संवादसूत्र,तालग्राम:प्रशासनकीअनदेखीकेकारणलोगगंदगीमेंजीनेकोविवशहैं।जलनिकासीनहोनेकेकारणसड़कोंपरजलभरावहै।नालियांगंदगीसेबजबजारहीहैं।यहतस्वीरहैग्रामपंचायतसिलुआपुरकी।यहांदलितबस्तीमेंपाइपलाइनखराबहोनेसेपानीनहींपहुंचपारहाहै।

ग्रामपंचायतसिलुआपुरकीआबादी4500केकरीबहै।इसमें1975मतदाताशामिलहै।मगरयेलोगसरकारकीकईयोजनाओंसेवंचितहैं।यहांपरसीमेंटेडसड़ककानिर्माणकराया,लेकिनजलनिकासीकोनालीनहंीबनवाईगई।ऐसेमेंलोगघरोंकेगंदेपानीकोसामनेबनाएगएगड्ढ़ोंमेंएकत्रितकररहेहैं।इससेगंदगीफैलतीहै।इज्जतघरबनानेमेंभीभेदभावकियागया।कुछकोबनवानेकेबादरुपयेदिलवाएजानेकाआश्वासनदियागया,लेकिनअबतककिसीकोभुगताननहींहुआ।सफाईकर्मीनियमितनहींआताहै।स्कूलोंवग्रामप्रधानकेदरवाजेपरसफाईकरचलाजाताहै।गोचराकीजमीनपरलोगोंनेकब्जाकरलिया।बारिशमेंनिकलनेमेंपरेशानीहोतीहै।विधवा,वृद्धावस्थापेंशनकेलिएभीमहिलाएंभटकरहीहैं।

क्याकहतेहैंलोग

ग्रामप्रधाननेशौचालयबनवानेकोकहाथा।एकवर्षकासमयहोनेजारहाहै,अबतकभुगताननहींदिलवायागया।ऐसेकईलोगहैं,जिनकोरुपयोंकीजरूरतहै।इनसभीकोभुगतानदिलवायाजाए।

गांवमेंसड़ककच्चीहोनेकीवजहसेजलभराववकीचड़होताहै।कईबारशिकायतकीगईलेकिनकोईसुनवाईनहींहुई।महिलाओंवबच्चोंकोबारिशकेसमयपरेशानीहोतीहै।

-दीपू¨सहगांवमेंदिव्यांगोंकीपेशनव्यवस्थाठीकनहींहै।कईबारआवेदनकियालेकिनअबतकउसकोदिव्यांगपेंशननहींमिलसकीहै।जिलामुख्यालयतकदौड़लगाकरथकगया।केवलआश्वासनमिलतारहताहै।

-दिव्यांगशिवदत्त¨सहआर्थिकस्थितिठीकनहोनेकीवजहसेअबतकवहशौचालयकानिर्माणनहींकरवासकेहैं।कईबारप्रधानसेकहालेकिनधनराशिनहंीदीगई।ऐसेमेंपरिवारकीमहिलाओंवबेटियोंकोपरेशानीहोतीहैं।उनकेजैसेकईअन्यपरिवारभीहैं।

जोभीबजटगांवकेविकासकोमिलाथा,उतनाकामकरवादियागयाहै।बजटमिलनेपरनालियोंकानिर्माणभीकरायाजाएगा।पानीकीपाइपलाइनभीदुरुस्तकराईजाएगी।पेंशनकेफार्मसमाजकल्याणविभागमेंजमाहैं।स्वीकृतनकरनेकेबारेमेंकोईसहीजानकारीनहंीदीजारहीहै।

राजेंद्र¨सहपाल,ग्रामप्रधान

ग्रामीणोंकीसमस्याएंजानकारीमेंनहींथी।हालहीमेंचार्जलियाहै।ग्रामप्रधानवसचिवसेवार्ताकरप्राथमिकस्तरपरसमस्याकासमाधानकरायाजाएगा।शौचालयबनवानेवालेसभीग्रामीणोंकोधनराशिदिलाईजाएगी।

बालेश्वरप्रसादकुशवाहा,बीडीओतालग्राम