रायबरेली:पौधोंसेस्नेहऐसाकिइंजीनियरकीनौकरीछोड़करपौधोंकेलिएहीजीनेकोमकसदबनालिया।पौधोंकेबीचरहकरउनकीसेवाकरनाउनकीदिनचर्याबनगईहै।खुदतोपौधोंसेप्यारकरतेहीहैं,लोगोंकोभीपर्यावरणकेप्रतिजागरूकहोनेकीसलाहदेरहेहैं।उत्साहकानतीजाहैकिइनकेद्वारालगाएगएरुद्राक्षऔरऑस्ट्रेलियनअमरूदकेपेड़लोगोंकेआकर्षणकाकेंद्रबनगएहैं।

बातहोरहीहै,डलमऊविकासक्षेत्रकेनरसवांगांवनिवासीशेखरचौधरीकी,जिन्होंनेपर्यावरणसंरक्षणकाबीड़ाउठायाहै।शेखरक्षेत्रकेयुवाओंकेलिएप्रेरणास्रोतबनेहुएहैं।28वर्षीयशेखरचौधरीनेबीएससी,धातुविज्ञानसेबीटेकवडीफार्माकीपढ़ाईपूरीकी।पढ़ाईकेदौरानहीशेखरकाचयनउड़ीसास्थितभूषणस्टीलप्लांटमेंबतौरअसिस्टेंटइंजीनियरकेपदपरहोगया।पांचवर्षोतकनौकरीकीलेकिनपेड़ोंकीअंधाधुंधकटानकोदेखशेखरकामननौकरीमेंनहींलगा।शेखरनौकरीछोड़करगांवआगएऔरपेड़-पौधोंकीसेवामेंजुटगए।शेखरकेपौधोंकेप्रतिप्रेमकोदेखकरपरिजनभीउत्साहितहैं।शेखरनेबतायाकिपौधरोपणमेंआत्मसुखकीअनुभूतिहोतीहै।सभीकोपौधरोपणकोलेकरगंभीरहोनाचाहिए।शेखरकीबगियामेंलगेहैं150पेड़

शेखरनेचौदहमीलगांवकेसमीपअपनेखेतमेंकईप्रजातियोंकेनींबू,इलाइची,तेजपत्ता,लौंग,रुद्राक्ष,आंवला,सूची,आस्ट्रेलियनअमरूद,विदेशीबेर,बालमखीरा,आम,बेल,शहतूत,मीठीनींबूआदिकेलगभगडेढ़सौपेड़लगाचुकेहैं।इनमेंसेआम,अमरूद,बेल,आंवलाआदिफलभीदेनेलगेहैं।लोगोंकोकरतेहैंजागरूक

शेखरअबचौदहमीलस्थितरामाधीन¨सहइंटरकालेजकेप्रबंधकभीहैं।बच्चोंकोपढ़ानेकेसाथ-साथआसपासकेलोगोंकोवेपौधरोपणकेप्रतिजागरूकभीकरतेहैं।

By Edwards