हाथरस,जागरणसंवाददाता।वृद्धोंकेलिएसमाजसेवीसहाराबनेहुएहैं।समय-समयपरउनकीसहायताकरनाहीसामाजिकसंगठनाेंनेअपनालक्ष्यबनालियाहै।शहरमेंआगरारोडस्थितआवासीयवृद्धआश्रममेंसामाजिकसंगठनद्वारागर्मीकेमौसमसेराहतदिलानेकेलिएकूलरऔरपंखेबुजुर्गाेंकेलिएलगवाए।

आवासीयवृद्धआश्रमसबसेबुजुर्गोंकासबसेबड़ासहारा

कहतेहैंऔलादकोमां-बापपाललेजातेहैं।उन्हेंजन्मदेनेसेलेकरअपनेपैरोंपरखड़ाहोनेतकभलामां-बापक्यानहींकरते।अपनीसारीजिंदगीकष्टसहतेहुएबच्चोंकोखुशियांदेनेमेंलगादेतेहैं।बुढ़ापेमेंजबमां-बापकोबच्चोंकेसहारेकीजरूरतहोतीहैतोयहीऔलादउनसेआंखेचुरानेलगतेहैं।इतनानहींउन्हेंबेघरकरनेमेंभीकोईकसरनहींछोड़ते।ऐसेहीबुजुर्गोंकेलिएआगरारोडस्थितआवासीयवृद्धआश्रमसबसेबड़ासहाराबनाहुआहै।

यहांरहरहेजिलेहीनहींअन्यप्रदेशोंकेबुजुर्ग

वृद्धआश्रममेंअन्यजिलेकेहीनहींअन्यप्रदेशोंकेबुजुर्गरहेहैं।इनबुजुर्गोंकोयहांसुकूनभीमिलताहै।बुजुर्गोंकीसेवाकरनेकेलिएयहांपरसमाजसेवियोंद्वारासमय-समयपरयहांखान-पानकीव्यवस्थाकीजातीहै।समाजसेवियोंद्वाराइसहीसंस्थाकासंचालनकियाजारहाहै।घरजैसावातावरणबुजुर्गोंकोमिले,इसकेलिएसमाजसेवीतत्पररहतेहैं।

आश्रमकोदिएतीनपंखावकूलर

नयानजरियानईराहकेतत्वावधानमेंइसआवासीयवृद्धआश्रममेंएककूलरऔरतीनछतवालेपंखेलगवाएगए।भीषणगर्मीमेंइनकेलगनेसेबुजुर्गाेंकोराहतमिलेगी।वहींसंगठनद्वाराबुजुर्गअम्मावबाबाकोसमोसे,बिस्किट,फलखिलाएऔरउन्हेंफ्रूटीपिलाकरउनकाआशीर्वादलिया।इसमेंदीप्तिअग्रवाल,कोमलमहेश्वरी,नमिताअग्रवाल,नीलममित्तल,रेखा,नीरूखेमका,पूनमखेमका,मीनूगर्ग,सरिता,रागिनी,लीना,सरोजशर्माकामौजूदरहे।

By Farrell