औरंगाबाद।जिलेमेंबेहतरस्वास्थ्यसेवाओंकेनामपरआमजनकोकईआश्वासनमिले,लेकिनयहकागजोंसेबाहरनहींआसकी।जिलेकेस्वास्थ्यसंस्थानोंमेंमरीजोंकोसुविधाएंकमऔरदिक्कतेंअधिकझेलनीपड़तीहै।मिलीजानकारीकेअनुसारप्रत्येकमाहऔसतनएकसौसेअधिकमरीजोंकोरेफरकापुर्जाथमायाजाताहै।खासकरकोईबड़ीघटनायादुर्घटनाहोनेपरसदरअस्पतालमेंगंभीरमरीजोंकाउचितइलाजनहींहोपाताहै।संसाधनोंकीकमीकेकारणप्राथमिकउपचारकरऐसेमरीजोंकोरेफरकरदियाजाताहै,जिसकेकारणमरीजोंकेअलावाउनकेपरिजनोंकीपरेशानीबढ़जातीहै।

स्वास्थ्यसुविधाएंउपलब्धकरवानेकेलिएराजनीतिकदलभीकभीदिलचस्पीनहींदिखातेहैं।सेहतकेसवालपरजवाबआजभीउलझेहुएहैं।अस्पतालोंमेंनपूरीदवाइयांउपलब्धहोपाईहैऔरनहीसभीजांचकीसुविधाएंही।मरीजआजभीप्राइवेटसंस्थानोंमेंमहंगेदामपरजांचकरवाकरबाहरसेदवाखरीदनेकोमजबूरहै।जिलेकेसरकारीस्वास्थ्यसंस्थानोंमेंचिकित्सकोंकेकईपदरिक्तहैं।इसमेंअधिकतरविशेषज्ञचिकित्सकशामिलहैं।विशेषज्ञचिकित्सकोंकेअभावकेकारणमरीजभगवानभरोसेहैं।सदरअस्पतालमेंमरीजोंकाइलाजकम,रेफरकापुर्जाज्यादाथमायाजाताहै।44लाखकीआबादीपरएकभीस्तरीयसरकारीअस्पतालनहीं

जिलेकीआबादीकरीब44लाखहै,लेकिनयहांएकभीस्तरीयसरकारीअस्पतालनहींहै।एकमेडिकलकॉलेजखोलनेकीघोषणाहुईथी,तोस्थलचयनमेंकरीबएकवर्षबीतगए।फिलहालजिलेकेसबसेबड़ेअस्पतालसदरअस्पतालकोहीअपनाअस्तित्वबचाकररखनेमेंपरेशानीकासामनाकरनापड़रहाहै।संसाधनोंकीसमस्यादूरकरनेकेबादभीमरीजोंकोबेहतरचिकित्सासुविधानहींमिलरहीहै।सदरअस्पतालमरीजोंकीचिकित्साकरनेमेंकितनासक्षमहोगा,यहसमझाजासकताहै।बावजूदइसकेजिलेमेंसरकारीचिकित्सासेवाकोदुरुस्तकरनेकामुद्दालोकसभावविधानसभामेंगूंजतेरहताहै।इसकेवाबजूदभीसमस्याकासमाधाननहींहोपारहाहै।अरसेसेराजनीतिकदलोंकेएजेंडेमेंसदरअस्पतालकीचिकित्सासेवाकाविस्तारनहींरहाहै।इसीकापरिणामहैकियहांकेगरीबोंकोयातोसंसाधनविहीनस्वास्थ्यसंस्थानोंमेंजिदगीकीजंगलड़नीपड़तीहैयाफिरबेहतरइलाजकेलिएजमीन-जायदादबेचनापड़ताहै।सदरअस्पतालकीबदहालचिकित्साव्यवस्थाकोलेकरहमेशाहंगामाहोताहै।मरीजोंकोनहींमिलरहाआइसीयूकालाभ

सदरअस्पतालमेंमरीजोंकोआइसीयूऔरअल्ट्रासाउंडकीसुविधाअबतकउपलब्धनहींकराईगईहै।अल्ट्रासाउंडकेवलप्रसूतिमहिलाओंकाहीहोपाताहै।अन्यकिसीभीप्रकारकेअल्ट्रासाउंडकीसुविधानहींहै।आइसीयूकीसुविधानहींहोनेकेकारणगंभीरमरीजोंकोइलाजकरानेमेंकाफीपरेशानीहोतीहै।पिछलेचारसालसेजिलास्वास्थ्यसमितिसदरअस्पतालमेंआइसीयूबनकरतैयारहैपरइसमेंएकभीमरीजोंकाइलाजनहीहोपायाहै।समस्याएंकई,समाधाननहीं

सदरअस्पतालमेंसुविधाएंकमऔरसमस्याएंअधिकहै।यहांमरीजऔरउनकेपरिजनोंकेसाथकर्मचारियोंकोभीपरेशानीकासामनाकरनापड़ताहै।लेकिनउनकीसमस्याओंकेसमाधानपरध्याननहींदियाजारहाहै।अस्पतालपहुंचतेहीकईमरीजदमतोड़देतेहैं,तोकईपहुंचनेकेबादसीधेरेफरकरदिएजातेहै।वैसेइसअस्पतालमेंमरीजोंकेसाथकर्मचारीऔरचिकित्सककादर्दभीकमनहींहै।समस्याएंकईहैपरसमाधाननहींकियाजारहाहै।चिकित्सकनरहनेसेपरेशानी

जिलेमेंरेगुलरचिकित्सकोंकास्वीकृतपद348हैपरंतुकार्यरतमात्र137हैं।इनकार्यरत137चिकित्सकोंमेंसे72चिकित्सकसेवानहींदेरहेहैं।अबसोंचाजासकताहैकिजिलेमें60रेगुलरचिकित्सककैसे30लाखकीआबादीवालेइसजिलेकोसुस्वास्थ्यसमाजबनाएंगे।72चिकित्सकोंमेंसेआधेसेअधिकबगैरसूचनाकेगायबहैं।कुछचिकित्सकउच्चशिक्षाकेलिएछुट्टीमेंहैं।प्रखंडकानाम-स्वीकृतपद-कार्यरत-खालीअनुपस्थितऔरंगाबाद-93-68-26-34कुटुंबा-04-00-04-01दाउदनगर-28-18-05-12देव-11-06-06-01मदनपुर-11-05-06-02रफीगंज-11-05-06-01ओबरा-11-05-06-02बारुण-11-05-06-01पीएचसीसदर-07-03-04-02पीएचसीदाउदनगर-07-03-04-01पीएचसीगोह-07-03-04-01पीएचसीनवीनगर-07-03-04-01पीएचसीकुटुंबा-07-03-04-01पीएचसीहसपुरा-23-08-15-04एपीएचसीकुटुंबा-16-00-16-02एपीएचसीदाउदनगर-08-00-07-06एपीएचसीदेव-12-00-11-01एपीएचसीमदनपुर-08-00-08-01एपीएचसीओबरा-10-00-10-00एपीएचसीगोह-10-00-10-00एपीएचसीबारुण-10-00-10-00एपीएचसीनवीनगर-14-00-14-00एपीएचसीसदर-12-00-12-00एपीएचसीरफीगंज-10-02-08-00

चिकित्सकोंकीकमीहै।चिकितसकोंकीकमीकेकारणमरीजोंकोइलाजकरनेमेंपरेशानीहोरहीहै।आइसीयूखोलनेकीप्रक्रियाजारीहै।इसकेलिएविभागकोपत्रलिखागयाहै।

डॉ.अकरमअली,सिविलसर्जन