रायपुर[परागमिश्रा]।अगरआपमेंकुछकरगुजरनेकाहौसलाऔरदिलीख्वाहिशहैतोकुछभीअसंभवनहींहै।अपनेशब्दकोशसेअसंभवशब्दहटादीजिए।दृढ़इच्छाशक्तिहैतोसंसारकीकोईताकतआपकोटारगेटतकपहुंचनेसेरोकनहींसकती।बसआपकोअपनीमंजिलमालूमहोनीचाहिए। कुछऐसाअनुकरणशहरकेउद्योगपतिउत्तमचंदतारवानीनेपेशकियाहै।उन्होंनेबचपनमेंसड़कोंपरकड़ीलड्डू,बर्फकागोलाबेचाऔरआजचारफैक्ट्रियोंकेमालिकहैं।उत्तमचंदइसकामयाबीकाश्रेयअपनीकड़ीमेहनतऔरदृढ़इच्छा-शक्ति,सरलताकोदेतेहैं।

उनकामाननाहैकिआपकोअगरकुछपानाहैतोपूरेदिलकेसाथउसकेपीछेलगेरहिएऔरतबतकनछोड़िए,जबतकआपकोसफलतानमिलजाए।साथहीइसबातकाध्यानहमेशारखेंकिशिखरपरपहुंचनेकेबादकभीभीअपनेसंघर्षकेदिनोंमेंसाथदेनेवालेलोगोंकोनभूलें।काममेंईमानदारीबरतनेकेसाथहीवेअपनेकर्मचारियोंकोएकपरिवारकीतरहमानतेहैं।इसीतरहमजदूरोंकोभीअपनाअहमहिस्सामानतेहैं।इसकेसाथहीयहध्यानरखतेहैंकिकिसीकेभीसाथभेदभाववालाबर्तावनहो।सभीकेहितोंकापूराध्यानरखतेहैं।

ऐसारहाकामयाबीकासफरसंघर्षकेदिनोंकोयादकरतेहुएउत्तमचंदबतातेहैंकिजबवे10सालकेथे,तबसरसेपिताकासायाउठगया।घरकीजिम्मेदारीभीउनकेकंधोंपरआगई।बड़ेभाई-बहनभीकामकरतेथे।इसकेबादउन्होंनेसड़कोंपरकड़ीलड्डूबेचनेकाकामशुरूकियाऔरगर्मियोंमेंठेलेपरबर्फकागोलाभीबेचा।इसकेसाथदोपहरमेंऑफिस-ऑफिसजाकरटिफिनभीबांटनेकाकामकिया।15सालकीउम्रमेंएकसाबुनफैक्ट्रीमेंकामकिया।इसकेबादहीतयकियाकिवेअपनीफैक्ट्रीशुरूकरेंगेऔरऑयलसेसाबुनबनानेकाकामशुरूकरनेकामनबनाया।साल1995मेंउन्होंनेउधारीसेप्लांटडालाऔरसाबुनबनानेकाकामशुरूकिया।शुरुआतमेंकुछनुकसानभीहुआ,लेकिनउन्होंनेहारनहींमानीऔरअपनेकाममेंलगेरहे।

कामकेप्रतिरहेंईमानदारउत्तमचंदकामाननाहैकिहमेशाअपनेकामकेप्रतिईमानदाररहनाचाहिए।आपकीईमानदारीऔरकड़ीमेहनतहीआपकोसफलतादिलातीहै।इनसबकेसाथहीअपनेअंदरकिसीभीप्रकारकेघमंडकीभावनानहींआनीचाहिएऔरसबकेसाथसरलतासेपेशआनाचाहिए,तभीआपकोसफलतामिलेगी।सबसेज्यादाजरूरीबातयहहैकिईश्वरपरपूरेभरोसेकेसाथहीहमेशाअपनेऊपरविश्वासबनाएरखें।इससेनिश्चिततौरपरसफलताआपकेकदमचूमेगी।

हजारोंलोगोंकोदियारोजगारउत्तमचंदनेहजारोंलोगोंकोरोजगारदियाहै।वेमजदूरोंकादर्दजानतेहैंऔरसरकारकेलेबररेटसेज्यादाइनकेमजदूरोंकोमिलताहै।उत्तमचंदकामाननाहैकिकभीभीकिसीमेहनतकशइंसानकापसीनासूखनेसेपहलेउसकापूरामेहनतानामिलजानाचाहिए।उनकीफैक्ट्रीकेसाबुनसाउथकेसाथहीबंगालमेंभीसप्लाईहोतेहैंऔरधीरे-धीरेउनकाकारोबाररफ्तारभीपकड़ताजारहाहै।उनकेसरलस्वभावऔरसबकोसाथलेकरचलनेकेस्वभावकेकारणहरकोईउनकीतारीफकरताहैऔरउनकेसाथखड़ारहताहै।

By Doherty