नईदिल्‍ली(डॉ.उषाअरोड़ा)।जन-जनकेविचारऔरविश्वासमेंसमाएगणपतिकाउत्सवलोगधूमधामसेमनातेहैं।विघ्नविनाशक,मंगलकर्ता,ऋद्धि-सिद्धिकेदाता,विद्याऔरबुद्धिकेआधारगणपतिकीपूजा-आराधनाकाउत्सवहीगणेशोत्सवहै।भाद्रपदशुक्लपक्षकीचतुर्थीसेगणेशजीकाउत्सवआरंभहोताहै।वैदिककालसेलेकरआजतकभारतसेलेकरसिंधऔरतिब्बत,जापानऔरश्रीलंकातकभगवानगणेशकापूजनबहुतविधि-विधानसेहोताहै।जैनसंप्रदायमेंज्ञानकासंकलनप्रतिबिंबितकरनेवालेगणेशजीहैंतोबौद्धधर्मकीवज्रयानशाखाकाविश्वासतोयहांतकहैकिगणपतिस्तुतिकेबिनामंत्रसिद्धिनहींहोसकती।कुछनेपालीतथातिब्बतीधर्मानुयायीअपनेआराध्यतथागतकीमूर्तिकेबगलमेंगणेशजीकोस्थापितकरतेहैं।

पुराणोंमेंरूपकोंकीभरमारकेकारणगणपतिकेजन्मकीअनेककथाएंहैं।अधिकांशकथाएंब्रह्मवैवर्तपुराणमेंहैं।गणपतिकहींशिव-पार्वतीकेपुत्रमानेगएहैंतोकहींपार्वतीकेही।पार्वतीसेशिवकाविवाहहोनेकेबहुतदिनोंबादतकपार्वतीजीकेकोईसंताननहळ्ई।इसपरदेवताओंनेपार्वतीजीकोपुण्यकव्रतकरनेकासळ्झावदिया।परिणामस्वरूपगणपतिकाजन्महुआ।शिवकेकु्रद्धहोनेऔरशीशकाटनेकीकथाभीबहुतप्रचलितहै।इसकेबादगणपति‘गजानन’होगए।वहशिवकेगणोंकेप्रियहोनेकेकारण‘गणपति’तथा‘विनायक’कहलाए,पेटबड़ाहोनेकेकारण‘लंबोदर’,एकदांतहोनेकेकारण‘एकदंत’,विघ्नोंकेनाशकर्ताहोनेसेइन्हें‘विघ्नेश’भीकहाजानेलगा।

सर्वमंगलकीकामना

सनातनधर्मानुयायीस्मार्तोंकेपंचदेवताओंमेंगणेश,विष्णु,शंकर,सूर्यऔरभगवतीमेंगणेशप्रमुखहैं।शास्त्रोंमेंगणेशकोओंकारात्मकमानागयाहै।सभीशुभकार्योंमेंइनकीपूजासबसेपहलेहोतीहै।लौकिकदृष्टिसेएकबातसर्वसिद्धहैकिप्रत्येकमनुष्यअपनेशुभकार्यकोनिर्विघ्नसमाप्तकरनाचाहताहै।गणपतिमंगलमूर्तिहैं,विघ्नोंकेविनाशकहैं।इसलिएइनकीपूजासर्वप्रथमहोतीहै।महाराष्ट्रमेंगणेशोत्सवकीप्रथासातवाहन,राष्ट्रकूट,चालुक्यआदिराजाओंनेचलाईथी।पेशवाओंनेगणेशोत्सवकोबढ़ावादिया।लोकमान्यबालगंगाधरतिलकनेगणेशोत्सवकोराष्ट्रीयरूपदिया।तबसेमहाराष्ट्रमेंगणपतिपूजनएकपर्वबनगया।मिट्टीसेगणेशजीकीप्रतिमाबनाकरसर्वमंगलकीकामनाकीजातीहै।भाद्रपदमेंशुक्लपक्षकीचतुर्दशीकोशोभायात्राकेसाथगणपतिकीप्रतिमाकोसमुद्रयानदीमेंविसर्जितकियाजाताहै।

आजकेपरिप्रेक्ष्यमेंगणपति

आजकेपरिप्रेक्ष्यमेंगणेशजीसेबहुतकुछसीखनेऔरसमझनेकासमयहै।आजजबआत्मनिर्भरभारतकीबातहोरहीहैतोएकप्रबंधककेरूपमेंगणेशजीकीआकृतिसंपूर्णगुणोंसेपरिपूर्णहैसाथहीकोरोनासंक्रमणकेसमयमेंजबव्यक्तिनिराशऔररोजी-रोटीकेलिएजूझरहाहै,उससमयगणेशजीकीप्रतिमाअव्यक्तरूपसेसबव्यक्तकरदेतीहै।गणेशजीएकसमूहकेअधिष्ठातागणाध्यक्षहैं।एकऐसीसाकारशक्तिहैं,जोशळ्रूसेअंततकसुनिश्चितकरतीहैकिअपनेलक्ष्यकोपानासंभवहै।समूहकोसंचालितकरनेवालेव्यक्तिमेंगुणोंकासमावेशकैसाहो,यहउनकीआकृतिमेंस्पष्टदृष्टिगोचरहोताहै।

इनकाबड़ासिरहमेंबड़ासोचनेऔरचीजोंकोव्यापकपरिप्रेक्ष्यमेंदेखनेकीप्रेरणादेताहै।इससेप्रत्येकपरिस्थितिकाअवलोकनकरनाआसानहोजाताहै।माथेपरचंदनकातिलकशीतलताऔरसौम्यताकाप्रतीकहै।यहसर्वविदितहैकिआगेबढ़नेकेलिएशांतहोनाजरूरीहै।इनकेबड़ेकानधैर्यपूर्वकसुननेऔरसचेतरहनेकीप्रेरणादेतेहैं।बातसुननेसेरिश्तेमजबूतहोतेहैं।सबसुनोऔरमस्तिष्कमेंरखलो।इसकेविपरीतगणेशजीकामुखसंयमपूर्वकबोलनेकीप्रेरणादेताहै।लंबीसूंड़दूरसेहीसहीऔरगलतपरिस्थितियोंकाबोधकरलेनेकेसामथ्र्यकोप्रतिबिंबितकरतीहै।छोटीआंखेंएकाग्रताकीद्योतकहैं।

जबचिंतनकरतेहैंतोआंखेंस्वयंछोटीहोजातीहैं।यहसूक्ष्मदृष्टिअपनाकरहीहमअपनीपरिस्थितियोंकोअच्छीतरहनियंत्रितकरसकतेहैं।उनकाविशालउदरसमाजमेंघटितहोनेवालीहरतरहकीबातोंकोपचालेनेकाप्रतीकहै।उन्होंनेमहाभारतलिखनेकेलिएअपनेबहुमूल्यदांतकोकलमबनाकरइस्तेमालकियाताकिज्ञानकाविस्तारहोसके।गणेशजीकेआकारकेअनुरूपउनकावाहनमूषकबहुतछोटाहै।मूषकइसबातकाद्योतकहैकिहमारीइच्छाएंसीमितहोनीचाहिए।गणपतिकेहाथमेंरखालड्डूप्रेरणादेताहैकिमेहनतकरनेपरसफलतानिश्चितहैऔरईमानदारकोशिशकरनेमेंधन-धान्यकीकमीनहींहोगी।उनकाआशीर्वाददेताहाथकहताहैकितुममेरेसिद्धांतोंपरचलो,मैंहमेशातुम्हारेसाथहूं।

अपनाएंसुरक्षिततरीका

गणेशजीकीआकृतिसेहमेंविभिन्नप्रकारकीसीखमिलतीहै।इससेमुश्किलोंपरजीतहासिलकरनेकाआत्मविश्वासपैदाहोताहै।आजकीकठिनपरिस्थितिमेंवेविघ्नतोदूरकरतेहैंसाथहीनिराशासेभीउबारतेहैं।कोरोनासंक्रमणकेइससंकटमेंजबसार्वजनिकपूजनऔरयात्राएंनहींहोसकतींतोघरपरहीएकाग्रहोकरचिंतनकरनाआराधनाकासबसेसुंदरतरीकाहै।

By Duffy