जागरणसंवाददाता,कैथल:महंगाईकेइसदौरमेंअगरहमेंअपनामकानबनानाहै,तोकईबारसोचनापड़रहाहै।भवननिर्माणसामग्रीकेरेटलगातारबढ़रहेहैं।पिछलेतीनसालोंमेंसरिया,सीमेंटऔरईटकेरेटोंमेंलोगोंकीचिताबढ़ारखीहै।

पिछलेएकमहीनेमेंहीसीमेंटकेकट्टेकेरेट40से50रुपयेतकबढ़गएहैं।ईंटकेरेटछहहजाररुपयेप्रतिहजारईंटतकपहुंचचुकेहैं।सरियाभीइससमय75रुपयेप्रतिकिलोतकपहुंचचुकाहै।तीनसालपहलेऔरअबमकानबनानेमेंकरीब20से30प्रतिशतअतिरिक्तखर्चहोरहाहै।निर्माणसामग्रीमहंगाहोनेकाकारणलगातारबढ़रहेपेट्रोलऔरडीजलकेरेटभीहैं।करीबएकमहीनेमेंहीकरीब11रुपयेपेट्रोलकेदामबढ़गएहैं।वाहनोंकाकिरायाबढ़गयाहै,जिसकेकारणसामानभीमहंगाहोरहाहै।

कीमतोंमेंबढोतरी(अप्रैल)

सामग्री2022मेंरेट2021मेंरेट2020मेंरेट

ईटछहहजाररुपये5500रुपये5000रुपये

सीमेंट430रुपयेकट्टा360रुपये340रुपये

सरिया75रुपयेकिलो55रुपये50रुपये

रेता26रुपयेफीट24रुपये23रुपये

बजरी33रुपयेफीट31रुपये30रुपयेबच्चोंकीवर्दीऔरफीसमेंहुईबढ़ोतरी

कोरोनाकेबादसेबच्चोंकीपढ़ाईभीमहंगीहोगईहै।अबस्कूलखुलचुकेहैं,लेकिनबच्चोंकीफीस,किताबोंसेलेकरवर्दीतकमहंगीहोगईहैं।स्कूलोंकीवर्दियोंऔरजूतोंकेदाम20से40प्रतिशततकबढ़गएहैं।जोस्कूलकीवर्दीदोसालपहले500से600रुपयेमेंआतीथीअबउसके700से800रुपयेदेनेपड़रहेहैं।किताबोंकेरेटभीबढ़ाएगएहैं।जोकिताबएकसालपहले100रुपयेकीआतीथीवहअब160से200रुपयेतकमिलरहीहै।अगरकिसीएककक्षाकापूरीकिताबोंकासेटलेनाहोतोदोहजारसेतीनहजाररुपयेतकमिलरहाहै।निजीस्कूलोंनेबच्चोंकीफीसभीबढ़ादीहै।स्कूलबसकेपहलेजहां600रुपयेलगतेथेवहांअब700से750रुपयेलिएजारहेहैं।