जागरणसंवाददाता,फतेहपुर:जोमहिलाएंचूल्हा-चौकातकसीमितिथी,अबमहीनेंमेंपांचसेसातहजाररुपयेकमाकरपरिवारकीबैशाखीबनगईहैं।कभीखुदकोबेहदकमजोरसमझनेवालीइनमहिलाओंनेऐसाफतेहपुरप्रशासनकीमददपरसंभवकरदिखायाहै।डेढ़हजारमहिलाएंजहांस्वयंसहायतासमूहोंकेजरिएस्कूलीड्रेससिलाईकेकार्यसेजुड़गईहै।

परिषदीयस्कूलोंमेंपंजीकृतढाईलाखछात्र-छात्राओंकोड्रेसकीआपूर्तिदेनेकेलिएस्वयंसहायतासमूहोंकोकामसौंपागयाहै।पहलेचरणमेंयहसमूहएकलाखछात्र-छात्राओंकेलिएदो-दोसेटड्रेसकानिर्माणकररहीहै।दोसेटड्रेसबनानेमेंबेसिकशिक्षाविभाग1200रुपयेकाभुगतानकरताहै।इसकेबदलेसमूहकोकपड़ाखरीदकरड्रेसतैयारकरनापड़ताहै।यहसमूहछात्रछात्राओंकीनापभीलेतेहैं।अबइससिलाईकार्यमेंगैरराज्योंसेलौटेमजदूरोंकोकामदेनेकीपहलशुरूकीगईहै।प्रशासननेसभीब्लाकोंमेंएक-एकनोडलसिलाईकेंद्रसंचालितकिएहैं,यहांपहुंचकरमहिलाएंड्रेसबनानेकाकामकरतीहैं।

सिलाईकार्यकरनेवालेकुलस्वयंसहायतासमूह-150

समूहसेजुड़ीकामकरनेवालीमहिलाओंकीसंख्या-1500

सिलाईकार्यसेजुड़नेकोप्रशिक्षणलेरहेप्रवासी-950

जिलेमेंसंचालितनोडलसिलाईकेंद्रोंकीसंख्या-13

इच्छुकप्रवासीमजदूर7499544881मेंसंपर्ककरकामसेजुड़सकताहै।दोकेंद्रोंमेंतैयारहोगयी35हजारड्रेस

जिलेमें13नोडलसिलाईकेंद्रब्लाकस्तरपरसंचालितकिएगएहैं,लेकिनअबतकसिलाईकाकाममात्रदोकेंद्रोंमेंहीशूरूकियागयाहै।पहलाकेंद्रप्रगतिमहिलासंकुलसमितिमलवांमेंहैं।जहां91महिलाएंकामकररहींहै।यहांहरदिन1200से1300ड्रेसतैयारहोरहीहैं।अबतक16550ड्रेसतैयारहैं।दूसराकेंद्रसशक्तीकरणप्रगतिमहिलासंकुलकेनामसेमुरादीपुरमेंहैं।यहां58महिलाएंकामकररहींहै।अबतक18500ड्रेसतैयारहुएहैं।

महिलाएंखुदकेपैरोंपरहोसकेंगीखड़ी:डीएम

डीएमसंजीवसिंहनेकहाकिबच्चोंकीस्कूलड्रेसतैयारकरनेकाकामस्वयंसहायतासमूहोंकीमहिलाओंकोदियाहै।इससेसमूहसशक्तहोंगेऔरमहिलाएंभीकमाईकरखुदकेपैरोंमेंखड़ीहोसकेंगी।

By Duffy