संवादसहयोगी,कोंच:लोगोंमेंहोम्योपैथिकचिकित्साकेप्रतिबढ़तेरुझानकेबादभीहोम्योपैथिकअस्पतालोंमेंस्टाफकाटोटाहै।संसाधनउपलब्धनहींहोनेसेमरीजोंकोइसकालाभनहींमिलरहाहै।स्थितियहहैकितहसीलकेतीनअस्पतालोंमेंएकभीचिकित्सकमौजूदनहींहै।अस्पतालोंमेंदवाएंतोपर्याप्तहैंमरीजभीहैंपरंतुउपचारकेलिएचिकित्सकउपलब्धनहींहैं।

नगरकेमध्यपुरानेसंयुक्तचिकित्सालयमेंस्थितहोम्योपैथिकअस्पतालमेंप्रतिदिन70सेलेकर100मरीजअपनाउपचारकरानेकेलिएआतेहैं।हालांकिअस्पतालमेंएकवर्षसेचिकित्सककीतैनातीनहींहै।फार्मासिस्टहीमरीजोंकाउपचारकरतेहैं।इधर,अस्पतालमेंमरीजोंकीसंख्याबढ़रहीहै।सर्वाधिकमरीजचर्मरोगएवंवायरलफीवरकेपहुंचरहेहैं।ग्रामीणइलाकोंमेंखुलेअस्पतालोंकाहालतोऔरभीबुराहै।यहांतोफार्मासिस्टभीतैनातनहींहै।

महेशपुराकाअस्पतालहोचुकाहैबंद:तहसीलकेग्राममहेशपुरामेंस्थितहोम्योपैथिकअस्पतालतोस्टाफएवंचिकित्सककीकमीकेकारणबंदहोचुकाहै।ग्रामीणोंकोहोम्योपैथीचिकित्साकारत्तीभरलाभनहीमिलपारहाहै।यहीहालग्रामसामीएवंपहाड़गांवस्थितहोम्योपैथिकअस्पतालोंकाहै।यहअस्पतालभीचिकित्सकनहोनेकेकारणबंदपड़ेहैं।देखरेखकेअभावमेंअस्पतालोंकेभवनजर्जरहोतेजारहेहैं।

जनपदमेंहैचिकित्सककीकमी:नगरस्थितहोम्योपैथिकअस्पतालकेप्रभारीचीफफार्मासिस्टप्रहलाद¨सहबतातेहैंकिअस्पतालमेंहरमर्जकीदवाइयांउपलब्धहैं।मरीजोंकीसंख्याभीलगातारबढ़रहीहै।चिकित्सककीकमीपूरेजनपदमेंहै।21अस्पतालोंमेंमात्र7चिकित्सकहीमौजूदहैं।चिकित्सकोंकीतैनातीकेलिएशासनकोलिखाजाचुकाहै।