भंडरा(लोहरदगा):भंडरामेंरथयात्राकामेलायहांपरखासमहत्वरखताहै।भंडरामेंऐतिहासिकरथयात्रामेंनौदिनोंतकलगनेवालेमेलेमेंलोगदूर-दूरसेपहुंचतेहैं।दशकोंसेयहपरंपरानिभाईजारहीहै।भंडरामेंलगनेवालेऐतिहासिकरथयात्रामेलाकीतैयारियांभीशुरूहोचुकीहै।राज्यकेविभिन्नजिलोंकेअलावेदूसरेराज्योंसेभीव्यापारीमेलामेंअपनीदुकानलगानेकेलिएपहुंचनेलगेहैं।भंडरामेंलगनेवालेमेलेकीखासबातयहहैकियहांमेलामेहमाननवाजीकाभीएककारणबनताहै।अमूमनहरघरमेंमेलाकेदौरानउनकेरिश्तेदारोंकाआनाहोताहै।मिलना-मिलानाऔरमेलाकेबहानेआनंदकेउत्सवमेंशामिलहोनायहांकीपरंपरारहीहै।इसकेलिएसभीग्रामीणपरिवारखासतैयारीभीकरतेहैं।घरकेरंग-रोगनकेअलावेसजाने-संवारनेऔरव्यंजनोंकीखासतैयारीहोतीहै।रथमेलामेंभगवानजगनाथ,बलभद्रऔरसुभद्राकोधामसेमौसीबाड़ीपहुंचानेकोलेकरएकप्रकारसेभक्तलालायितनजरआतेहैं।रथकोतैयारकरनेकाकामभीप्रारंभहोचुकाहै।मेलामेंमीनाबाजार,मौतकाकुआं,सर्कस,ड्रैगनझूलासहितमनोरजनकेअन्यसाधनोंकोस्थापितकरनेकोलेकरकामप्रारंभहोचुकाहै।मेलेमेंझारखंडकेअलावेबिहार,बंगाल,यूपी,छत्तीसगढ़केव्यापारीभीदुकानलगानेपहुंचतेहैं।

By Duncan