कौशांबी:मंझनपुरतहसीलकेसरसवांस्थितकस्तूरबागांधीआवासीयबालिकाविद्यालयमेंछात्राओंकोभरपेटभोजननहींमिलरहा।इसकोलेकरविभागीयअधिकारियोंसेशिकायतभीकीगई,लेकिनकार्रवाईनहींकीजारहीहै।शामहोतेहीकईअभिभावकबच्चियोंकोविद्यालयसेघरबुलालेजातेहैं।बेसिकशिक्षाअधिकारीभीइससेखुदकोअंजानबतारहेहैं।

ग्रामीणक्षेत्रकीबालिकाओंकोबेहतरशिक्षामिलसके।इसकेलिएप्रदेशसरकारनेकस्तूरबागांधीआवासीयविद्यालयब्लाकस्तरपरखोलेगएथे।इनविद्यालयोंमेंछात्राओंकोबेहतरभोजनकेसाथहीअन्यआवासीयसुविधादिएजानेकाप्रावधानहै,लेकिनसरसवांबीआरसीपरिसरस्थितकस्तूरबागांधीआवासीयविद्यालयकीस्थितदयनीयहै।यहांकीबच्चियोंकोभरपेटभोजननहींदियाजारहाहै।इसलिएकईबच्चियांपढ़नेकेलिएतोआतीहैंऔरशामकोअपनेघरचलीजातीहैं।बच्चियोंनेबतायाकिविद्यालयमेंराशननहींहै।उनकोयहांखानानहींमिलताहैइसलिएवहघरचलीजातीहैं।विभागीयआंकड़ोंकीमानेतोअगस्तमाहमेंठेकेदारनेकेवलदसदिनोंकोराशनदिया।सितंबरमेंराशननहींदियाऔर12अक्टूबरकोविद्यालयमेंमात्रदसदिनकाराशनदिया।उसकेबादसेअबतककिसीप्रकारकीआपूर्तिनहींकीगई।जिसकारणवहांरहनेवालीछात्राओंकेसामनेभोजनकासंकटखड़ाहोगयाहै।इससमस्याकोलेकरविद्यालयकीओरसेखंडशिक्षाअधिकारीकेसाथहीबेसिकशिक्षाअधिकारीकोजानकारीदीगई।राशननमिलनेकेकारणछात्राओंकोमात्रचावलवदालसेहीगुजाराकरनापड़ारहा।विद्यालयमेंकक्षाछहमें45,सातमें33वआठमें22छात्राएंहैं।भोजननमिलनेकेकारणइसमेंआधीछात्राएंवापसचलीजातीहैं।

क्याकहतेहैजिम्मेदार

-विद्यालयमेंकईमाहसेराशननहींमिला।जिसकेकारणसमस्याहोरही।जोभीराशनबचाहै।उसकोछात्राओंकोदियाजारहाहै।कुछछात्राएंअपनेघरजरूरचलीजातीहै।

-नीलूयादव,वार्डनकस्तूरबागांधीआवासीयविद्यालय

-विद्यालयमेंराशननहींहै,जिसकेकारणउनकोदालचावलखानापड़रहाहै।इसमामलेकीजानकारीनहींहै।विद्यालयकीओरसेभीयहजानकारीनहींदीगई।यदिऐसाहैतोयहगंभीरप्रकरणहै।इसकीजांचकराईजाएगी।राशननहींदियागयातोठेकेदारपरभीकार्रवाईहोगी।

-एमआरस्वामी,बीएसएकौशांबी

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