कैथल,जागरणसंवाददाता।दशहरापर्वपरभगवानहनुमानकेस्वरूपोंकेपूजनकीपाकिस्तानकेहिंदुओंकीपरंपराकानिर्वहनकियाजारहाहै।इसपर्वपरभगवानहनुमानस्‍वरूपोंकीपूजा-अर्चनाकीजातीहै।कैथलमेंकरीब50वर्षपहलेइसपरंपराकोशुरूकियागयाथा।शहरमेंप्रतापगेटस्थितश्रीहनुमानसेवासमितिसबसेअधिकपुरानीहै।इससमितिकीशुरुआतबिल्लाभगतद्वाराकीगईथी।

वर्तमानमेंकुल11समितियोंद्वाराभगवानहनुमानकेचलियाव्रतकेनियमकापालनकियाजारहाहै।दशहरापर्वपरइनसमितियोंकेसदस्योंद्वाराहनुमानकेस्वरूपधारणकरघरोंमेंपरिक्रमाकरआशीर्वादभीदियाजाताहै।कोरोनामहामारीकेकारणइनकार्यक्रमोंकाआयोजनसीमितहीकियाजारहाहै।समितियोंकेसदस्यशहरमेंदंडवतकरतेहुएशहरकीपरिक्रमाकरतेहैं।

यहहैसमितियोंद्वारास्वरूपोंकेचलियाकाइतिहास

श्रीपवनपुत्रहनुमानसेवासमितिकेकोषाध्यक्षप्रिंसवर्मानेबतायाकिआजादीसेपहलेपाकिस्तानमेंलईयासमाजजोपंजाबीसमुदायसेसंबंधरखतेहैं,उनलोगोंद्वारादशहरापर्वपरभगवानहनुमानकेस्वरूपधारणकरनेकीपरंपराशुरूकीगईथी।इसपरंपराकानिर्वहनमन्नतपूरीहोनेपरकियाजाताथा।जबआजादीकेबादभारत-पाकिस्तानकाबंटवाराहुआतोइससमुदायकेलोगभगवानहनुमानकेइनस्वरुपोंकोपानीपतमेंसाथलेकरआएथे।उसकेबादसबसेपहलेपानीपतऔरफिरबादमेंहरियाणाकेकैथलवकरनालमेंयहपरंपरानिभाईजानेलगी।

ब्रह्मचर्यकाकरतेहैंपालन

बतादेंकिइसयात्रामेंसमितियोंकेवहयुवाहिस्सालेतेहैं,जोदशहरेसेपहले41या21दिनतकब्रह्मचर्यधारणकरघरऔरव्यवसायत्यागकरव्रतरखतेहैं।वहव्रतरखकरएकसमयखानाखातेहैंवजमीनपरसोतेहैं।श्रद्धालुमन्नतमांगतेहैं।शहरमेंप्रतापगेट,सीवनगेट,डोगरागेट,महादेवकालोनीस्थितसमितियोंद्वाराव्रतधारीयुवाओंनेहनुमानकेमुकुटवालास्वरुपधारणकरशहरमेंपरिक्रमाकरतेहैं।समितियोंद्वारारावणकेपुतलाबनायाजाताहै।स्वरुपोंद्वाराशहरकीपरिक्रमापूरीकरनेकेबादअंतमेंस्वरुपरावणकेपुतलेपरसोटामारतेहैं।जिसकेबादयहप्रक्रियासमाप्तहोतीहै।

बालाजीसेवासमितिकेसेवककमलमक्कड़नेबतायाकिपरंपराकेअनुसारहनुमानजीसेमन्नतेंमांगतेहुएयुवा40दिनकाव्रतदशहरासे40दिनपहलेशुरूकरतेहैं।इसदौरानपूजाकेसमयव्रतरखनेवालेबच्चेसिरपरहनुमानजीकाविशेषस्वरूपरखतेहुएउनकारूपग्रहणकरतेहैं।वह40दिनोंतकदिनमेंएकसमयखानाखातेहैं।नंगेपांवरहतेहैंऔरहनुमानजीकेदरबारमेंहीसोतेहैं।इसबीचलोगघरोंएवंप्रतिष्ठानोंमेंहनुमानजीकेस्वरूपकोआमंत्रितकरउनकीपूजाकरतेहैं।दशहराकेदिनशहरकीपरिक्रमापूरीकरनेकेबादहीयहव्रतपूराहोताहै।

By Farrell