मनमोहनवशिष्ठ,डगशाई(सोलन)

ब्रिटिशकालकेदौरानहिमाचलमेंबनेकईभवनअपनीभव्यताकेलिएपहचानरखतेहैं,लेकिनकुछभवनऐसेभीहैंजिनकेबारेमेंजाननेपररूहभीकापजातीहै।इनभवनोंमेंअंग्र्रेजोंद्वाराकिएगएजुल्मोंसेआजभीदिलसहमउठताहैऔरमनभगवानकायहीशुक्रियाअदाकरताहैकीहमउसगुलामीकीजंजीरोंकीबजाएआजादखुलीहवामेंसासलेरहेहैं।आजहमबातकररहेहैंसोलनजिलेमेंस्थितदेशकीसबसेपुरानीब्रिटिशछावनियोंमेंसेएकडगशाईछावनीकेबारेमें।ब्रिटिशकालमेंबनीसेंट्रलजेलडगशाईमेंभारतीयोंपरहुएजुल्मोंकीकहानीसुनकरआजभीलोगसिहरउठतेहैं।आइएजानेंकालापानीकेनामसेमशहूरडगशाईजेलकेबारेमेंकुछरोचकतथ्य..हिमाचलप्रदेशकेप्रवेशद्वारपरस्थितपर्यटननगरीकसौलीसे15किलोमीटरदूरडगशाईकैंटहैजहायहजेलस्थितहै।जेलकोअबएकसंग्रहालयमेंबदलाजाचुकाहै।इसजेलकीसबसेदिलचस्पबातयहहैकिइसमेंराष्ट्रपितामहात्मागाधीनेभीएकदिनबितायाथा,हालाकिसजाकेतौरपरनहींबल्किवहकैदियोंसेमिलनेयहाआएथे।पहाड़ीपरस्थितडगशाईगावकोमहाराजापटियालानेअंग्रेजोंकोदानमेंदियाथाऔरअंग्रेजोंनेइसकोअपनीछावनीकेरूपमेंस्थापितकियाथा।अंग्रेजोंनेछावनीकेसाथसाथयहाबागियोंकोरखनेकेलिएएककेंद्रीयकारागारकाभीनिर्माणकरवायाथा।डगशाईजेलमेंप्रवेशकरतेहीकालकोठरियोंमेंघनेअंधेरेकेकारणदिनमेंहीरातकाआभासहोताहै।अंधेरीकोठरियोंकीदीवारोंसेआजभीकैदियोंकेदमघुटनेकीसिसकियाकानोंमेंगूंजतीप्रतीतहोतीहैं।

टीआकारकीकिलेनुमाहैजेलडगशाईजेलआजभीब्रिटिशशासकोंकेमनमानेआदेशथोपनेकेप्रमाणोंकोउजागरकरतीहै।जेलमेंबनीकोठरियाइसबातकोबतातीहैंकिजोकैदीअतिअनुशासनहीनहोतेथेउन्हेंएकातकैदकक्षमेंडालदियाजाताथाजिसमेहवावरोशनीकाकोईभीप्रबंधनहींहोताथा।जेलमेंकुल54कैदकक्षहैं,जिनमेंसे16कोएकातकैदकक्षकहाजाताहै,इनकाउपयोगकठोरदंडदेनेकेलिएकियाजाताथा।इनजेलखानोंमेंबहुतमुश्किलसेहवाअंदरआपातीहैऔरकिसीभीजगहसेप्रकाशकेअंदरआनेकाकोईस्नोतनहींहै।एकसेलखासतौरपरउच्चकठोरदंडदेनेकेलिएअलगसेबनायागयाहै।इससेलकेतीनदरवाजेहैं।एकबारअगरकिसीकैदीकोवहाकेएकदरवाजेसेअंदरडालागयातोबाकीकेदरवाजेभीबंदकरदिएजातेथे,जिससेउसकैदीकीहलचलपरप्रतिबंधलगजाए।जेलखानेमेंजगहबहुतकमहोनेकीवजहसेकैदीएकहीजगहखड़ेहोनेकेलिएबाध्यहोजाताथा।यहसजाअंग्रेजीशासनकोचुनौतीदेनेपरसबसेकठोरसज़ाहुआकरतीथी।

1849मेंकियाथाजेलकानिर्माणयहजेलटीआकारकीहै,जिसमेऊंचीछतवलकड़ीकाफर्शहै।ऐसेनिर्माणकेपीछेयहउद्देश्यरहाहोगाकीकैदीकीकिसीभीगतिविधियोंकीआवाजकोचौकसीदस्तेआसानीसेसुनसके।केंद्रीयजेलकानिर्माणसन1849में72875रुपयेकीलागतसेकियागयाथा,जिसमें54कैदकक्षहैं।हरकैदकक्षकाभूतलक्षेत्रफल8श्12फीटहै,जिसकीछत20फीटऊंचीहै।भूमिगतपाइपलाइनसेभीअंदरहवाआनेकीसुविधाहै,जोबाहरकीदीवारोंमेंजाकरखुलतीहै।इसकाफर्शवद्वारदीमकप्रतिरोधीसागौनकीलकड़ीसेबनेहैंजोआजभीभीउसीस्वरूपमेंहै।

खासलोहेसेबनेकैदकक्षयहाजेलमेंबनेहरकैदकक्षकेद्वारोंकानिर्माणढलवेंकेलोहेसेकियागयाहै।इन्हेंकिसीहथियारकेबिनानहींकाटाजासकताहै।जेलएकमजबूतकिलेकीतरहहैजिसकामुख्यद्वारबंदहोनेकेबादनतोफादकरबाहरजायाजासकताहैऔरनहीअंदरप्रवेशकियाजासकताहै।अंग्रेजोंनेइसजेलकाइस्तेमालबागीआयरिशकैदियोंकोरखनेकेलिएकियाथा।

महात्मागाधीभीआएथेयहाडगशाईजेलकेइतिहासकोदेखेंतोपताचलताहैकि1920मेंराष्ट्रपितामहात्मागाधीभीयहाआचुकेहैं।उससमयजिससेलमेंवहआएथेउसकेबाहरमहात्मागाधीकीतस्वीरलगाईहुईहै।आयरिशसैनिकोंकीहोतीगिरफ्तारीनेमहात्मागाधीकोशीघ्रहीडगशाईआनेकेलिएप्रेरितकिया,ताकिवेयहाआकरएकाएकइसकाआकलनकरसकें।इसजेलमेंबागीआयरिशसैनिकोंसहितहिंदुस्तानकेस्वतंत्रतासेनानियोंकोभीरखाजाताथा।कईयोंकोतोयहाजेलमेंहीफासीपरभीलटकागयाथा।1857मेंहुईकसौलीक्त्रातिकेकईवीरक्त्रातिकारियोंकोभीइसीजेलमेंरखागयाथा।महात्मागाधीकेहत्यारेनाथूरामगोडसेकोभीशिमलाकोर्टमेंट्रायलकेदौरानडगशाईजेलमेंहीरखागयाथा।

दागएशाहीसेबिगड़ानामडगशाईबहुतहीकमलोगजानतेहैंकिजोकैदीइसजेलसेसजाकाटकरनिकलताथातोउसकेमाथेपरदागएशाहीकीअमिटमुहरलगादीजातीथी,जिसेदेखकरहरकिसीकोयहपताचलजाताथाकियेशख्सदागएशाहीजेलकीसजाकाटकरआयाहै।कालातरमेंदागएशाहीसेबिगड़करडगशाईनामप्रचलितहोगया।डगशाईआजभीसैन्यछावनीहै।

अबम्यूजियमहैजेलडगशाईजेलकोअबम्यूजियमबनादियागयाहै।बतायाजाताहैकिकालापानीकेनामसेमशहूरअंडमाननिकोबारकीजेलकेबादयहभारतकादूसराजेलम्यूजियमहै।म्यूजियममेंउसउसमकीकईतस्वीरें,कलाकृतिया,तोपखानेउपकरणवअन्यजानकारीदस्तावेजरखेहुए।यहाहरसप्ताहवीकेंडपरजेलकोदेखनेकेलिएपर्यटकोंकाजमावड़ारहताहै।पर्यटकजेलकोघूमकरअंदाजालगालेतेहैंकियहाउसजमानेमेंकैदियोंकोकितनीकठोरसजावयातनाएंदीजातीथीं।जेलकेहरजेलखानेकाब्योरा,जेलखानोंकेबाहरलगेबोर्डमेंउल्लेखितहै।

By Ellis