मक्खनपुर:कस्बेसेदोकिलोमीटरदूरबसेगांवइंदरईकोदेखकरलगताहैकिहम1980केदशककेकिसीगांवमेंआगएहैं।गंदगीसेबजबजातीगलियां,कच्चीनालियांऔरखेतमेंशौचकरनेजातेग्रामीणयहअहसासकरातेहैंकियहांविकासकीकिरणनहींपहुंचीहै।तीनहजारकीआबादीवालेइसगांवमेंसरकारपानीतककाइंतजामनहींकरपाईहै।ग्रामीणसौसेडेढ़सौरुपयेमहीनाखर्चकरपानीखरीदकरकामचलारहेहैं।

खैरगढ़ब्लॉककीइसग्रामपंचायतमेंलोधीराजपूतएवंमुस्लिमआबादीअधिकरहतीहै।बिल्टीगढ़चौराहेसेइसगांवमेंपहुंचाजासकताहै।नामकेअनुरूपइंदरईमेंइंद्रनगरीजैसाकुछभीनहींहै।गांवमेंघुसतेहीगंदगीसेसामानहोताहै।गांवमेंजलनिकासीकाकोईइंतजामनहोनेऔरनालीटूटी-फूटीहोनेकेकारणगंदापानीगलियोंमेंभीरहताहै।नालियांदेखकरहीसमझआताहैकिकईमहीनोंसेउनकीसफाईनहींहुईहै।गांवकाप्रमुखमार्गजर्जरहैतोअधिकांशगलियोंकाहालभीयहीहै।ग्रामीणगंदगीऔरगड्ढोंसेबचतेबचातेनिकलनेकीकोशिशकरतेहैं।

पूरेगांवमेंदोयातीनहैंडपंपहीनजरआतेहैं,लेकिनउनमेंसेकामकोईनहींकरता।ग्रामीणोंनेबतायाकिहैंडपंपोंकीमरम्मतअर्सेसेनहींहुईहै।धीरे-धीरेकरगांवकेसभीजलस्त्रोतसूखचुकेहैं।अबग्रामीणप्राइवेटसबमर्सिबलपरनिर्भरहैं।जिनकेघरोंमेंसबमर्सिबलहै।वे100से150रुपयेप्रतिमहीनालेकरउन्हेंपानीदेतेहैं,लेकिनबिजलीनआनेपरजलापूर्तिकायहजरियाभीग्रामीणोंकेकामनहींआता।तबउन्हेंदूसरेगांवोंसेपानीलानापड़ताहै।ग्रामीणबतातेहैंकिउन्हेंसरकारकीअन्ययोजनाओंकाभीलाभनहींमिलता।

कईमहीनेपहले12गरीबोंकोपीएमआवासकेलिएचुनागयाथा,लेकिनअभीतकउन्हेंधनराशिनहींदीगईहै।गांवमेंढाईसौसेअधिकपरिवाररहतेहैं,लेकिनअधिकांशघरोंमेंशौचालयनहींहै।इसलिएग्रामीणखुलेमेंशौचकरनेजातेहैं।यहांखुलेमेंशौचमुक्तअभियानकेअंतर्गतशौचालयबनवानेकाकामअभीतकशुरूनहींहुआहै।

हमनेयहांकभीसफाईकर्मचारीकोकामकरतेनहींदेखा।यहीवजहहैकिगांवकीगलियांऔरनालीगंदगीसेअटीपड़ीहैं।गांवमेंमक्खीऔरमच्छरोंकाप्रकोपबनारहताहै।

डॉ.राजेशकुमारवर्माफोटो

घरकेसामनेकारास्ताइतनाखराबहैकिआतेजातेसमयकपड़ेभीखराबहोजातेहैं।सड़केंऔरनालियांबननेकेबादहीइससमस्याकाहलहोसकताहै,लेकिनकोईध्याननहींदेता।

हमारेगांवजैसेबदतरहालातप्रदेशकेकिसीअन्यगांवकेनहींहोंगे।दोदशकपहलेशादीहोकरगांवमेंआईथी।तबकेऔरअबकेहालातमेंकोईअंतरनहींआयाहै।

गांवविकाससेअछूताहै।सड़क,सफाई,पानीसभीकीजरूरतहै,लेकिनकोईध्याननहींदेता।अधिकारियोंकोगांवमेंआकरदेखनाचाहिए।तभीसमस्याएंकमहोंगी।

डॉ.जैनुद्दीनसिद्दीकी

प्रधाननेरास्ताठीककरानेकाकभीप्रयासनहींकिया।हमगंदगीकेबीचमेंजीवनगुजारनेकोमजबूरहैं।पूरागांवसमस्याओंसेजूझरहाहै।शिकायतोंपरभीध्याननहींदियाजाता।

ललितादेवीकठेरिया

समस्याओंकीतरफपूराध्यानहै,लेकिनसरकारसेबजटहीनहींमिलरहा।दोसालकेकार्यकालमेंकुल12लाखरुपयेआएहैं।डीएमकेनिर्देशपरउसधनराशिसेप्राथमिकवउच्चप्राथमिकविद्यालयकीबाउंड्रीवआंगनबाड़ीकेंद्रटाइललगवानेकाकामचलरहाहै।बजटमिलनेपरगलियांपक्कीकराईजाएंगी।

मुकेशकुमारराजपूत,प्रधान

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