आजपूरादेशमदर्स-डेसेलिब्रेटकररहाहै।आजमदर्स-डेस्पेशलमेंहमआपकेसामनेगोरखपुरकीएकऐसीहीमांकीकहानीलेकरआएंहैं,जिसकेसंघर्षोंऔरपसीनेकोबेटीनेअपनीमेहनतकीभट्टीमेंपकाकरसोनेमेंबदलदिया।यहकहानीहै12सालकीआदित्यायादवकी,जिसनेब्राजीलडेफओलंपिकमेंबैडमिंटनमेंभारतकोपहलागोल्डभीदिलायाहै।आदित्याकोकामयाबबनानेमेंउनकीमांअंकुरयादवकाअहमरोलहै।आदित्याकीमांअंकुरकीजुबानीजानतेहैंउनकेसंघर्षकीकहानी...

मांनेइशारोंकोसमझाऔरआसानकरदियाबेटीकासफर

गोरखपुरकेशाहपुरइलाकेकेबिछियाकॉलोनीकेरहनेवालेदिग्विजययादवऔरअंकुरयादवकीबेटीआदित्याजन्मकेबादसुन-बोलनहींसकतीथी।इसहालमेंउसकीपरवरिशकरउसेअपनेपैरौंपरखड़ेहोनेलायकबनानापरिवारकेलिएकिसीचैलेंजसेकमनहींथा।बड़ीहुईतोपरिवारकेसभीबच्चेस्कूलजानेलगे,लेकिनकोईस्कूलआदित्याकाएडमिशनलेनेकोतैयारनहींथा।मूकबधिरस्कूलोंमेंपरिवारउसेभेजनानहींचाहताथा।

तबमैंनेउसकेदिलकीहरबातकोइशारोंमेंसमझाऔरउसेउसकेहीढंगसेइशारोंसेसमझाकरउसकीहरमुश्किलआसानकीथी।पहलेखुदमूक​बधिरइशारोंकोसमझनाशुरूकियाऔरफिरइशारोंसेहीबेटीकोबेसिकशिक्षादेकरघरपरहीपढ़ाया।बादमेंउसकाटैलेंटदेखकरसामान्यस्कूलनेउसेएडमिशनदिया।अबवहआठवींकक्षामेंरेलवेकेस्कूलमेंपढ़तीहै।

आजउसबेटीनेभारतकीझोलीमेंगोल्डडालकरपूरेदेशमेंअपनानामरोशनकरदियाहै।जीतकेबादआदित्यानेसबसेपहलेमुझेथैंक्यूकहा।यहदेखकरमेरीआंखेंनमहोगईं।

इशारेबनेसंवादकाजरिया

आदित्याकीमांअंकुरबतातीहैंकिजन्मकेदोसालबादउन्हेंपताचलाथाकिआदित्यासुन-बोलनहींसकतीहै।तबमैंनेखुदकोआदित्याकेरंगमेंढाला।आदित्याकोकबकिसचीजकीजरूरतहै,उसकेइशारेसमझनेलगीं।घरपरहीउसेस्कूलीशिक्षादेनेकेसाथहीउसेसशक्तबनाया।पढ़ाईसेलेकरस्पोर्ट्सतकमेंउसकेसाथजुटगई।

हमसामान्यपरिवारसेहै।पतिदिग्विजययादवगोरखपुरमेंरेलवेकर्मचारीहैं।वहखुदभीबैडमिंटनकेकोचहैं।ऐसेमेंउन्होंनेबेटीकोबैडमिंटनकीट्रेनिंगदेनीशुरूकी।पिताकोर्टमेंऔरमांघरपरउसेखेलकीबारीकियांइशारेमेंसमझातीं।महज4सालकीउम्रमेंहीआदित्याबैडमिंटनकेवोशॉटलगानेलगी,जोकिबड़े-बड़ेखिलाड़ीभीलगानेमेंसोचतेहैं।

आदित्यानेदससालकीउम्रमेंचाइनामेंआयोजितवर्ल्डचैंपियनशिपमेंअपनेटैलेंटकालोहामनवायाथा।वहजबदिल्लीमेंएकटूर्नामेंटमेंखेलरहीथीं,तबबैंडमिंटनखिलाड़ीपीवीसिंधूभीउनकागेमदेखकरदंगरहगईंथीं।पीवीसिंधूनेउनसेबातकरकेकहाकिआदित्याकागेमअच्छाहै,इसेआगेलेजाइए।कोईदिक्कतहोतोहमेंबताइएगा।पीवीसिंधूनेआदित्याकोकईअच्छेटिप्सभीदिएथे।

स्कूलनजानेपररोतीथीआदित्या

मांअंकुरनेबतायाकिजबउसकीबहनपल्लवीऔरभाईअविरलस्कूलजातेथे,तबवोबहुतरोतीथी।उदासहोकरअकेलेबैठजातीथी।मैंभीउसकोरोताहुआदेखउसकेलिएकुछनहींकरसकतीथी।आदित्यास्पेशलचाइल्डथी,वोभाईबहनकेसाथस्कूलमेंपढ़नहींसकतीथी।उसकामूक-बधिरस्कूलमेंहीएडमिशनहोसकताथा।तबमैंनेउसकेसाथबैठकरउसेहंसानाशुरूकिया।

हमलोगयहसोचकररोतेथेकिइसबच्चीकाक्याहोगा?आस-पासकेबच्चेभीउसेचिढ़ातेथे।उसकीपढ़ाईसेलेकरसमाजकेसभीचैलेंजोंकोस्वीकारकिया।कड़ीमेहतनकाहीनजीजाआजयहहैकिपूरेदेशमेंआदित्यानेअपनेनामकाडंकाबजादिया।

आदित्याकोबेहदपसंदहैखीर

आदित्याकोखीर,पूडीऔरपराठाबहुतपंसदहै।वहजबभीनाराजहोतीथी,तबमैंउसकेलिएखीरबनातीथी,जिसेखाकरफौरनआदित्याखुशहोजाती।आदित्याकोऔरबच्चोंसेअलगरहनेकीबातसोचकरमैंबहुतपरेशनारहतीथी।मैंहीउससमयउसकीसबसेअच्छीदोस्तभीथी।

इशारेसेजबवोकुछबतातीथी,तबउसेमैंसमझाकरशांतकरदेतीथी।ब्राजीलमेंजीतकेबादआदित्यानेवीडियोकॉलकरइशारेसेबोलाकियहांपरउसेपूड़ी,पराठानहींमिलरहाहै।फिरमैंनेउसेसमझायाकिवोजबघरआएगीतोउसकेलिएखीर,पूड़ीऔरपराठापहलेसेबनाकररखूंगी।

गोरखपुरमेंबनेस्पेशलबच्चोंकेलिएस्कूल

पिछलेदोसालसेआदित्यानेकोईसंडेनहींमनाया।कोरोनाकालमेंभीघरमेंदीवारपरप्रैक्टिसकरतीथीं।उसदौरानफिटनेसपरपूराध्यानदिया।मैंऔरआदित्याजिनपरेशानियोंसेगुजरीहूं,उससेकोईऔरपरेशाननहो।इसकेलिएगोरखपुरमेंस्पेशलबच्चोंकेलिएएकस्कूलसरकारकोबनानाचाहिए।

By Edwards