सहरसा।बनगांवकेइतिहासमेंएकऔरस्वर्णिमअध्यायजुड़गया।बनगांवकेलालमुकुलसबलेफ्टीनेंटबनगएहैं।

मुकुलरंजनसिविलसेवाकीपरीक्षालिखकरइंडियननेवलअकादमीज्वाइनकिया।शनिवारकोउनकीट्रेनिगपूरीहुईऔरवोलेफ्टिनेंटबनगएहैं।उनकीइसउपलब्धिपरजहांपरिवारवालोंकोगर्वहैवहींगांववालेभीहर्षजतारहेहैं।मुकुलबतातेहैंकिउनकेदादापितांबरझाकोसीप्रोजेक्टमें‌र्क्लकथेऔरनानाजीस्व.उग्रानंदचौधरीहेडमास्टरथे।मुकुलनेअपनेदादाऔरनानासेप्रेरणापाकरजीवनमेंकुछअच्छाकरनेकीसोची।इसीप्रेरणाश्रोतकेसाथमुकुलशुरूसेहीएकध्येयऔरलगनकेसाथपढ़ाईकरतेरहे।दसवींबोर्डपरीक्षामेंभीमुकुलको9.6सीजीपीएआयाउसकेबादबारहवींमें89.33प्रतिशतअंकमिले।उन्होंनेअपनीप्रारंभिकशिक्षाझारखंडसेहीपूरीकी।उसकेबादसिविलसेवाकीपरीक्षादेकरइंडियननेवलअकादमीज्वाइनकिया।यहांसेउनकाबीटेकऔरट्रेनिगदोनोंसाथमेंहुआ।13जूनकोउनकीट्रेनिगपूरीहोगयी।मुकुलकोपासिगआउटकेदौरान''मोस्टइम्प्रूडइंडियननेवलअकादमीकैडेट''केखिताबसेनवाजागया।मुकुलनेकहाकिआजसेउनकेकंधोंपरपरिवारकेसाथ-साथदेशकेप्रतिभीएकजिम्मेदारीबढ़गईहैऔरवोउसेहरहालमेंपूराकरतेरहेंगे।मुकुलकीसफलतापरनानीज्योतिदेवी,मांरंजनाकुमारी,पितारंजनकुमारझाऔरबड़ेभाईगंधर्वबेहदखुशहैं।

By Dunn