तापसबनर्जी,धनबाद:कोरोनाकालमेंआक्सीजनकीकमीसेहाहाकारमचाथा।वहहालातदेखधनबादकेद्वारिकामेमोरियलफाउंडेशनएकेडमीमेंनौवींकक्षामेंपढ़नेवालेछात्रदीपकुमारबिदकामनभीकलपउठा।इसछात्रकोविज्ञानमेंगहरीरुचिहै।बस,बालविज्ञानीकीकल्पनाउड़ानभरनेलगी।उसनेसोचाकिक्याकृत्रिमप्रकाशसंश्लेषणहोसकताहै।इसीविषयपरउसनेकार्बनकैप्चरमाडलबनाया,जोभविष्यमेंइसदिशामेंशोधकीराहदिखारहाहै।धनबादकेकेंद्रीयखननएवंईंधनअनुसंधानसंस्थानमेंइसबच्चेनेअपनेमाडलकाप्रदर्शनकिया।वहांकेविज्ञानियोंनेभीइसेसराहा।यहभीमानाकिबच्चेकीसोचभविष्यकेमहत्वपूर्णशोधकोदिशादिखारहीहै।

दीपनेबतायाकिकोरोनाकीदूसरीलहरमेंआसपासकेलोगोंकोआक्सीजनकेलिएभागदौड़करतेदेखाथा।तबसोचाकिऐसीतकनीकविकसितहोजिससेवातावरणमेंकार्बनडाईआक्साइडकाप्रदूषणनहो,बल्किइसकेसहारेहीआक्सीजनपैदाहो।दरअसलपौधेप्रकाशसंश्लेषणकीप्रक्रियामेंअपनाभोजनसूर्यकेप्रकाशमेंबनातेहैं,इसमेंकार्बनडाईआक्साइडकाअवशोषणकरआक्सीजनकोनिकालतेहैं।इसप्रक्रियानेरास्तादिखादिया।इसकेसहारेकार्बनकैप्चरमाडलबनाया।

इसमाडलमेंलकड़ीजलाकरधुएंकोनमकवालेपानीसेअभिक्रियाकरातेहैं।धुएंमेंमौजूदकार्बनडाईआक्साइडतुरंतनमककेपानीसेअभिक्रियाकरसोडियमकार्बोनेटबनातीहै।इससोडियमकार्बोनेटकोग्रीनहाउसमेंलेजाकरगर्मकरेंगेतोकार्बनडाईआक्साइडनिकलेगी।ग्रीनहाउसमेंमौजूदपौधेकार्बनडाईआक्साइडकाअवशोषणकरआक्सीजननिकालेंगे।इससेवातावरणकोकार्बनडाईआक्साइडकेप्रदूषणसेनिजातमिलसकेगी।आक्सीजनकीमात्राहवामेंबढ़ेगी।

सिंफरविज्ञानियोंकोदिखींभविष्यकीसंभावनाएं

भविष्यमेंकार्बनडाईआक्साइडकेसटीकप्रबंधनकीअपारसंभावनाएंसिंफरविज्ञानियोंकोइसमाडलमेंदिखीहैं।इसपरउन्होंनेमाडलदेखतेसमयआपसमेंविमर्शभीकिया।एकविज्ञानीनेबतायाकिप्रयोगशालाकेअंदरकईप्रकारकेकार्बनिकयौगिकविज्ञानीबनानेमेंसफलहोचुकेहैं।इसमाडलनेकार्बनकैप्चरकरनेकाआइडियातोदियाही,यदिप्रकाशसंश्लेषणमेंअहमयौगिकक्लोरोफिलकानिर्माणप्रयोगशालामेंहोजाएतोकृत्रिमप्रकाशसंश्लेषणभीसंभवहै।मशीनकेमाध्यमसेहोनेवालायहप्रकाशसंश्लेषणदुनियाकेखतरनाकप्रदूषककार्बनडाईआक्साइडसेहमेंनिजातदिलासकताहै।इसकेलिएजरूरपरिस्थितियांएकचैंबरमेंपैदाकरक्लोरोफिलकेसहारेयहप्रक्रियासंभवहोसकतीहै।

सबनेसराहा,मिलाप्रथमपुरस्कार

दीपकुमारकेमाडलकोकेंद्रीयखननएवंईंधनअनुसंधानसंस्थानमें22से28फरवरीतकहुएविज्ञानमहोत्सवमेंरखागयाथा।इसेवहांप्रथमपुरस्कारदियागया।इसकेअलावाइंस्पायरअवार्डकेलिएहुईप्रतियोगितामेंभीइसेचयनितकियागया।विज्ञाववप्रौद्योगिकीमंत्रालयनेइसेबनानेको10हजाररुपयेप्रदत्तकिएहैं।आइआइटीआइएसएमकेएसोसिएटेडडीनप्रो.विश्वजीतचौधरी,सिंफरविज्ञानीडा.डीबीसिंह,डा.डीकुंभकारवडा.पल्लवीदासनेदीपकोइसप्रोजेक्टकेलिएसुझावदिएहैं।द्वारिकामेमोरियलफाउंडेशनएकेडमीकेप्राचार्यमदनसिंहनेबतायाकियहशानदारमाडलहै।बच्चेकीप्रतिभासेस्कूलपरिवारगौरवान्वितहै।

क्याकहतेहैंविज्ञानी

नौवींकेबच्चेकीसोचबड़ीदिशादेनेमेंकामयाबहोसकतीहै।भविष्यमेंइसपरशोधकीबड़ीसंभावनाएंहैं।कार्बनडाइआक्साइडकोपकड़कृत्रिमतरीकेसेप्रकाशसंश्लेषणहोनेलगेतोवायुमेंइसेकमकरसकतेहैं।यदिऐसीतकनीकविकसितहोगईतोवायुमेंकार्बनडाइआक्साइडकीमात्राकमवआक्सीजनकीबढ़ासकतेहैं।"

डा.डीबीसिंह,वरिष्ठविज्ञानी,केंद्रीयखननएवंईंधनअनुसंधानसंस्थान,धनबाद

By Dyer