बगहा।दैनिकजागरणकाअभियानजोउपजाएअन्नवोक्योंनाहोसंपन्नरथरविवारकोबिहारयूपीसीमापरअवस्थितठकरहाप्रखंडमेंपहुंचा।प्रखंडपरिसरमेंसैकड़ोंकीसंख्यामेंउपस्थितकिसानोंनेरथकाजोरदारस्वागतकिया।यहांकेकिसानइसवजहसेउत्साहितहैकिअबतकइनकीव्यथासुननेकेलिएकोईनहींआयाहै।पहलीबारकोईअखबारसमूहकिसानोंकीपीड़ासेरूबरूहोनेकेलिएइससुदूरभर्तीक्षेत्रमेंपहुंचाहै।बिहारीहोनेकेकारणसदैवउत्तरप्रदेशकेमार्केटअपमानितहोनेवालेकिसानोंनेकहाकिहमेंबिहारीहोनेकादुखहै।

किसानोंनेकहाकिजिलाऔरअनुमंडलमुख्यालयसेकोसोंदूरहोनेकेकारणयहांसरकारीयोजनाएंपहुंचतेपहुंचतेसुखजातीहैं।किसानोंकोकिसीभीयोजनाकालाभसमयसेनहींमिलताहै।पहलेजिसहालतमेंकिसानयहांथे,आजभीउसीहालतमेंहैं।आवागमनकासाधननहींहोनेकेकारणकिसानोंकीयहदुर्दशाहै।

उत्तरप्रदेशपरनिर्भरहैंकिसानबिहारकेखेतोंमेंअन्नऊपजातेहैं,लेकिनबीजउत्तरप्रदेशकाहोताहै।अन्नऊपजानेकेबादबेचनेकेलिएउत्तरप्रदेशहीजानापड़ताहै।उत्तरप्रदेशमेंबिहारीकिसानोंकाबेहदअपमानहोताहै।अभीगन्नाकासीजनहै।बिहारकीचीनीमिलयहांकेकिसानोंकीगन्नाखरीदनेकोतैयारनहींहै।मजबूरीमेंगन्नेकीआपूर्तियूपीकेचीनीमिलोंमेंकररहेहैं।बनियोंसेमिलेमुक्तितोकिसानहोंगेखुशहालकिसानमहासमागममेंप्रभुयादवनेकहाकिकिसानोंकेपासअभीधानमौजूदहै।सरकारकीओरसेधानखरीदकीतिथिभीनिर्धारितकीजाचुकीहै।लेकिनअभीतककहींभीधानकीखरीदआरंभनहींहै।किसानधानबेचनेकोलेकरबेचैनहैं।सरकारकीघोषणाहवाहवाईहै।छोटेकिसानमारेजारहेहैं।क्योंकिइनकेपासमजबूरीहै।इन्हेंअपनाधानबेचनाजरूरीहै।ऐसेमेंयहविवशहोकरओनेपौनेदामपरबनियोंकोअपनाधानबेचरहेहैं।वहबनियाधानकाभंडारणकरेगा।फिरजबपैक्सोंमेंसरकारीदरपरधानकीखरीदहोगीतोबनियाकेधानसेपैक्सकागोदामभरजाएगा।यहहैसरकारकीधानक्रयकीव्यवस्था।दैनिकजागरणसेजगीउम्मीदकिसानोंनेकहाकिअबतकहमारीव्यथाकोसुननेकेलिएकोईनहींआया।जनप्रतिनिधितोसिर्फवोटकेवक्तआतेहैं।वोटलिया,चुनावजीतेऔरफिर5वर्षकेबादउनकेदर्शनहोतेहैं।ऐसेमेंएकअखबारसमूहअगरकिसानोंकीपीड़ाकोजाननेकेलिएकदमउठायाहैतोनिश्चितरूपसेकिसानोंकोइसकालाभमिलेगा।महासमागममेंउपस्थितसभीकिसानोंनेएकस्वरमेंदैनिकजागरणकेइसअभियानकीसराहनाकी।बोलेकिसान:जनप्रतिनिधियोंकीउपेक्षाकेकारणइसप्रखंडकेकिसानोंकायहहालहै।यहांजनप्रतिनिधिसिर्फवोटलेनेकेलिएआतेहैं।वोटलेनेकेबादपांचवर्षतकउनकेदर्शननहींहोते।कहनेकेलिएतोयहबिहारकाप्रखंडहै।लेकिनयहांकेहरलोगयूपीकेभरोसे¨जदाहैं।

--मनोजयादव,किसानफिलहालगन्नाकिसानोंकीसमस्यासबसेज्वलंतहै।आजसरकारनेगन्नेकामूल्यनिर्धारितनहींकियाहै।इसकासीधालाभमिलमालिकोंकोहोरहाहै।मूल्यनिर्धारणकाबहानाबनाकरमिलप्रबंधनभुगतानसेकन्नीकाटरहेहैं।किसानकर्जकेबोझतलेदबतेजारहेहैं।

--हीराराम,किसानजोकिसानदेशकापेटभररहेहैंवेहीहमेशासबसेबड़ीसमस्याबनेरहतेहैं।किसानोंकोउनकेअपनेमेहनतसेउगाईगईफसलकामूल्यनिर्धारितकरनेकाअधिकारनहींहै।इसव्यवस्थामेंभीदूसरोंकीगलतीकाखामियाजाकिसानोंकोभुगतनापड़ताहै।

--सतेंद्रतिवारी,किसानएकतरफबोवाईकासमयनिकलताजारहाहैदूसरीतरफगेहूंबीजकाकहींपतानहींहै।सरकारसिर्फघोषणाएंकरतीहै,दावोंकेबीचजमीनीहकीकतकुछऔरहीहै।गन्नालगानेवालेकिसानपर्चीनहींमिलनेसेपरेशानहैं।समयसेगन्नानहींगिरातोफिरगेहूंकीबोवाईकैसेहोगी।

--उमादेवी,किसान

By Douglas