बेतिया।नगरदेवीमेंमंदिरमेंशारदीयनवरात्रकेअवसरपरदीपजलानेकीआकर्षकपरंपराकईवर्षोंसेचलतीआरहीहै।संध्याहोतेमंदिरदीपोंसेजगमगहोउठताहै।शहरकेकोने-कोनेसेकन्याएंपहुंचतीहै,जोआस्थाकेसंगदीपजलातीहैऔरसुख,शांतिसमृद्धिकीदुआएंमांगतीहैं।

छोटीछोटीबच्चियांथालमेंदीपलेकरमंदिरपहुंचीहैऔरदेवीमंदिरमेंदीपजलातीहैं।पूरापरिसरदीपसेजगमगहोउठताहै।धूपवअगरबतीकीसुगंधसेमंदिरपरिसरमहकउठताहै।दीपजलानेकीप्रथामेंमहिलाओंकेअलावाश्रद्धालुपुरुषभीशामिलहोतेहैं।पुजारीमुन्नापाण्डेयकाकहनाहैकिनवरात्रमेंयहांविशेषरूपसेदीपजलानेकीप्रथाहै।महिलाएंऔरपुरुषश्रद्धालुयहांकाफीसंख्यामेंदीपजलानेपहुंचतेहैं।ऐसामानाजाताहैकिदीपजलानेसेनगरदेवीप्रसन्नहोतीहैंऔरजोभीमन्नतेंमांगीजातीहैंवहपूरीहोतीहैं।यहीवजहहैकियहांश्रद्धालुओंमेंदीपजलानेकीहोड़लगीरहतीहै।पुरापरिसरश्रद्धालुओंकेचलहकदमीसेगुलजाररहताहै।हालांकिकोरोनाकालमेंश्रद्धालुकाफीसावधानीबरतरहेहैं।खुशबू,पलक,रिम्शाआदिबच्चियोंनेबतायाकियहांनवरात्रमेंदीपजलानेमनप्रसन्नहोताहै।अपनेबड़ोंकोदेखकरहीहमभीहरवर्षयहांदीपजलानेपहुंचतेहैं।मंदिरकेसंस्थापकसदस्यअवधकिशोरसिन्हाकाकहनाहैकिशहरकायहएकमात्रऐसामंदिरहैजहांनवरात्रमेंदीपजलानेकेलिएविशेषरूपसेश्रद्धालुओंकोइंतजाररहताहै।

By Doyle