दिल्ली,लाइफस्टाइलडेस्क।यहधरामृत्युभवनहै।यहांजोआताहै,उसेएकनएकदिनजरूरजानापड़ताहै।इसकेबादउसकाजन्मभीनिश्चितहै।हालांकि,सनातनधर्ममेंकईऐसेअवतारीपुरुषहैं,जोअजर-अमरहै।येनकभीवृद्धहोतेहैंऔरनहीइनकीकभीमृत्युहोतीहै।अगरआपकोनहींपताहैकियेअवतारीपुरुषकौनहैं,तोआइएजानतेहैं-

पौराणिककथाकेअनुसार,त्रेतायुगमेंजबरावणमातासीताकोहरणकरलंकालेगयातोउन्हेंढूंढनेहनुमानजीलंकापहुंचे।जबउनकीमुलाकातमातासीतासेहुईतोउन्होंनेमातेसेप्रभुश्रीरामकेसंदेशसुनाया।उससमयमातासीतानेउन्हेंप्रसन्नहोकरअजरअमरहोनेकावरदानदिया।

महाकाव्यमहाभारतमेंलिखाहैकिपांडवोंकेपुत्रोंकीरातमेंछिपकरवधकरनेकेचलतेउन्हेंभगवानश्रीकृष्णनेमृत्युभवनमेंपापोंकाप्रायश्चितकरनेकाशापदियाहै।

महादानीराजाबलिनेअपनीकठिनभक्तिसेभगवानश्रीहरिविष्णुसेअमरताकावरदानप्राप्तकियाहै।कालांतरसेवहपाताललोकमेंनिवासकररहेहैं।

भगवानश्रीहरिविष्णुकेअवतारहैं।ऐसाकहाजाताहैकिपरशुरामशिवजीकेपरमभक्तहैं।उनकीकृपासेउन्हेंअमरताकावरदानप्राप्तहै।

जबरावणवधकेबादमर्यादापुरषोत्तमरामअयोध्यालौटरहेथे।उससमयउन्होंनेविभीषणकोलंकाकाराजाबनाकरउन्हेंअमरताकावरदानदिया।आजभीविभीषणपृथ्वीलोकमेंहैं।

ऋग्वेद,यजुर्वेद,सामवेदऔरमहाभारतजैसेकाव्यकीरचनाकरनेवालेवेदव्यासकोभीअमरताकावरदानप्राप्तहै।चिरकालसेवेदव्यासधरापरघटितहोनेवालीमुख्यघटनाओंकोअपनीरचनाओंमेंसंकलितकरतेआरहेहैं।

धार्मिकमान्यताहैकिइन्हेंभीअजरअमरहोनेकावरदानप्राप्तहै।कृपाचार्यमहानविद्वान,प्रकांडपंडितऔरतपस्वीरहेहैं।

By Douglas