आगरा,जागरणसंवाददाता।राष्ट्रीयचंबलसेंक्चुरीमेंदुर्लभकछुओंकाकुनबाबढ़नेजारहाहै।इनदिनोंयहांहैचिगकासमयचलरहाहै।बड़ेहोनेपरबच्चोंकोनदीमेंछोड़दियाजाताहै।चंबलमेंलुप्तप्रायआठप्रजातियोंकेकछुओंकासंरक्षणहोरहाहै,जिनमेंसेसालकछुआकेवलचंबलनदीमेंहीपायाजाताहै।

सेंक्चुरीमेंदुर्लभप्रजातियोंकेजलीयजीवोंकासंरक्षणवर्ष1979सेकियाजारहाहै।देशकीअन्यनदियोंमेंप्रदूषणकेबढ़तेस्तरकेचलतेलुप्तहोरहीप्रजातियोंकेकछुओं,मगरमच्छ,घड़ियाल,गांगेयडाल्फिनकाकुनबायहांबढ़रहाहै।इससमयकछुओंकीहैचिगहोरहीहै।चंबलमेंसाल,बटागुर,धमोक,चौड़,मोरपंखी,कटहेवा,पचेड़ा,इंडियनस्टारआदिकछुएमिलतेहैं।इनमेंसेसालकछुआकेवलचंबलमेंहीमिलताहै।प्रदूषणकेचलतेअन्यनदियोंसेइसकाअस्तित्वमिटचुकाहै।रेंजरआरकेसिंहराठौरनेबतायाकिबाहसेइटावातकचंबलमेंकरीबछहहजारकछुएहैं।इनमेंसेबाहमेंही3500कछुएहैं।हैचिगकेबादइनकीसंख्यामेंऔरवृद्धिहोगी।

यहकछुएमिलतेहैंयहां

साल:इसनस्लकेकछुएकाबाहरीकवचकठोरऔरपूरीतरहअस्थियोंसेबनाहुआहोताहै।नरकछुएमादासेआकारमेंछोटेऔरआकर्षकहोतेहैं।यहस्वभावसेशर्मीलेवसरलहोतेहैं।सालकछुआशाकाहारीहोताहैऔरनदीवतालाबकीसड़ी-गलीवनस्पतिखाकरपानीसाफकरताहै।

मोरपंखी:इनकछुओंकाकवचमांसपेशियोंसेबनाहोनेकेकारणमुलायमहोताहै।नरकछुआमादासेआकारमेंबड़ाऔरस्वभावसेआक्रामकहोताहै।यहनदीवतालाबमेंमरेसड़े-गलेजीव-जंतुओंकोखातेहैंऔरजलस्वच्छकरतेहैं।

कटहेवा:इसकेकवचपरगोलेबनेहोतेहैं।यहकछुए94सेमी.तकबड़ेहोसकतेहैं।

पचेड़ा:इसकीआंखोंकेनीचेभूरेवलालरंगकीधारियांहोतीहैं।मादाकछुआपुरुषसेबड़ीहोतीहै।इनकाकवचटेंटकीतरहहोताहै।

इंडियनस्टार:यहभारत,पाकिस्तानऔरबांग्लादेशमेंपायाजाताहै।अन्यकछुओंकीअपेक्षायहसुंदरहोताहै।इसकेकवचपरचमकदारभालेकीतरहधारियांहोतीहैं,जोस्टारकीतरहदिखतीहैं।