जौनपुर:उनकाकोईगुनाहनहींहै,लेकिनबचपनबीतरहाहैजेलकीदीवारोंकेभीतर।जिलाकारागारमेंफिलहालछहवर्षसेकमआयुकेऐसे12बच्चेहैं।जेलप्रशासनअपनेमैनुअलकेहिसाबसेइनकेखान-पान,मनोरंजन,शिक्षाआदिकापूराख्यालरखताहै।इनकीमाताएंहीनहीं,जेलकीअन्यमहिलाबंदीभीइनपरअपनावात्सल्यलुटातीहैं।कोईपढ़ातीहैतोकोईसाथखेलतीहै।

जिलाकारागारमेंनिरुद्धलगभग1100बंदियोंमें64महिलाएंहैं।अधिकतरदहेजसंबंधीमामलोंमेंविचाराधीनयासजायाफ्ताहैं।कुछपरहत्याजैसेसंगीनअपराधकाआरोपभीहै।इन्हींमेंसेनौमहिलाओंसंगउनके12बच्चेभीहैं।इनमेंसातबालिकाएंवपांचबालकहैं।सबसेबड़ीबच्चीकरीबसाढ़ेछहवर्षकीहै।एकबच्चामहजतीनमाहकाहै।येबच्चेजेलपरिसरकोहीअपनाघर-आंगनमानकरपल-बढ़रहेहैं।शिक्षाकारखाजाताहैपूराध्यान

जेलप्रशासनमांकेसाथनिरुद्धइनबच्चोंकीपढ़ाई-लिखाईकापूराख्यालरखताहै।प्रदीपअस्थानाजेलप्रशासनकीओरसेनियुक्तशिक्षाध्यापकहैं।उन्होंनेकुछउच्चशिक्षितमहिलाबंदियोंकोपढ़ाने-लिखानेकीट्रेनिगदीहै।वहबच्चोंकेसाथघुल-मिलकरनसिर्फपढ़ाती-लिखातीहैं,बल्किखुदभीबच्चाबनकरखेलनेलगतीहैं।पहलेएकआंगनबाड़ीकार्यकर्तानियमितरूपसेबच्चोंकोपढ़ानेजेलमेंआतीथी,लेकिनकोरोनासंक्रमणकालमेंफिलहालउन्हेंरोकदियागयाहै।

मांकेसाथजेलमेंरहनेवालेबच्चोंकापूराख्यालरखाजाताहै।जेलमैनुअलकेहिसाबसेबच्चोंकोदूध,बिस्किट,दलियावमौसमीफलदिएजातेहैं।मनोरंजनकेलिएखिलौनेभीदिएजातेहैं।उनकीपढ़ाई-लिखाईकीभीव्यवस्थाकीजातीहै।

-एसकेपांडेय,अधीक्षकजिलाजेल