राज्यकेमेरिटोरियसस्कूलोंमेंखालीरहगईसीटोंकाअबक्याहोगा?सरकारनेजितनेबच्चोंकोइनस्कूलोंमेंदाखिलेकालक्ष्यरखाथा,वहउसकीहीढुलमुलशिक्षानीतिकेचलतेपूरानहींहोसकाहै।क्याइनस्कूलोंमेंइसीतरहहरसालसीटेंखालीरहतीरहेंगी?अगरऐसाहीहोनाहैतोक्याइनस्कूलोंमेंसीटेंघटादीजाएं?याफिरदसवींतककेस्कूलोंमेंपढ़ाईकास्तरऐसाहोकिअस्सीफीसदसेज्यादाअंकलेनेवालेबच्चोंमेंसेपर्याप्तसंख्यामेंमेरिटोरियसस्कूलोंमेंदाखिलालेसकें।जोभीहो,सरकारकोसोचनातोहोगाकियातोमेरिटोरियसस्कूलोंकाउसकाकांसेप्टसहीनहींहैयाफिरस्कूलोंमेंशिक्षाकीपद्धतिवस्तरयाफिरदाखिलापरीक्षाकापैटर्न।यहविचारइसलिएकरनाजरूरीहैक्योंकिहालहीमेंपंजाबस्कूलशिक्षाबोर्डसेदसवींकीकक्षामेंअस्सीप्रतिशतसेअधिकअंकलेकरमेरिटमेंआएबहुतसेविद्यार्थीमेरिटोरियसस्कूलोंकीप्रवेशपरीक्षाकोक्वालीफाईनहींकरपाएहैं।ऐसाकैसेहोसकताहैकिएकविद्यार्थीजिसनेदसवींकीपरीक्षामेंटॉपकियाहैवहमेरिटोरियसस्कूलकीपरीक्षामेंपचासप्रतिशतअंकभीहासिलनहींकरपाया।सरकारमेरिटोरियसस्कूलमेंप्रवेशकेलिएअस्सीफीसदसेज्यादाअंकलेनेवालेविद्यार्थियोंकेलिएपरीक्षाकाआयोजनकरतीहै।परीक्षामेंशर्तरखीगईथीकिबेशकपरीक्षामेंकिसीभीविषयमेंपासहोनेकेलिएअंकतैंतीसप्रतिशतहीहोंगेपरंतुस्कूलमेंप्रवेशकेलिएकुलआंकड़ापचासप्रतिशतसेज्यादाहोनाचाहिए।लेकिन4100सीटोंकेलिएपरीक्षामेंभागलेनेवाले4149विद्यार्थियोंमेंसेमात्र2658हीपचासप्रतिशतसेज्यादाअंकलेपाएजबकि2661विद्यार्थीपरीक्षाकोपासभीनहींकरपाए।ऐसीदशामेंपंजाबकेदसमेरिटोरियसस्कूलोंजालंधर,फिरोजपुर,एसएएसनगरमोहाली,लुधियाना,अमृतसर,पटियाला,संगरूर,बठिंडा,पटियालावतलवाड़ाकीकरीब1442सीटेंखालीरहगईहैं।यहांपररोचकतोयहहैकिमेरिटोरियसस्कूलोंमेंलड़कियोंकीतकरीबनसभीसीटेंभरगईंहैं।सबसेज्यादाखराबनतीजेसीमावर्तीक्षेत्रोंसेआनेवालेविद्यार्थियोंकेरहेहैं।विभागकोप्रवेशपरीक्षाकेआएनतीजोंपरगंभीरतासेचिंतन-मंथनकरनाचाहिए।जिनजिलोंमेंज्यादासीटेंखालीरहगईहैंवहांकेस्कूलोंमेंहोरहीपढ़ाईकाखासतौरपरनिरीक्षणवविश्लेषणकरनाहोगा।तभीकिसीनतीजेपरपहुंचाजासकेगा।यहकार्यशिक्षाविदोंकीकमेटीबनाकरउसेसौंपाजासकताहै।

[स्थानीयसंपादकीय:पंजाब ]