संजीवबिट्टू,बरनाला:हरवर्षजूनमहीनेकेतीसरेरविवारकोअंतरराष्ट्रीयपितृदिवसमनायाजाताहै।इसीकड़ीमेंशहरकेलोगोंनेइसेमनानेकेउद्देश्यसेपिताकेप्यार,समर्पणऔरकर्तव्यनिर्वहनकेप्रतिआभारप्रकटकिया।इसदौरानबच्चोंनेअपनेपिताकोउनकीपसंदकेगिफ्टदिएऔरपरिवारकेसाथमिलकरपिताकेसम्मानमेंकेककाटा।वहींस्कूलोंकेबच्चोंनेअपनेपिताकोग्रीटिगदेकरपिताकोउनकेसंघर्षवसमर्पणकेलिएआभारव्यक्तकिया।हालांकिरविवारकोकोरोनाकेकारणनियमोंकेतहतडीसीकेआदेशपरसबबंदरहा,परंतुकईलोगोंनेएडवांसहीइसदिवसकीतैयारीकररखीथी।

बच्चोंकाकहनाथाकिमाता-पिताएकदूसरेकेपूरकहोतेहैं।जिसतरहमांअपनेबच्चेकीदेखभालनि:स्वार्थभावसेकरतीहैं।उसीप्रकारपितापूरेपरिवारकेपालन-पोषणकीजिम्मेवारियोंकानिष्ठापूर्वकनिर्वहनकरतेहैं।माता-पिताकेप्यारमेंकभीकोईकमीनहींआतीहै।पितापरिवारकेआधारस्तंभहोतेहैं,जोअपनेबच्चेकेलिएगुरुऔरदोस्तदोनोंहोतेहैं।जहांमाताबच्चेकोलाड़-प्यारकरतीहै,तोपिताबच्चेकोअनुशासनमेंरहनासिखातेहैं,उन्हेंजीवनकामार्गप्रदर्शितकरतेहैं।उन्हेंजीवनकेमूल्योंसेअवगतकरवातेहैं।पिताछायारूपमेंबच्चेसेप्रेमकरतेहैं,जोदिखाईनहींदेताहै,बल्किअहसासहोताहै।

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By Edwards