नयीदिल्ली,24अप्रैल(भाषा)दिल्लीसरकारबड़ेपैमानेपरअतिक्रमणऔरवर्षोंकीअनदेखीकेकारणविलुप्तजलाशयोंकोबचानेकेलिएएकआखिरीप्रयासकररहीहै।राष्ट्रीयराजधानीमेंकुल1,043जलनिकायहैंजिन्हेंविशिष्टपहचानसंख्याआवंटितकीगईहै।इनमेंसे1014कोभौगोलिकसूचनातंत्र(जीआईएसप्लेटफॉर्म)परअंकितभीकियागयाहै।अधिकारियोंकेअनुसार,2019मेंगठितदिल्लीआर्द्रभूमिप्राधिकरण(दिल्लीवेटलैंडअथॉरिटी)अबअगलेसालजनवरीतकआर्द्रभूमि(संरक्षणऔरप्रबंधन)नियम,2017केतहतउनमेंसेकमसेकम20कोअधिसूचितकरनेकेलिएतेजीसेकदमउठारहीहै।इनमेंसंजयझील,हौजखासझील,भलस्वाझील,टीकरीखुर्दझील,वेलकमझील,दरियापुरकलांऔरसरदारसरोवरझीलशामिलहैं।अधिसूचितहोनेकेबाद,जलनिकायोंकोअतिक्रमण,कूड़ा-करकटफेंकने,अनुपचारितअपशिष्टजलऔरउद्योगोंसेनिकलनेवालेअपशिष्टपदार्थों,औरउद्योगोंकीस्थापनाऔरविस्तारआदिकेखिलाफसंरक्षितकियाजाएगा।अधिकारियोंकेअनुसार,62जलाशयोंकेस्थानपरनिजीभवनबनगएहैं,52अबसार्वजनिकसेवाएंप्रदानकरनेकेलिएउपयोगकिएजारहेहैं,37कापतानहींचलपारहाहै,14जलाशयोंकाशिक्षणसंस्थानोंद्वाराअतिक्रमणकरलियागयाहै,11जलाशयोंकोपार्कऔरमनोरंजनकेंद्रमेंबदलदियागयाहै,6जलाशयवाणिज्यिकसेवाओंकेलिएउपयोगमेंलाएजारहेहैंऔरपांचजलाशयोंपरअनधिकृतकॉलोनियांबनगईंहैं।नामनबतानेकीशर्तपरएकतकनीकीसमितिकेसदस्यनेबतायाकि''जमीनीहकीकतकापतालगानेकेलिएफील्डटीमोंकागठनकियागयाहै।येमहत्वपूर्णजानकारीएकत्रकरेंगेजैसेकिइनजलनिकायोंकाऐतिहासिकप्रसार,उनकीक्षमता,वेकैसेविलुप्तहुए,कौनजिम्मेदारथा,उनकेस्थानपरक्याबनगयाहै,आदि।''