BrihaspatiRashiParivartan:नवंबरकामहीनाग्रहोंकीस्थितिमेंभारीफेरबदलवालारहाहै।इसीक्रममेंअबबारीहैगुरुकेराशिपरिवर्तनकी।गुरु20नवंबरकोशनिकीराशिमकरमेंप्रवेशकरेंगे।वहींशनिइसराशिमेंपहलेसेहैं।गुरुकेआनेकेबाददोनोंग्रहोंकाअद्भुतसंयोगहोगा।ज्योतिषाचार्यअनीषव्यासनेबतायाकिदेवगुरुबृहस्पति20नवंबरकोदोपहरकरीब1:30परअपनीहीराशिसेनिकलकरमकरमेंमेंप्रवेशकरेंगे।मकरराशिमेंपहलेसेहीशनिहै।अब20नवम्बरसेलेकर6अप्रैल2021तकगुरुऔरशनिमकरराशिमेंरहेंगे।शनिकाअपनीहीराशिमेंहोनाऔरउसकेसाथगुरुकाहोनानीचभंगराजयोगबनारहाहै।ग्रहोंकीयेयुतिबड़ेबदलावकेसंकेतदेरहीहै।इसराशिमेंबृहस्पतिबहुतकमजोरहोतेहैं।गुरुअर्थातबृहस्पतिकोजीवनसाथीकेसुख,धर्म,संतान,विद्या,बडे़भाई,सोना,ज्योतिषआदिकाकारकमानाजाताहै।गुरुऔरशनिकायहमिलनकुछराशियोंकेलिएशुभफलदायीहोगातोकुछराशियोंकोइसपरिवर्तनकेबादसावधानरहनेकीजरूरतहै।

विश्वविख्यातभविष्यवक्ताऔरकुण्डलीविश्ल़ेषकअनीषव्यासनेबतायाकिज्योतिषकीनजरमेंगुरुऔरशनिकाआपसमेंकोईवैरसंबंधनहींमानाजाता।गुरुऔरशनिदोनोंएकदूसरेकेप्रतिसमसंबंधरखतेहैं।इससेपहलेइसीसालबृहस्पति30मार्चसे30जूनतकमकरराशिमेंशनिकेसाथथाऔरउससेपहलेऐसा1961मेंहुआथा।मकरराशिशनिदेवकीराशिहैऔरशनिस्वयंवर्तमानसमयमेंइसीराशिपरगोचरकररहेहैंअतःवृहस्पतिकेआजानेसेशनिऔरगुरुकीएकसाथयुतिफलितज्योतिषमेंअप्रत्याशितपरिणामदिलानेवालीसिद्धहोगी।वक्री-मार्गीअवस्थामेंगोचरकरतेहुएगुरुमकरराशिमें20नवंबर2021कीरात्रि11बजकर17मिनटतकरहेंगे।उसकेबादकुंभराशिमेंप्रवेशकरजाएंगे।धनुऔरमीनराशिकेस्वामीगुरुकर्कराशिमेंउच्चराशिगतएवंमकरराशिमेंनीचराशिगतसंज्ञकहोतेहैं।

अपनीनीचराशिमेंआजानेकेबादबृहस्पतिअनिष्टफलतोनहींदेता,लेकिनउसकाशुभप्रभावकमहोजाताहै।बृहस्पतिकेराशिबदलनेकेकारणलंबेसमयसेप्रमोशनकाइंतजारकरनेवालेलोगोंकोस्थानपरिवर्तनकेसाथसुखदसंकेतभीमिलसकतेहैं।राजनीतिसेजुड़ेकुछलोगोंकोजनताकासहयोगमिलसकताहै।बुद्धिऔरज्ञानबढ़ेगा।कुछनयासीखनेकोमिलेगा।सेहतसंबंधीपरेशानियांभीकमहोसकतीहै।बृहस्पतिऔरशनिकीयुतिबननेसेन्यायमिलेगा।जॉब-बिजनेसऔरअन्यकईमामलोंमेंनिष्पक्षफैसलेभीहोनेकेयोगबनरहेहैं।इसकेअलावादेशकीराजनीतिमेंउथल-पुथलहोसकतीहै।आर्थिकस्थितियोंमेंभीअनचाहेबदलावहोसकतेहैं।वित्तीयव्यवस्थाभीडगमगासकतीहै।इससेपहलेभीजबगुरु-शनिमकरराशिमें1961और1902मेंकुछइसीतरहकीस्थितियांबनीथीं।गुरुकोधनऔरआर्थिकस्थितिकाकारकग्रहमानागयाहै।वहीं,शनिकष्ट,आपदाओंऔरकालकेकारकग्रहहैं।इसस्थितिमेंमकरराशिमेंदोनोंकाएकसाथहोनाप्राकृतिकआपदाओंऔरआर्थिकव्यवस्थाएंडगमगानेकेसंकेतदेरहाहै।

शिक्षाक्षेत्रमेंबदलाव:

ग्रहोंकीयुतिबननेसेमिलनकेचलतेहोनेवालीघटनाओंकेबारेमेंबतायाजारहाहैकिशनिवगुरुकामकरराशिमेंयुतिकाप्रभावलंबेसमयसेजोकानूनीमामलेलंबितपड़ेथे,उनकेफैसलेहोनेकीसंभावनाबनेगी।इससेसत्तामेंबदलावकायोगहै।देशकीअर्थव्यवस्थापरभीइसकाअसरपड़ेगा।शिक्षाक्षेत्रमेंकईतब्दीलियांदेखनेकोमिलेंगी।आईटीक्षेत्रमेंफिरसेउछालआनेलगेगा।सभीजातकोंकोआर्थिकस्थितिकोबेहतरबनाएरखनेकेलिएअपनेखर्चोंपरकाबूपानाहोगा।गुरुकागोचरकालमेघनकासंचयकरनेवालोकोलाभहै।

ज्ञान,कर्मऔरधनकेकारकहैगुरु:

बृहस्पतिकोशुभग्रहमानाजाताहै।इसकेप्रभावसेतरक्कीकेमौकेमिलतेहैं।येज्ञान,कर्म,धन,पुत्रऔरविवाहकाभीकारकमानाजाताहै।इसीग्रहकेप्रभावसेकुछलोगअध्यात्ममेंबहुतआगेबढ़जातेहैं।येग्रहज्ञानदेनेवालाहोताहै।मानाजाताहैकिदेवगुरुबृहस्पतिआध्यात्मिकज्ञानऔरबुद्धिकोप्रभावितकरताहै।जिसइंसानपरबृहस्पतिकाशुभप्रभावहोताहैउसेकिसीचीजकीकमीनहींरहती।ऐसाइंसानयशऔरसम्मानपाताहै।बृहस्पतिकेकारणदेशकेउत्तरीहिस्सोंमेंसीमासेजुड़ेमामलेयामहत्वपूर्णफैसलेहोसकतेहैं।मौसममेंठंडकबढ़सकतीहै।

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By Dyer