाफेफनानिवासीरामलखनसिंहअपनेतीनबीघाकेखेतकोदिखातेहैं,उनकेपूरेखेतमेंगेहूंकेपौधेलेटगएहैं।कुछइसीतरहकीबातआसननिवासीकिसानअरूणसिंह,चुलबुलसिंह,खड़सरानिवासीभारतेंदुपाठकभीबतातेहैं।क्षतिकाकियाजारहाआकलन:कृषिअधिकारी

जिलाकृषिअधिकारीविकेशकुमारपटेलसेपूछनेपरबतायाकिबारिशऔरओलावृष्टिसेहुईफसलोंकीक्षतिकेआकलनकाकार्यअभीचलरहाहै।वैसेजनपदलेवलपरफसलोंकीक्षतिकाआकलनलगभग10फीसदहैं।सर्वत्रसेरिपोर्टआनेकेबादयहआकड़ाबढ़भीसकताहै।प्रभारीमंत्रीनेदिएहैंयहनिर्देश

प्रभारीमंत्रीअनिलराजभरनेजनपदीयभ्रमणकेबादअधिकारियोंसंगबैठकमेंयहनिर्देशदियाहैकिकिसानोंकेफसलोंकेनुकसानकाउचितआकलनविभागकेद्वाराशीघ्रकियाजाए।उसकीवास्तविकरिपोर्टशासनकोजल्ददिएजाएंताकिकिसानोंकीक्षतिकीपूर्तिकेसंबंधमेंसरकारभीजल्दनिर्णयलेसके।सरकारनहींकररहीउचितआकलन:किसानजिलाध्यक्ष

किसानसंघकेजिलाध्यक्षअखिलेशसिंहनेबतायाकिसरकारीतौरपरकिसानोंकेनुकसानकाउचितआकलनसरकारकीओरसेनहींकियाजारहाहै।जनपदकाकृषिविभागजोआंकड़ेप्रस्तुतकररहाहै,उससेकिसानोंकोकोईभलानहींहोनेवाला।इसपरसरकारकोगंभीरतासेविचारकरनाचाहिए।एकलाख79हजार999हेक्टेयरमेंहैरबीकीखेती

इससालएकलाख79हजार999हेक्टेयरक्षेत्रमेंरबीकीखेतीहोनेकीबातविभागकेद्वाराबताईगईथी।इसवर्षकालक्ष्यपिछलेसालकीतुलनामेंदसहजार359हेक्टेयरयानी6.1प्रतिशतअधिकथा।अकेलेगेहूंकीफसलकेलिएएकलाख37हजार591हेक्टेयरभूभागपरखेतीकरनेकालक्ष्यरखागयाथाजोपूर्वकीतुलनामें755हेक्टेयरअधिकहै।

मोटेअनाजोंकोबढ़ावादेनेकेउद्देश्यसेजौकीफसलकेलिए4066हेक्टेयर,मक्का,तोरियावसरसोंकीफसलकेलिएक्रमश:4784हेक्टेयर,एकहजार268हेक्टेयर,एकहजार169हेक्टेयरक्षेत्रनिर्धारितथा।वहींचना,मसूरवमटरकीखेतीक्रमश:3268हेक्टेयर,23890हेक्टेयरव3963हेक्टेयरमेंहुईहै।इससालरबीकीविभिन्नफसलोंकाउत्पादनछहलाख25हजार601एमटीकरनेकालक्ष्यतयकियागयाहै,लेकिनयहलक्ष्यअबपूराहोतेनहींदिखरहाहै।दोलाख99हजार265हेक्टेयरक्षेत्रफलवालेजनपदके73.38प्रतिशतयानीदोलाख19हजार599हेक्टेयरभूभागपरकृषिकीजातीहै।इसमेंरबीकीबोआईएकलाख80हजार518हेक्टेयरमेंकीजातीहै।

By Ellis