हालांकि,अभीतक705जातीयसमूहहैंजिन्हेंऔपचारिकरूपसेपहचानागयाहै,लेकिनभारतमेंकईजातीयसमूहरहतेहैं।आजदुनियाभरमेंइसअनोखेदिनकोमनायाजारहाहै,तोआइएभारतकी5जनजातियोंकीसंस्कृतियोंपरएकनज़रडालें:

अंडमानकीमहानजनजातियां

द्वीपकेक्षेत्रोंऔररटलैंडकेकुछहिस्सोंपरवेरहतेहैं।इसस्वदेशीजनजातिमेंओंगे,जरावा,जंगलऔरसेंटीनेलीसशामिलहैं,जोद्वीपकेपहलेनिवासीहैंऔरअपनेपूरेशरीरपरमिट्टीलगातेहैं।येजनजातियांकामकरतेसमयजपकरतीहैंऔरजंगलमेंबड़े,रंगीनकबूतरोंकेसाथसंवादकरनापसंदकरतीहैं।

येआमतौरपरछत्तीसगढ़केबस्तरक्षेत्रमेंदेखेजासकतेहैं।मुरिया,बाइसनहॉर्नमारियाऔरहिलमारियातीनमहत्वपूर्णगोंडजनजातियांहैं।राजगोंडकोगोंडजनजातियोंमेंसबसेविकसितमानाजाताहै।गोंडोंमेंकोईसांस्कृतिकएकरूपतानहींहै।

भारतमें,2013तक,भील​​सबसेबड़ाआदिवासीसमूहथा।येगुजरात,छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश,राजस्थान,महाराष्ट्र,पश्चिमीदक्कनक्षेत्रकेइंडो-आर्यनभाषीजातीयसमूहहै।भीलजनजातीकोएकसमृद्ध,विशिष्टसंस्कृतिकेलिएजानाजाताहै।इनकीकलाऔरखान-पानकाफीअनोखाहै।भीलकीपिथौरापेंटिंगकाफीप्रसिद्धहै,औरउनकानृत्यरूप'घूमर'एकपारंपरिकलोकनृत्यहै।

वेमेघालयकीखासीऔरजयंतियोंकीपहाड़ियोंमेंनिवासकरतेहैं,औरएकबहुतहीअनोखीसंस्कृतिकेलिएजानेजातेहैं।खासीमेंसंपत्तिविरासतऔरउत्तराधिकारकीएकमहिलाकेंद्रितपरंपराहै।कार्यालयऔरसंपत्तिप्रबंधनसेसंबंधितमामलोंकोमांकेबादउनकीसबसेछोटीबेटीकोदेदियाजाताहै,हालांकिमहिलाएंइनकामोंकेलिएपुरुषोंकोनियुक्तकरतीहैं।

मुंडाजातीयसमूहहै,जोभारतकेमूलनिवासीहैं।असम,पश्चिमबंगाल,त्रिपुरा,बिहार,ओडिशा,छत्तीसगढ़जैसेराज्योंमेंसंथालजनजातियोंकोदेखाजासकताहै।येजनजातिशुद्धिकरणकेबादअपनेघरकेबाहरकरमकापेड़लगानेकीपरंपराकापालनकरतीहैं।माघे,बाबाबोंगा,सहराई,एरो,असारियाऔरनमःउनकेकुछत्योहारहैं।इसजनजातीकेबारेमेंदिलचस्पबातयहहैकियहां7तरहकीशादियांहोतीहैं।