शुभमकुमारसानू।राजधानीदिल्लीमेंपेयजलकीसमस्याकोईनईबातनहींहै।गर्मीकेमौसममेंआपूर्तिकीकमीएवंअत्यधिकखपतकीवजहसेयहसमस्याऔरभीविकरालहोजातीहै।संबंधितआंकड़ोंकेअनुसारदिल्लीमेंप्रत्येकघरकोऔसतनचारघंटेपानीकीआपूर्तिकीजातीहै,परवास्तवमेंकईऐसेक्षेत्रहैं,जहांकईदिनोंतकपानीकाआपूर्तिनहींहोपातीहै।अगरहोतीभीहैतोउसकीगुणवत्तासहीनहींहोतीहै।

जलसंकटकेबीचजिनक्षेत्रोंमेंटैंकरकेद्वारापानीपहुंचायाजाताहैवहांकीस्थितिऔरभीविकरालहै।दिल्लीजलबोर्डऔरबीतीजनगणनाकेआंकड़ोंकेअनुसारदिल्लीके33.41लाखघरोंमेंसेकेवल20लाखघरोंमेंहीपाइपलाइनकीव्यवस्थाहै।शेषबचेघरोंमेंजलापूर्तिमुख्यरूपसेटैंकरकेद्वाराकीजातीहै।इनक्षेत्रोंमेंलोगोंकोघरकासाराकामछोड़करटैंकरसेपानीलेनेकेलिएघंटोंलाइनमेंलगनाहोताहै।

दिल्लीमेंवर्तमानजलसंकटकेलिएदिल्लीसरकारकेअनुसारमुख्यरूपसेजिम्मेदारहरियाणाकीसरकारहै,जोदिल्लीकोउसकेहिस्सेकापानीनहींमुहैयाकरारहीहै,जिसकारणयमुनानदीकाजलस्तरकाफीकमहोगयाहै।इससेदिल्लीमेंपेयजलकाउत्पादनप्रभावितहोरहाहै।साथहीजलापूर्तिलगभग50प्रतिशततकप्रभावितहुईहै।यमुनाकाजलस्तरसामान्यहोनेतकजलसंकटकायमरहनेकीआशंकाजताईजारहीहै।

वहींहरियाणासरकारकाकहनाहैकिप्रत्येकवर्षदिल्लीमेंजलसंकटकेलिएहरियाणासरकारकोजिम्मेदारठहरानादिल्लीसरकारकीआदतबनगईहै।परवास्तविकतायहहैकिजलसमझौतेएवंउच्चन्यायालयकेदिशानिर्देशकेअनुसारहरियाणाप्रतिदिनदिल्लीको1069क्यूसेकपानीउपलब्धकरारहाहै।परदिल्लीसरकार150क्यूसेकऔरअधिकपानीकीमांगकररहीहै,जोवर्तमानपरिस्थितिएवंहरियाणाकेलोगोंकोध्यानमेंरखतेहुएसंभवनहींहै।दिल्लीसरकारकोचाहिएकिवहपंजाबसरकारकोकहेकिवहहरियाणाकेहिस्सेकापानीउसेदेताकिहरियाणादिल्लीकीमददकरसके।हरियाणासरकारकायहभीकहनाहैकिदिल्लीसरकारजलप्रबंधनकीव्यवस्थामेंसुधारनहींकररहीहै,अगरवहसमुचितस्तरपरप्रयासकरेतोदिल्लीकीजलसमस्याकासमाधानसंभवहोसकताहै।इनविवादोंसेइतरदिल्लीकीवर्तमानजलसमस्याकीमूलजड़मुख्यरूपसेकुछप्रमुखकारकोंमेंनिहितहै।

खपतऔरआपूर्तिमेंअंतर:वर्ष2011कीजनगणनाआंकड़ोंकेअनुसारदिल्लीकीआबादी1.67करोड़थी,जिसके2021मेंसवादोकरोड़काआंकड़ापारकरजानेकाअनुमानहै।इसकारणपानीकीमांगप्रतिदिन1380एमजीडी(मिलियनगैलनप्रतिदिन)होचुकीहै।दिल्लीआर्थिकसर्वेक्षण2021केडाटाकेअनुसारदिल्लीजलबोर्डप्रतिदिन935एमजीडीपानीकीहीआपूर्तिकरपाताहै।इसहिसाबसेराजधानीमेंमांगकीतुलनामेंकरीब445एमजीडी(यानी32प्रतिशत)कमपानीकीआपूर्तिहोपारहीहै।लिहाजायहांकेकईइलाकोंजलसंकटकीसमस्याउत्पन्नहोजातीहै।

अन्यराज्योंपरनिर्भरता:राजधानीमेंपानीकीमांगमुख्यरूपसेपड़ोसीराज्योंद्वाराउपलब्धकराएगएपानीपरनिर्भरहै।दिल्लीआर्थिकसर्वेक्षण2021केअनुसारअर्ध-शुष्कक्षेत्रमेंहोनेकेकारणदिल्लीमेंपानीकीउपलब्धताकाफीकमहै।यहांलगभग41प्रतिशतपानीयमुना,26.5प्रतिशतगंगा,23.1प्रतिशतभाखड़ास्टोरेजएवं8.8प्रतिशतभूजलसेप्राप्तहोताहै।गर्मीकेदिनोंमेंजबइनराज्योंमेंभीपानीकीसमस्याहोतीहैतोवेदिल्लीकोआपूर्तिकमकरदेतेहैं,जिसवजहसेपानीकीऔरभीकिल्लतहोतीहै।

भूजलकाक्षय:दिल्लीमेंभूजलकाअत्यधिकदोहनहोनेकेकारणइसकास्तरसालदरसालगिरताजारहाहै।भूजलकादोहनरोकनेकेलिएअनेकउपायकिएगएहैं,परंतुयहअनवरतजारीहै।हालहीमेंजबदेशकेकईशहरोंमेंभूजलस्तरकेकाफीनीचेचलेजानेऔरयहांतककिभूजलकेलगभगखत्महोजानेकीखबरेंआरहीहोंतोहमेंइसबारेमेंअधिकचिंताकरनीचाहिए।

अपशिष्टजलप्रबंधन:पानीकालगभग80प्रतिशतहिस्साएकबारउपयोगकेबादअपशिष्टजलकेरूपमेंनालेमेंबेकारबहजाताहै।व्यक्तिगतस्तरपरभीपानीकीखूबबर्बादीहोतीहै।लोगपेयजलकाइस्तेमालवाशिंगमशीनऔरवाहनधोनेआदिकेलिएभीकरतेहैं।साथहीभूजलकोपीनेयोग्यबनानेकेलिएवाटरप्यूरीफायरमशीनोंकाधड़ल्लेसेउपयोगकियाजाताहै।इसमेंपानीकीबहुतबर्बादीहोतीहै।

इनसभीसमस्याओंकेसमाधानकेलिएसरकारऔरसमाजकोजलसंरक्षणकीदिशामेंकार्यकरनेकीआवश्यकताहै।भारतसरकारनेअपनीदूरदर्शितादिखातेहुए2019मेंहीजलसेजुड़ेसभीमामलोंकेलिएएकविशेषजलशक्तिमंत्रलयकागठनकिया,ताकिएकपूराविभागसभीतकस्वच्छजलकीउपलब्धतासुनिश्चितकरसके।परंतुदिल्लीकावर्तमानजलसंकटयहदर्शाताहैकिमंत्रलयसुदूरग्रामीणक्षेत्रतोछोड़िएदिल्लीमेंभीसभीकोजलउपलब्धकरानेमेंअभीतकपूरीतरहसेसक्षमनहींहुआहै।

ऐसेमेंआजआवश्यकताइसबातकीहैकियमुनानदीकोपूरीतरहसेप्रदूषणमुक्तकरतेहुएस्वच्छबनायाजाए,ताकिशहरकीमुख्यजलधमनीसभीजनमानसकोस्वच्छपानीदेसके।आजयमुनाभारतकीसबसेप्रदूषितनदीबनचुकीहै।इसस्थितिकोसामुदायिकप्रयासकेसाथबदलनाहोगा।इसकेअलावादिल्लीसरकारकोवर्षाजलसंरक्षणकोप्रोत्साहितकरतेहुएइससंबंधमेंढांचागतसुधारभीकरनाहोगा।साथहीजलसंचयनऔरसंरक्षणकोसामाजिकविमर्शकेकेंद्रमेंलातेहुएसभीकीसहभागिताकोसुनिश्चितकरनाहोगा।

[शोधार्थी,दिल्लीस्कूलआफइकनोमिक्स]

By Duncan