नईदिल्ली,सीमाझा।आपदाकेचलतेबेतहाशाभागतीजिंदगीपरअचानकब्रेकलगातोकुछपलकेलिएलोग‘शून्य’मेंचलेगए।फिरपताचलाकियहदरअसल,अपनेअंतर्मनकीअनजानीयात्रपरनिकलजानाथा।ठहराववजीवनकीसार्थकताकीबातेंहोनेलगीं,लेकिनसंयमरखतेहुएसंकल्पकेसाथजबहमसबनेअपनेभीतरझांका,तोआपदाएकअवसरकेरूपमेंनजरआनेलगी।

हमारेसमृद्धपारंपरिकमूल्योंनेहमेंताकतदीऔरउत्साहकेसाथआगेबढ़नेकीराहदिखाई।अबतनहीनहीं,मनकीसेहतभीजीवनकेकेंद्रमेंहै।इनसबकेबीचइसशाश्वतसत्यकीपुष्टिभीहुईकिबड़ेसेबड़ेसंकटकेलिएआत्मबलसेबड़ाकुछनहीं।कोरोनासंकटकेकारणहरभारतीयकेलिएकिसतरहवर्ष2020आंतरिकखोजकावर्षसाबितहुआ,मनोविज्ञानियोंऔरअन्यविशेषज्ञोंसेबातचीत...

संवादबनाएरखनेसेमिलाबल

वर्तमानसमयकईअथोर्ंमेंयादरखाजाएगा।दरअसल,एकदमसेशारीरिकदूरीकीबाध्यताऔरवचरुअलस्पेसपरमौजूदगीकीमजबूरीनेव्यक्तिकेभीतरएकतरहकाबदलावपैदाकियाहै।इसमेंआत्मकेंद्रितहोनेकाखतराबढ़ाहै।अपनीचिंता,अपनेस्वास्थ्यकीचिंताकेंद्रमेंआगईहै,इसलिएलोगबचावकेलिएकईबारअव्यावहारिकप्रयासभीकरतेदिखेहैं।

जिंदगीनएरूपमेंढलरहीहै,जिसमेंपहलेजैसेसामाजिकसरोकारकीअनुपस्थितिहै।आपसीसंवादकाक्षरणहै,जिसकीभरपाईवचरुअलस्पेससेउसरूपमेंनहींहोरही।इटलीकेदार्शनिकजॉर्जियोअगंबेननेकोरोनापरअपनीरायजाहिरकरतेहुएएकमहत्वपूर्णबातकहीहै।वहकहतेहैं,‘लगताहैकिहमारासमाजऐसाहै,जिसकेपासअपनेकोजिंदारखनेकेसिवाऔरकोईमूल्यनहींहै।लगताहैहमसिर्फ‘बेयरलाइफ’(मात्रजीवन)मेंविश्वासकरनेलगेहैं,औरकिसीचीजमेंनहीं।

वहआगेकहतेहैंकिहमइसभयमेंअपनेसहजजीवनकेसभीमूल्ययथामित्रता,सामाजिकसंबंध,काम,स्नेह,धार्मिकऔरराजनीतिकलगावसबभूलनेसेलगेहैं।यदियहभावसचमुचऐसाहैतोयहसमाजकेलिएसहीनहीं।आत्मचिंतनसहीहै,लेकिनयदिअबखुदकोबचानेकाभयएंग्जायटीमेंबदलरहाहैतोआपकोआनेवालेसमयमेंमनकीसेहतकोअनदेखानहींकरनाचाहिए।तनकीसेहतकेसाथमनकाभीखूबखयालरखें।इंसानसामाजिकप्राणीहै,इसलिएवहकभीअलग-थलगनहींरहसकता।वहसंवादकेबिनानहींरहसकता।

कोरोनाजनितपरिस्थितिमेंयहीसंवादहमारेकामआया।हमेंसचेत,सजगएवंसावधानतोरहनाहीचाहिए,लेकिनभयकोउसचूहेमेंनहींबदलनेदेनाचाहिए,जोहमारेभीतररहकरहमारीमानवीयताकोकुतरताजाए।इसभयकाविस्ताररोकनाआपकेहाथहै।इसकेलिएजरूरीहैकिआपअंतर्मनमेंहमेशामानवीयसंवदेनाकोजगाएरखें।ऐसेमेंआनेवालेसमयमेंयानीउत्तरकोरोनाकालमेंहमारीसबसेबड़ीसामाजिकजिम्मेदारीहोनीचाहिएकिहमशारीरिकदूरीकोकभीभावनात्मकदूरीमेंनबदलनेदें।तभीमानवीयताबचेगीऔरहमारीदुनियासुंदरबनेगी।(प्रो.बद्रीनारायण, निदेशक,गोविंदबल्लभपंतसामाजिकविज्ञानसंस्थान,प्रयागराज)

जीवनलगातारबदलताहै।यहकभीबहुतअधिकचढ़ावपरहोताहैतोकभीइतनाउतारआताहैकिलगताहैअबकुछबचाहीनहीं।कुछपलऐसेआतेहैंकिलगताहैकिअबयहवहीरहेगा,लेकिनआपदाकेदौरनेसाबितकियाकिसमयकेसाथबदलावनिश्चितहै।आंतरिकऊर्जाबनीरहेतोहमइसबदलावकोलेकरसजगरहतेहैंऔरमुश्किलोंकानिदानकरनेकाप्रयासकरतेहैं।

हालांकिहरव्यक्तिकीअपनीआकांक्षाएंहोतीहैं।सफलताकोलेकरसबकेअपनेमायनेहोतेहैं।किसीकेलिएअच्छीनौकरीवालीजिंदगीसफलताहैतोकोईदूसरेसेअच्छेरिश्तेकोसफलतामानताहै।इसतरहकेलक्ष्यबहुतनिजीहोतेहैं,परआपनेगौरकियाहोगाकिआपकेहरलक्ष्यकेलिएआपकोभीतरकीशक्तिजुटानीहीपड़तीहै।आपकीआंतरिकयात्रजारीरहे,यहपूरीतरहहमारीजीवनशैलीपरनिर्भरहै।वहजीवनशैली,जिसकाहमनेइससालअभ्यासभीकिया।अबइसेबनाएरखनाहीहमारालक्ष्यहोनाचाहिए,ताकिजीवनकीगुणवत्ताबनीरहे।

इससंदर्भमेंकुछबातेंजरूरध्यानमेंरखें:

-आत्मविश्वासबनाएरखें।यहनएसालमेंअपनीजीवनशैलीकोनियमितबनाएरखनेकीपहलीसीढ़ीहै।आपकोलगनाचाहिएकिहां,थोड़ीकठिनाईहोगीपरमैंकरसकताहूं।

-औरोंकीसलाहसुनें,परउसेअपनेअनुकूलहीअमलमेंलाएं।रायपरध्यानदेनायाऔरोंकीबातकासत्यापनकरतेरहनेसेआपअपनेलक्ष्यसेभटकसकतेहैं।फोकसहमेशाखुदपररखें,अन्यथाऊर्जाऔरसमयदोनोंव्यर्थहोजाएंगे।

-आपकल्पनाशक्तिकोअनुशासनकेसाथजोड़ें।दरअसल,अनुशासनकीमददसेआपजोकुछभीकल्पनाकरतेहैं,उसेआसानीसेहासिलकियाजासकताहै।उदाहरणकेलिए,हममेंसेलगभगसभीएकसंपूर्णस्वस्थशरीरप्राप्तकरनाचाहतेहैं।अबइसेप्राप्तकरनेकेलिएहमेंअपनेखानपानऔरदिनचर्याकोअनुशासनमेंबनाएरखनाहै।यहप्रतिबद्धताकेबिनानहींबनाएरखाजासकता।

-हमेंलगातारअपनीऊर्जाकोबनाएरखनेकीजरूरतहै।जैसेकारयाघरमेंनिवेशकरतेहैं,वैसेहीअपनीऊर्जाकोबनाएरखनेमेंभीनिवेशकरनाचाहिए।इसकेलिएआपकुछनयाकौशलसीखतेरहें,कुछविशेषप्रशिक्षणलें।

-यादरखें,धैर्यकेबिनाजीवनकोसुंदरनहींबनासकते।विकासयाजीवनमेंबदलावहोनाएकप्रक्रियाहै।वहएकनिश्चितसमयकेबादहीफलदेताहै।रातोंरातपेड़मेंभीफलनहींलगते।हमेंइंतजारकरनाहीहोताहै।इसलिएआपकोबसधैर्यरूपीअस्त्रकासाथनहींछोड़नाहै।

-यहसमयअच्छानहींतोआगेभीअच्छानहींहोगा,यहजरूरीनहीं।मनसेनकारात्मकखयालोंकोविदाकरें।दिनचर्याबनाएरखेंतोयेबुरेखयालहावीनहींहोंगे।ध्याननियमितरूपसेकरनाचाहिए।अपनाखयालरखें।सुरक्षाकेनियमोंकापालनकरतेरहेंऔरनएसालमेंनवीनसंकल्पऔरउत्साहकेसाथप्रवेशकरें।

ग्रैंडमास्टरअक्षर, सेलिब्रिटीयोगगुरुऔरलाइफकोच

नव-जागरणकाकालबनायहसाल

मनोविज्ञानकेलिहाजसेदेखेंतोप्रतिकूलप्ररिस्थितियोंमेंइंसानहमेशाअस्वीकारकीअवस्थामेंहोताहैअथवानकारात्मकहोजाताहै।कुछलोगपलायनभीकरजातेहैं।यहीहुआथाजबआपदानेदस्तकदी,परधीरे-धीरेयहप्रवृत्तिकमहोनेलगी।ध्यानदें,परिस्थितियांअबभीकठिनहैं,उससेभयावह,परप्रतिक्रियाबदलीहुईहै।ब्रिटेनमेंकोरोनाकानयारूपदिखरहाहै,परमैंजिनलोगोंकेसंपर्कमेंहूं,उनमेंवहदहशतनहींदिखरही,जोशुरुआतीदौरमेंदेखीगई।

इसेरिजिलियंसकहाजाताहैयानीकठिनसमयहोतोलोगउसीतीव्रतासेवापसबाउंसबैककरतेहैं।तूफान,झंझावातोंमेंतनावङोलतेहुएभीखड़ेयाटिकेरहनेकाप्रयासकरतेहैं।इसलिएजबलॉकडाउनहुआतोलोगउसबदलीस्थितिमेंअपनेभीतरडूबतेगए।उन्होंनेअपनेबारेमेंसोचनाशुरूकिया।कठिनपरिस्थितिहमेशाहमारेअंदरशीलगुणविकसितकरतीहै।यदिकठिनाईकोस्वीकारकरनासीखजाएंयास्वीकारलें,उसकास्वागतकरेंतोमनमेंऊर्जाकाप्रवाहशुरूहोताहै।ऐसीपरिस्थितियोंमेंलोगोंकीप्रतिबद्धता,संकल्पशक्तिमजबूतहोतीहै।इसलिएअबदेखसकतेहैंज्यादाहिदायतेंनहींदेनीपड़तीं।लोगनियमोंकोमानतेहुएसामान्यबनानेकीकोशिशमेंजुटजातेहैं।

जैसाकिआपदेखपारहेहोंगेकिअभीकैसेलोगतनावऔरचिंताओंकेबीचरहनासीखरहेहैं।अपनेसामाजिकदायित्वकोसीमितहोकरहीसही,परपूराकररहेहैं।शुरूमेंलोगकहरहेथेकिलॉकडाउनबढ़नाचाहिए,उन्हेंभयथा।अबवहमनोदशाभीनहींरहगईहै।जबहमखुदकेभीतररहनेलगे,बाहरसेकटे,तोपताचलाकिएकबदलावहोनाशुरूहुआ।कईसकारात्मकपरिवर्तनहुए।परिवेशभलेकठिनहो,परबदलावसुखदहै।कुछबदलावकाजिक्रजरूरीहै।

मसलन,पर्यावरणप्रदूषणअपेक्षाकृतकमहुआ।सामाजिकपरस्परताबढ़ी।हमनेदेखाकिवचरुअलहीसही,लोगोंनेएक-दूसरेकाहाल-चाललिया।वाट्सएपऔरफेसबुकआदिपरलोगोंनेअपनीभाषामेंबदलावकिया।वहबदलेरुखकाप्रमाणथा,जिसमेंलोगजीवनकीसार्थकतापरबातेंकररहेहैं।गंभीरहोगएहैं।आध्यात्मिकहोनेकीजोशतेर्ंआधुनिकसमयमेंदेखीगईहैंकिलोगसमाजसेकटजाएंऔरआत्मचिंतनकरनेलगे,खुदसेजुड़ावमहसूसकरनेलगें,वहइससमयनजरआया।

परिस्थितिजन्यहीसही,परअबलोगोंनेखुदकोसमझा,अपनीजड़ोंऔरमूल्योंसेजुड़नेलगे।हरइंसानकोसमयमिला,इसलिएलोगआत्ममंथनकरनेलगे।योगऔरआयुर्वेदसेजुड़े,फोकविज्डमयानीलोकविवेकज्ञानकाउपयोगकिया।आगेभीयहबनारहेतोकोईआश्चर्यनहीं।इससमयमेंबहुतसारीखोजेंहुईं।लोगोंनेअपनेस्तरसेपीड़ासेबाहरनिकलनेकेउपायखोजे।वैक्सीनइतनेकमसमयमेंबनसकतीहै?यहभीइसीकालकापरिणामहै।इसकालमेंमिलेसबकइंसानहमेशायादरखेगा।यहनवजागरणकाकालहै।संकटजबबड़ाहोताहैतोइसीतरहइंसानखुदकोढालताहैऔरआनेवालीपीढ़ीकेलिएराहेंतैयारकरताहै।

(डॉ.राकेशपांडेय, पूर्वअध्यक्ष,मनोविज्ञानविभाग,बीएचयू,वाराणसी)

Coronavirus:निश्चिंतरहेंपूरीतरहसुरक्षितहैआपकाअखबार,पढ़ें-विशेषज्ञोंकीरायवदेखें-वीडियो

By Ellis