रविद्रशर्मा,शिमला

प्रदेशकीसड़कोंपरदौड़रहीओवरलोडबसोंकेपीछेकईकारणहैं।इनमेंएकबड़ाकारणरूटसिस्टमभीहै।प्रदेशकेविभिन्नरूटोंपरनिजीऔरएचआरटीसीकी6300बसेंचलरहीहैं।पहलेओवरलोडिंगकेकारणसमझनेकीजरूरतहै।आजदिनतकरूटोंपरकोईसर्वेनहींहुआहै।अबओवरलोडिगकीसमस्याकेसमाधानकेलिएकामकियाजारहाहै।सड़कदुर्घटनामेंओवरलोडिग,चालककीलापरवाहीऔरसड़कोंकीदशाप्रमुखकारणरहतेहैं।यहकहनाहैकिपरिवहनविभागकेनिदेशकजेएमपठानियाके।यहबातेंउन्होंने'दैनिकजागरण'सेविशेषबातचीतकेदौरानकही।प्रस्तुतहैंइसबातचीतकेकुछअंश:--प्रदेशमेंबसरूटसिस्टमओवरलोडिगकाबड़ाकारणकैसेहै?

देखिए,किसीरूटपरकोईऑपरेटरबसचलानाचाहताथातोउसेपरमिटदेदियाजाताथा।बादमेंरूटनीतिमेंबदलावकिया।इसमें60:40केअनुसाररूटनिर्धारितकिएजानेलगे।यानीसाठफीसदग्रामीणक्षेत्रकीसड़केंऔर40फीसदशहरीक्षेत्रकोकवरकियाजाताहै।चालीससीटरबसकापरमिटलेनेकेबादग्रामीणरोडपरसवारियांकममिलतीहैं।ऐसेकईबसऑपरेटररूटमिसकरजातेहैं।एकरूटमिसहोनेकारणदूसरेबसोंमेंओवरलोडिगहोनाशुरूहोजातीहै।-ओवरलोडिगऔररूटमिसकरनेकीसमस्याकेसमाधानकेलिएइसपॉलिसीमेंबदलावकियाजाएगायाअन्यहलनिकालाजारहाहै?

पॉलिसीमेंबदलावकरनाअलगबातहै।यदिइसमेंबदलावकर60:40कीशर्तहटाईजातीहैतोग्रामीणसड़कोंकेरूटपरकोईट्रांसपोर्टरनहींजाएगा।ऐसेमेंसर्वेकरफीडररूटबनानेकोकहाहै।इसकामतलबयहहैकि40सीटरबसेंनेशनलऔरस्टेटरोडपरचलें।ग्रामीणरोडकेलिएदसयाबीससीटरबसेंचलाईजाएं।इसेलेकर150केकरीबफीडररूटचयनितकिएजाचुकेहैं।दोमाहकेभीतर500रूटशुरूकरदिएजाएंगे।सर्वेकेआधारपरयहरूटचयनितकिएजारहेहैं।-क्यारूटकेलिएकियासर्वेस्टीकहैयाइससेआगेकुछसोचाजारहाहै?

सहीकहूंतोअभीभीयहवैज्ञानिकसर्वेनहींहै।विभागसाइंटिफिकसर्वेकरवानेकाप्रयासकररहाहै।इसमेंयहदेखाजाएगाकिकिससड़कपरकितनेयात्रीसफरकरतेहै।इनमेंकितनेरोजसफरकरनेवालेहैं।अभीदिक्कतयहहैकिऐसासर्वेकरनेवालीकंपनीदेशमेंनहींहै।विभागअंतरराष्ट्रीयस्तरकीकंपनीकीतलाशकररहाहै,जिसनेपहलेभीऐसासर्वेकियाहो।बसमेंकितनेयात्रीखड़ेहोकरजासकतेहैं।क्याइसकेलिएनियमोंमेंप्रावधानहै?

बसमेंसवारियोंकीक्षमतासेअधिकयात्रीलेजानेकाट्रांसपोर्टएक्टमेंकोईप्रावधाननहींहैऔरनहीकिसीपरिस्थितिमेंऐसाकुछअंकितकियाहै।कुल्लूहादसेकेबादविभागनेनिजीट्रांसपोर्टरोंऔरएचआरटीसीकोमौखिकतौरपरबतायाहैकिबसमेंआठसेदसयात्रीखड़ेलेजासकतेहैं।हालांकिसेंट्रलइंस्टीट्यूटऑफरोडट्रांसपोर्टसे15से20फीसदलोगोंकोबसमेंखड़ेहोनेकीमंजूरीमांगीगईहै।-ओवरलोडिगकेअलावाक्याप्रदेशकीसड़कोंकीदशाहादसोंकेलिएजिम्मेदारनहींहै?

इसमेंकोईदोरायनहींहैकिसड़कहादसोंमेंप्रदेशकीसड़कोंकीदशाभीबड़ाकारणहै।वैसे90फीसदतकसड़कहादसेचालककीगलतीसेहोतेहैं।इसमेंओवरस्पीड,शराबपीकरगाड़ीचालाना,गाड़ीचलातेसमयफोनसुननायाम्यूजिकसिस्टममेंगानेबदलतेवक्तहीहादसापेशआताहै।रहीसहीकसरसड़कोंकीदशापूरीकरदेतीहै।जिसजगहपांससेदसदुघर्टनाहोजातीहैंउसजगहकोब्लैकस्पॉटकीश्रेणीमेंडालदियाजाताहै।हादसोंसेपहलेइनस्पॉटकाचयनक्योंनहींकियाजारहाहै?

जीबिलकुलसहीकहा।जहांपांचयादससड़कदुर्घटनाएंहोजाएंउसेब्लैकस्पॉटकीश्रेणीमेंडालदियाजाताहै।ब्लैकस्पॉटतोठीककिएजातेहैं,ऐसेदुर्घटनासंभावितक्षेत्रोंकासमयसेपहलेचयनकरनाभीजरूरीहै।इसमेंपुलिस,बसचालकोंऔरएंबुलेंसचालकोंकीमददलीगई।पुलिसविभागने195,एचआरटीसीने176औरएंबुलेंसचालकोंने500सेअधिकदुर्घटनासंभावितक्षेत्रचयनितकिएहैं।इसकेबारेमेंलोकनिर्माणविभागकोबतादियाहै।मुख्यसचिवनेभीविभागकोऐसेस्पॉटठीककरनेकेनिर्देशदिएहैं।