संवादसूत्र,मेदिनीनगर:चाचानेहरूएकयुगपुरूषथे।भारतकेविकासमेंउनकायोगदानभुलायानहींजासकता।वेबच्चोंकोबेहदप्यारकरतेथे।यहीकारणथाकिबच्चेउन्हेंचाचानेहरूकहकरपुकारतेथे।येबातेंस्थानीयचियांकीस्थितदगुरुकुलमइंटरनेशनलस्कूलकेनिदेशकगुरुवीरसिंहनेकही।वेगुरूकुलस्कूलपरिसरमेंआयोजितबालदिवसकार्यक्रममेंबोलरहेथे।उन्होंनेकहाकिआजकादिनबच्चोंकाहै।बच्चेकलकेभविष्यहैं।इनकापोषणवशिक्षणबेहतरढंगसेहोनाचाहिए।कईकविताओंवगीतसेसभीकोरोमांचितकिया।मौकेपरस्कूलकेनिदेशकगुरूवीरसिंहवप्रचार्यारुखसानासैफीनेबच्चोंकेबीचचाकलेटवकेकवितरितकिया।मौकेपरस्कूलकेसभीशिक्षकवशिक्षिकाएंमौजूदथे।

By Farmer