पूर्णिया।आस्थाएवंस्वच्छताकाप्रतीकमानाजानेवालाछठपर्वकेलिएमलिकपरिवारसूप-दौराबनानेमेंजुटगएहैं।बाजारमेंइसकीबिक्रीभीशुरूहोगईहै।इससंबंधमेंरूपौलीकेसंतोषमलिककहतेहैंकिअबलोगउन्हेंबासबिट्टीसेबासकाटनेनहींदेतेहैं।अबबांसखरीदनापड़ताहै।छठपर्वहीएकऐसापर्वहैजबअच्छीकमाईकाभरोसाहोताहै।लेकिनअबछठमेंलोगपीतलआदिधातुकासूपखरीदनेलगेहैं।जिससेउनकेव्यवसायपरखतराउत्पन्नहोगयाहै।पहलेकीतरहबिक्रीभीनहींहोतीहै।वेकहतेहैंकिअबजैसीस्थितिहोतीचलीजारहीहैकिइसपारंपरिकपेशासेलोगमुंहमोड़नेलगेहैंतथाबच्चोंकोआगेबढ़ानेकेलिएउनकीपढ़ाईपरविशेषध्यानदेनेलगेहैं।जबतकउनकेबच्चेपढ़ेंगेनहीं,उनकासमुचितविकाससंभवनहींहै।

By Farrell