नारायणपुर[हिमांशुशर्मा/मो.इमरानखान]।देशकेऐसेकुछहीक्षेत्रहैंजोआजभीएकवर्जिनलैण्डकेरूपमेंअपनीपहचानदुनियामेंरखतेहैं।यहांकीमजबूतसंस्कृतिबाहरीदुनियाकेकुचक्रसेदूरहै।इसकासंरक्षणयहांकेलोगअपनादायित्वमानतेहैंऔरसंपन्न्संस्कृतिकेसाथगरिमामयीजीवनजीरहेहैं।छत्तीसगढ़केबस्तरकाअबूझमाड़क्षेत्रभीइसीमेंसेएकहै।4400वर्गकिलोमीटरकायहपहाड़ीघाटीऔरघनघोरजंगलवालाक्षेत्रअपनेअनूठेसौंदर्यऔरअनसुलझेरहस्योंकेलिएजानाजाताहै।इसजगहपररहनेवालेआदिवासीअपनीसंस्कृतिकेसंरक्षणकेलिएकितनेसतर्कहैंइसबातकाउदाहरणबीसवर्षपहलेघटीएकघटनामेंदेखनेकोमिलाथा।इनकीघोटुलसंस्कृतिपरएकअंतर्राष्ट्रीयमीडियानेनकारात्मकटिप्पणीकीथी,जिसकेबादबाहरीलोगोंपरयहांकईपाबंदियांलागूकरदीगईथीं।अबूझमाड़पीसमैराथनकेसाथअबआदिवासियोंनेयेपाबंदियांहटादीहैं।

अबूझमाड़मेंआरहाहैबदलावअबूझमाड़मेंबदलावआरहाहै।यहांकेलोगोंकाजीवनस्तरबेहतरहोरहाहै।नक्सलवादकेचंगुलमेंलंबेसमयतकफंसेरहेअबूझमाड़कोअबइसदंशसेमुक्तीमिलरहीहै।इसकेसाथहीयहांकेमूलनिवासियोंनेभीबाहरीलोगोंकोअपनानाशुरूकियाहै।बसइनकीएकहीशर्तहैकिउनकीसंस्कृतिकेबारेमेंकोईभीनकारात्मकटिप्पणीवेबर्दाश्तनहींकरेंगे।

20सालपहलेहुईथीऐसीघटनादुनियाकीज्यादातरजनजातियांअपनीसंस्कृतिकेसंरक्षणकोलेकरबेहदसतर्कहोतीहैं।वेअपनेपुरातनकल्चरकोहमेशाऔरपीढ़ीदरपीढ़ीसहेजकररखनाचाहतेहैं।अबूझमाड़केमाढ़ियाआदिवासियोंमेंघोटुलसंस्कृतिकाचलनहै।घोटुलएकऐसीव्यवस्थाहैजिसमेंसमाजकेयुवक-युवतीसामूहिकरूपसेएकसाथमिलतेहैंऔरयहांउन्हेंएकदूसरेकोजाननेसमझनेकामौकामिलताहै।पारंपरिकनृत्य-संगीतहोतेहैं।इसीकेसाथयहांजोड़ियांबनतीहैंऔरभावीजीवनसाथीबनातेहैं।हरआदिवासीयुवाकेजीवनमेंघोटुलमेंजानेकाअवसरएकसमयआताहैऔरइसीकेबादवेदांपत्यजीवनमेंप्रवेशकरतेहैं।

यहांसिरदारऔरकोटवारहोतेहैंजोयहांकीपूरीव्यवस्थासंभालतेहैं।यहएकबहुतहीआदर्शव्यवस्थाहैजिसमेंजीवनसाथीकेचयनमेंकिसीभीयुवापरकिसीभीदूसरेव्यक्तिकीमर्जीथोपीनहींजाती।येअपनीमर्जीसेसोच-समझकरअपनाजीवनसाथीचुनतेहैं।इसव्यवस्थाकोनकरात्मकरूपसेदेखतेहुएइसकानकारात्मकउल्लेखकियागयाथा।जिसकेबादअबूझमाड़ियोंनेयहांबाहरीलोगोंसेबातचीत,वीडियोऔरफोटोग्राफीपरप्रतिबंधलगादियाथा।अबयहप्रतिबंधनहटादिएगएहैं।

ऐसेहटायहप्रतिबंधअबूझमाढ़मेंवर्षोंतकनक्सलवादकेचलतेअशांतिफैलीरही।अबयहांइसकाखात्माहोरहाहै।स्थानीयलोगनक्सलियोंकेभयमेंभीरहे।इसकापरिणामयहरहाकिवेअंदरूनीतौरपरअपनीसंस्कृतिकोसहेजपानेमेंअसहजहोरहेथे।बंदूककेदमपरअबूझमाड़ियोंकोदबावमेंरखेरहे।अबूझमाड़पीसमैराथनयहांअबतककासबसेबड़ाआयोजनरहा।इसआयोजनकामकसदअबूझमाड़केविकासकोदुनियाकेलोगोंकोदिखानाथा।

इसआयोजनकेसाथहीमूलनिवासियोंनेयहतयकियाकिवेअपनीसंपन्न्संस्कृतिऔरअबूझमाड़केरहस्योंकोबाहरीदुनियाकेसाथभीबांटेंगे।ताकिसकारात्मकरूपसेलोगइसेसमझसकें।इसपीसमैराथनमेंदेश-विदेशके5हजारधावकोंनेहिस्सालिया।बस्तरपुलिसऔरआईजीविवेकानंदसिन्हाकेप्रयाससेयहआयोजनसफलहुआ।21किलोमीटरलंबीइसमैराथननेअबूझमाड़कीजमीनपरबाहरीलोगोंकीआवाजाहीकारास्ताएकबारफिरखोलाहै।

अनसुलझेरहस्योंवालाअबूझमाड़जैसाकिनामसेहीस्पष्टहैअबूझमतलबजिसकोबूझनासंभवनाहोऔरमाड़यानिगहरीघाटियांऔरपहाड़।यहएकअत्यंतदुर्गमइलाकाहै।गुगलमैपकेअनुसारयहांलगभग4400वर्गकिलोमीटरकेइलाकेमेंकोईभीसड़कनहीहै।यहांकीघाटियोंकीतराईवालेइलाकेमेंबाहरीलोगोंकीपहुंचसंभवहीनहींहैऔरइसीवजहसेकईतरहकेसरकारीसर्वेयहांकभीहुएहीनहीं।यहांकेमाड़ियाआदिवासीबेरवापद्धतीसेजगहबदल-बदलकरखेतीकरतेहैं।

यहीकारणहैकियहांकीकरीब200बस्तियांभीएकजगहसेदूसरीजगहस्थानांतरितहोतीरहतीहैं।यहांसालऔरनीलगिरीकेसघनजंगलहैंजिनकीवजहसेजंगलमेंसूरजकीरौशनीतकनहींपहुंचपाती।एनआईएकोअंदेशाहैकिदेशकेइससबसेदुर्गमइलाकोंमेंसेएकमेंकईखुंखारनक्सलीलीडरभीशरणलिएहुएहैं।पुलिसऔरसुरक्षाबलोंनेअबअबूझमाड़क्षेत्रकोनक्सलवादकेचंगुलसेपूरीतरहमुक्तकरानेकीठानलीहै।बस्तरआईजीविवेकानंदसिन्हाकाकहनाहैकिजल्दहीयहांपूरीतरहअमनऔरशांतिकायमहोगी।

By Dyer