अवतारचहल,अंबालाशहर

अभीतकगुरुघरमेंलंगरयाअन्यधार्मिकस्थलोंपरहीभरपेटखानेकोमिलतारहाहै,लेकिनअबइसकीमिसालबच्चेदेरहेहैं।जोसप्ताहमेंएकदिनघरसेटिफिनमेंएक्स्ट्रारोटीलेकरआतेहैं।साथमेंचावलऔरसब्जीकासहयोगएकसामाजिकग्रुपकरताहै।इससेजिलामुख्यालयकेसिविलअस्पतालमेंबृहस्पतिवारकोलंगरलगायाजाताहै।कभी-कभारअगरलंगरमेंखानाबचजाताहै,तोउसेझुग्गी-झोंपड़ियोंऔरकुष्ठआश्रममेंबांटाजाताहै।

बालजगतस्कूलकेपीटीटीचरबलवानसिंहनेबतायाकिवेगुरुकालंगरलगातेहैं।उनकीकाफीपहलेसेऐसीसेवाकरनेमेंदिलचस्पीथी,लेकिनअकेलाकरनेकीहिम्मतनहींथी।हालांकिजहांकहींउन्हेंकोईभूखा-प्यासानजरआताथा,तोवेउसकीमददजरूरकरदेतेथे।अबउन्हेंबालजगतस्कूलकेप्रिसिपलसुच्चासिंहऔरफ्यूचरडायमंडस्कूलकेप्रिसिपलवीरेंद्रसिंहढींडसाकासाथमिलाहै।इनस्कूलोंमेंपढ़रहेबच्चोंकेअभिभावकोंकाभीसहयोगमिलरहाहै।वेहरबृहस्पतिवारकोबच्चोंकेटिफिनमेंएक्स्ट्रारोटियांभेजतेहैं।इससेगुरुकालंगरसंभवहोपारहाहै।इसकेअलावाउनकीटीममेंगोल्डीहमायूंपुर,हैप्पी,परमजीतमलौर,बालाजीट्रेवलकेसोनू,कालाऔरजस्सीहैं,जो15किलोचावलऔर25किलोसब्जीकीव्यवस्थाकरतेहैं।

दोसौलोगोंकोमिलताहैखाना

मटेड़ीशेखांस्थितबालजगतस्कूलऔरफ्यूचरडायमंडदोनोंस्कूलोंमेंआठ-नौगांवोंकेबच्चेपढ़नेपहुंचतेहैं,जोछठींसे12वींकक्षातककेविद्यार्थीहैं,जोबृहस्पतिवारकोअपनेटिफिनमेंएक्स्ट्रारोटीलेकरआतेहैं।ऐसेमेंदोनोंस्कूलोंकेबच्चोंसेकरीबन1200रोटियांएकत्रितहोजातीहैं।बृहस्पतिवारकोदोपहरएकबजेलंगरशुरूकरदियाजाताहै,जोकरीबनतीनबजेतकजारीरहताहै।इसलंगरमेंअस्पतालमेंपहुंचनेवालेगरीबभीशामिलहोतेहैं।

शिमलाकेकैंसरअस्पतालसेमिलीसीख

ईस्माइपुरकेबलवानसिंहनेबतायाकिवेएकबारशिमलाकेकैंसरअस्पतालमेंगएथे।वहांपरदेखाकिएकव्यक्तिस्कूलोंसेरोटियांइकट्ठीकरलाताहैऔरवहांआचारकेसाथअस्पतालमेंरोटियांबांटताथा।बलवानसिंहनेबतायाकिस्कूलकेप्रिसिपलकाउन्हेंइतनासहयोगमिलताहैकिउन्हेंसिविलअस्पतालमेंलंगरलगानेकेलिएबृहस्पतिवारकोछुट्टीमिलतीहै।

-लंगरकेबादसफाईभीखुदकरते

उन्होंनेबतायाकिलंगरलगानेसेपहलेवेसिविलअस्पतालकेअधिकारियोंसेमिलीथे।जहांउन्हेंलंगरलगानेकेलिएअनुमतिनहींमिलरहीथी।उन्होंनेवजहजानी।उन्हेंबतायागयाकिलंगरकेबादअस्पतालपरिसरमेंगंदगीफैलादीजातीहै।इसपरउन्होंनेलंगरकेबादगंदगीनफैलानेकावादाकिया।अबवहलंगरलगानेवालेदिनअपनेसाथखालीथैलालेकरआतेहैं,इतनाहीनहींएकसेवादारसिर्फसफाईकाख्यालरखताहै।इसकारणलंगरकेबादगंदगीभीनहींफैलती।

By Farrell