संवादसूत्र,दलाही(दुमका):मसलियाकीगुमरोपंचायतकेभूलगड़ाटोलाकेग्रामीणबुनियादीसमस्याओंसेजूझरहेहैं।ग्रामीणोंकोपानीऔरआवागमनकीसमस्यासेहरदिनजूझनापड़रहाहै।ग्रामीणोंकीमानेंतोवेडोभा(छोटातालाब)कापानीपीकरजीवनबसरकरतेहैं।इसकारणअधिकतरपुरुष,महिलाऔरबच्चेबीमारपड़तेरहतेहैं।इलाजकरानेलायकभीपैसेनहींहै।गांवमेंएकभीचापाकलनहींहै।गर्मीपेयजलसंकटऔरबढ़जातीहैक्योंकिडोभाभीसूखजाताहै।गांवपहुंचनेकेलिएपंडरियामोड़सेभूलगड़ाकालीमंडातकदोकिलोमीटरचलनेसड़कचलनेलायकनहींहै।बरसातमेंतोयहटोलाटापूमेंतब्दीलहोजाताहै।गांवकीस्थितिदेखकरबाहरकेलोगशादी-ब्याहकेलिएयहांनहींआतेहैं।लालजीराय,देवनारायणराय,देवानंदराय,मनबोधराय,पीतांबरराय,सुरेशराय,परेशराय,पिटूराय,मुन्नीकुमारी,पुष्पादेवी,सुमित्रादेवी,अंजलीकुमारी,सीमादेवी,अशोकराय,निरंजनरायनेप्रशासनवसरकारसड़कवपेयजलसुविधामुहैयाकरानेकीमांगकीहै।

क्याकहतेहैंग्रामीण

यहांकेग्रामीणोंकेलिएपेयजलसंकटसबसेबड़ीसमस्याहै।गांवमेंएकचापाकलतकनहींहै।प्रशासनवजनप्रतिनिधियोंकोकोईध्यानइसओरनहींहै।

लालजीराय,ग्रामीणभूलगड़ा

गांवकीदयनीयस्थितिदेखकरयहांकोईशादी-ब्याहकेलिएकुटुंबनहींआतेहैं।चार-पांचशादियांठीकहोनेकेबादटूटगईं।यहांकेग्रामीणविकटस्थितिमेंजीवनबसरकररहेहैं।

देवानंदराय,ग्रामीणभूलगड़ा

मुखियासेलेकरविधायक,मंत्रीतकचापाकलऔरसड़ककेलिएकईबारगुहारलगाचुकेहैंलेकिनआजतककोईसुनवाईनहींहुईहै।यहअत्यंतदुखदहै।

सुमनदेवी,मसलियाभूलगड़ा

गांवकेग्रामीणगंदापानीपीकरबीमारपड़रहेहैं।चिकित्सकबीमारीकारणपानीबतातेहैं।ग्रामीणकाफीपरेशानीमेंहै।सरकारशीघ्रकार्रवाईकरे।

निरंजनरॉय,युवकभूलगड़ा

गांवकेलोगोंकीआर्थिकस्थितिभीइतनीअच्छीनहींकिघरमेंबोरिगकराएं।गांवकेअधिकतरयुवकपलायनकरचुकेहैं।सबसेज्यादापरेशानीपेयजलकोलेकरहोरहीहै।

-पुष्पादेवी,ग्रामीणमहिला,भुलगड़ा

पेयजलसंकटकानिदानशीघ्रकरदियाजाएगा।ग्रामीणोंकीसमस्याकीजानकारीमिलीहै।प्रयासहोगाकिअविलंबग्रामीणोंकोशुद्धजलमुहैयाहोसके।

पंकजकुमाररवि,बीडीओमसलिया