संवादसूत्र,बादली:बरहाकॉलोनीमेंएकसालसेबिजलीकेतारोंकेबीचलांगड़ा(तारोंकोआपसमेंमिलनेसेरोकनेकेलिएलगायाजानेवालासहायक)नबदलनेसेगुस्साईमहिलाओंनेबादलीकेबिजलीघरपररोषजताया।दिनकेसमयमेंबिजलीघरपहुंचीमहिलाओंनेकहाकिइसकीशिकायतदेनेकेबावजूदआश्वासनहीदियागयाहै।जबकि,समाधाननहींहुआ।ऐसानहींहोपानेकेकारणबार-बारबिजलीकीसप्लाईमेंदिक्कतआतीहै।

महिलाओंनेप्रशासनकोदोदिनकाअल्टीमेटमदेतेहुएकहाकिअगरतयसमयमेंसमाधाननहींहुआतोसड़कपरउतरकररोषजताएंगी।ग्रामीणराजसिंह,प्रदीप,अनिल,सुमेर,कमला,विमला,अनिता,सुरेशआदिग्रामीणोंनेकहाकिबिजलीनिगमकेजेईबार-बारझूठेआश्वासनदेतेरहतेहैं।जल्दकामहोनेकीबातकहकरटालदेतेहै।रविवारकोकस्बाकीमहिलावपुरुषोंनेबिजलीनिगमकार्यालयमेंपहुंचकरविरोधजताया।हालांकि,अलग-अलगपहुंचेग्रामीणोंनेशारीरिकदूरीबनाएभीरखी।उन्होंनेकहाकिलांगड़ानबदलनेकेकारणलगातारहादसेहोरहेहै।जिसमेंपक्षीवबंदरबिजलीकीचपेटमेंआजातेहै।इधर,जबजेईरणसिंहकेपासफोनकियागयातोउन्होंनेग्रामीणोंकाफोनरिसीवनहींकिया।