शिमला,रमेशसिंगटा।हिमाचलप्रदेशमें1660करोड़सेवनोंकाबेहतरप्रबंधनहोगा।इससेविकासयोजनाओंकेलिएकटरहेपेड़ोंसेहुएपर्यावरणकेनुकसानकीभरपाईहोसकेगी।हरितआवरणमेंबढ़ोत्तरीहोगी।इसकेलिएमौजूदावित्तवर्षमेंमार्चमाहतक158करोड़खर्चहोंगे।अबतक26करोड़रुपयेहीखर्चहोपाएहैं।अगलेमाहनएवित्तवर्ष2021-22केलिएनयाप्लानतैयारहोगा।इसेपहलेस्वीकृतिकेलिएराज्यकीअथॉरिटीकार्यकारीकमेटी,स्टीयरिंगकमेटीकेबादराष्ट्रीयअथॉरिटीकेपासभेजाजाएगा।तीनोंजगहोंसेस्वीकृतिमिलनेकेबादप्लानजमीनपरउताराजासकेगा।पैसासहीतरीकेसेखर्चहो,इसकेलिएअधिकारियोंकीटीमप्रभावीनिगरानीकरेगी।

ऐसाक्षतिपूर्तिवनीकरणप्रबंधनऔरनियोजनअधिकरण(कैंपा)फंडसेसंभवहोगा।इसकेतहतवनोंमेंचेकडैमवतालाबोंकानिर्माणहोगावपौधारोपणकियाजाएगा।किसीभीप्रोजेक्टकेलिएकाटेपेड़ोंकेतीनगुनाअधिकनएपौधेरोपेअनिवार्यहै।कैंपाफंडकादुरूपयोगनहो,इसकेलिएथर्डपार्टीमॉनिटरिंगकीजारहीहै।

50से60फीसदजीवितरहतेहैंनएपौधे

अबतककाकैंपाकाअनुभवबताताहैकिनएरोपेपौधोंमेंसे50से60फीसदहीजीवितरहतेहैं।वनविभागसभीयोजनाओंकेतहतहरसालकरीबएककरोड़पौधोंकारोपणकरताहै,लेकिनइसकीजीवितप्रतिशतताकाफीकमरहतीहै।

कोर्टकेआदेशसेआयाफंड

कैंपाफंडकेंद्रसरकारकेखातेमेंजमाथा।यहराज्यकेपाससुप्रीमकोर्टकेआदेशोंकेबादआया।जबतकयहपैसाचरणबद्धतरीकेसेखर्चनहींहोता,तबतकबैंकसेब्याजमिलतारहेगा।

असलमेंअगरप्रदेशमेंकहींभीकोईप्रोजेक्टलगताहैऔरइसमेंपेड़काटजानेहोतोउचितअथॉरिटीकेमाध्यमसेस्वीकृतिमिलनेकेबादडवेलपरकोप्रतिहेक्टेयरवनभूमिपरकाटेजानेवालेपेड़ोंकेबदलेछहसेसाढ़ेआठलाखरुपयेनेटप्रेजेंटवेल्यू(एनपीवी)केतौरपरजमाकरवानेहोतेहैं।इसीतरहसेदसमेगावॉटसेअधिकपावरप्रोजेक्टकेमामलेमेंकुलप्रोजेक्टलागतकाडेढ़फीसदपैसाकैचमेंटएरियाडवेलपमेंटप्लान(कैटप्लान)केलिएजमाकरवानाहोताहै।जहांप्रोजेक्टलगनाहोउसकेआसपासकीवनभूमिमेंहरियालीबढ़ाने,भूसंरक्षणकार्योंपरयहपैसाबादमेंखर्चहोगा।

प्‍लानकेतहतहोगाखर्च

पीसीसीएफवनविभागडा.सविताशर्माकाकहनाहैप्रदेशमेंग्रीनकवरकोबढ़ानेकेलिएकईप्रयासकिएजारहेहैं।कैंपाफंडकेतहतकईतरहकीगतिविधियांचलाईगईहैं।1660करोड़एकसाथकेंद्रसेजारीहुआथा।अबइसेप्लानकेहिसाबसेचरणबद्धतरीकेसेखर्चाजाएगा।

By Edwards