उपवासतोड़नेकाउत्‍सव

इस्लामीपरंपराकेअनुसार,रमजानकेमहीनेकेठीकबादईद-उल-फितरऔरहजकेमहीनेकेबादईद-उल-जुहादोमहत्वपूर्णत्योहारमनाएजातेहैं।ईदउलफितरकाशाब्दिकअर्थहैउपवासतोड़नेकाउत्सव।यहत्योहारहरसालरमजानकेअंतमेंइसलिएमनायाजाताहै,ताकितीसरोजोंजोउपवासकाहीदूसरानामहै,कीसमाप्तिकीखुशीमेंरोजेदारईश्वरकाशुक्रियाअदाकरसकें।उपवासकाउद्देश्यकेवलखाना-पीनाछोड़नानहींहोताहै,बल्किरोजाप्रतीकहैस्वयंकोहरबुराईसेजीवनभरदूररखनेका।

विश्वबंधुत्वकाउत्‍सव

रोजाअरबीशब्दसियाम(सावंम)केलिएप्रयोगकियाजाताहै,जिसकाअर्थ'संयम'होताहै।रमजानकेदौरानदिनमेंखानेऔरपानीसेदूररहनेसेरोजेदारकोयादरहताहैकिउसेजिम्मेदारीकीभावनाकेसाथजीवनजीनाहै।उन्हेंखुदकोयाददिलानाहैकिउन्हेंसंयमकाजीवनअपनानाहै।कुछलेनाहैऔरकुछछोड़नाहै।यहीरमजानकीअसलीभावनाहै।इसेगरीबोंकोफितर(दान)बांटनेकेत्योहारकेरूपमेंभीमनायाजाताहै।तभीईद-उल-फितरगरीबोंकेलिएभाईचारेकीभावनाऔरसहानुभूतिप्रकटकरनेकाभीप्रतीकहै।ईदमेंस्वादिष्टपकवानऔरनएपरिधानकीखासव्यवस्थाकीजातीहैऔरपरिवारसमेतदोस्तोंकेबीचतोहफोंकाआदान-प्रदानकियाजाताहै।मूलरूपसेईदविश्वबंधुत्वकोबढ़ावादेनेकात्योहारहै।इसलिएहजरतमुहम्मदनेइसेसभीधर्मकेलोगोंकेसाथमिलकरमनानेऔरसबकेलिएखुदासेसुख-शांतिऔरबरकतकीदुआएंमांगनेकीतालीमदीहै।

सामाजिकगतिविधिकोबढ़ावादेनेकापर्व

ईद-उल-फितरकासामाजिकअर्थभीहै।इसदिनमुस्लिमअपनेघरोंसेबाहरनिकलतेहैं,एकसाथनमाजपढ़तेहैं।अपनेपड़ोसियों,रिश्तेदारोंसेमिलतेहैंऔरअन्यलोगोंकोशुभकामनाएंदेतेहैं।अबतोइसत्योहारकोसभीसंप्रदायकेलोगमनातेहैं।दरअसल,इसत्योहारकाअसलउद्देश्यभीसामाजिकसद्भावकोबढ़ावादेनाहै।इसत्योहारकीहरगतिविधिसामाजिकगतिविधिमेंबदलजातीहै।

By Dunn