जागरणसंवाददाता,बागेश्वर:राजकीयइंटरकॉलेजकाफलीगैरमेशिक्षकोंकीकमीसेपठन-पाठनप्रभावितहोरहाहै।45सालपुरानेइसविद्यालयमेंक्षेत्रके500सेअधिकविद्यार्थीअध्ययनरतहैंलेकिनशासनकीअस्पष्टनीतिसेपढ़ाईपरअसरपड़रहाहै।जिसकाखामियाजाक्षेत्रकेनौनिहालभुगतनेकोमजबूरहैं।

विद्यालयकीस्थापनासन1972मेंहुईलेकिनविद्यालयआजतकविभिन्नसमस्याओंसेघिराहुआहै।विद्यालयमेंशासनसेएलटीके11पदसृजितहैं,जिसमेंपांचपदखालीचलरहेहैं।प्रवक्तास्तरपरनौपदसृजितहैंजिसमेंसेचारपदरिक्तहैं।इंटरमीडिएटस्तरपरभौतिकविज्ञान,जीवविज्ञान,संस्कृत,राजनीतिशास्त्रकेशिक्षकनहींमौजूदहैं।वहींएलटीपदपरगणित,विज्ञान,अंग्रेजी,कलाकेशिक्षकनहींहै।विद्यालयमेंइतिहासकाविषयहोनेकेबादभीइतिहासकेशिक्षककापदसृजितहीनहींहै।जिसकारणबच्चोंकाभविष्यअंधकारमयबनाहुआहै।विद्यालयमेंइंटरतककीकक्षाएंअभीतकजूनियरहाईस्कूलकेभवनमेंहीसंचालितहैं।कईबारमांगकरनेकेबावजूदनतोभवनकीसुविधादीजारहीहैऔरनहीबच्चोंकेबैठनेकेलिएफर्नीचरकीव्यवस्थाहै।पीटीएअध्यक्षठाकुर¨सहरौतेला,गीतादेवी,भूपाल¨सहरौतेला,पूर्वपीटीएअध्यक्षललितारौतेलाआदिनेसभीसमस्याओंकेनिराकरणकीमांगकीहै।