केपटाउन(अरविंदचतुर्वेदी)।केवलप्रतिभाकेबूतेहीभारतीयअपनेसपनोंकोपंखनहींलगारहेहैं,हुनरऔरलगनकीदोहरीताकतभारतवंशियोंकीवैश्विकपहचानगढ़नेमेंमददगारहोरहीहै।दक्षिणअफ्रीकामेंइसीकेचलतेरेस्तरांउद्योगमेंभारतीयोंकापरचमलहरारहाहै।यहांनकेवलहरतरहकेभारतीयव्यंजनपरोसेजातेहैंबल्किस्थानीयव्यंजनोंकालुत्फउठानेकेलिएभीलोगइन्हींरेस्तरांकारुखकररहेहैं।गुजरातमेंजन्मेऔरमुंबईमेंपले-बढ़ेअजीतकपाड़ियाऐसेहीनामहैंजोआजअफ्रीकामहाद्वीपकेसबसेदक्षिणमेंस्थितइसदेशमेंरेस्तरांउद्योगकेसिरमौरबनेबैठेहैं।

अजीतशुरुआतमेंकपड़ोंकेव्यवसायसेजुड़ेथे,लेकिनधंधेसेसंतुष्टनहींहुए।इसीबीच1979मेंदक्षिणअफ्रीकाआनाहुआतोयहांरेस्तरांमेंभारतीयभोजनकीगैरमौजूदगीबहुतअखरी।भारतीयोंकोमनपसंदभोजनकरानेकेलिएयहींरुकगए।यहांडरबनमेंसर्वाधिकभारतीयरहतेहैंलिहाजाकारोबारकीशुरुआतकेलिएइसीशहरकोचुना।आजदेशमेंइनकेआधादर्जनरेस्तरांचलरहेहैं।केपटाउनमेंटाउनहालसेसेलगीमशहूरलांगस्ट्रीटपरभीइनकाएकरेस्तरांहै।माईफेवरेटनामकइसरेस्तरांमेंभारतकीसभीडिशपरोसीजातीहैं।देशकेकिसीभीकोनेसेआयापर्यटकअपनीपसंदकेखानेकोलेकरयहांनिराशनहींहोता।सैकड़ोंदक्षिणअफ्रीकीयुवाआजअजीतकेयहांनौकरीकररहेहैं।

बड़ातबका:दक्षिणअफ्रीकाकीआबादीसाढ़ेपांचकरोड़है।करीब12लाखभारतवंशीयहांरहतेहैं।इसलिहाजसेइसतबकेकोमामूलीनहींसमझाजासकता।अजीतबतातेहैंकिएकजमानाथाकिदुनियाकेअगरकिसीदेशमेंसर्वाधिकभारतीयरहतेथेतोवहदक्षिणअफ्रीकाहीथा।भारतीयोंकेलिएदक्षिणअफ्रीकाकाफीभाग्यशालीभीरहाहै।मोहनदासकरमचंदयहांसाधारणसेवकीलथे,लेकिनयहांसेजबभारतपहुंचतेहैंतोबापूबनजातेहैं।

पसंदहैखानाखिलानाअजीतबतातेहैंकिआजभीभारतसेउनकानातापहलेकीतरहहीहै।आना-जानालगारहताहै।एकदमखांटीहिंदुस्तानीकीतरहहंसी-मजाककरतेहुएपहलीबारदेखकरलगताहीनहींकियहआदमीयहांरेस्तरांउद्योगकाकिंगहै।खानाखिलानाउनकीपसंदहै।कोईभारतीयपर्यटकदलजाताहैतोसाथमेंखुदबैठकरउसेखानाखिलातेहैं।भारतजातेहैंतोकिसीरेस्तरांकीकोईडिशपसंदआतीहैतोउसकेशेफकोअपनेसाथदक्षिणअफ्रीकालातेहैं।कच्चेमालकीउपलब्धताकेबारेमेंबतातेहैंकिकुछचीजेंयहांनहींमिलपातीहैंलिहाजाउन्हेंबाहरसेमंगानापड़ताहै।जैसेदक्षिणअफ्रीकामेंभिंडीकीगुणवत्ताबहुतहीखराबहोतीहै।बाकीअंतरराष्ट्रीयसब्जियांआसानीसेमिलजातीहैं।

-भारतसेआएपर्यटकोंकोमिलतेहैंपसंदीदाव्यंजन-सैकड़ोंदक्षिणअफ्रीकीयुवाओंकोभीमिलाहैरोजगार

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By Evans