नईदिल्‍ली,डा.अनिलसेठी।‘हैकामआदमीकाऔरोंकेकामआना,जीनातोहैउसीकाजिसनेयेराजजाना...’।यहएकपुरानीहिंदीफिल्मकागानाहै,जोजीवनकेबारेमेंहमकोसिखाताहै।इसेसमझनेकेलिएमैंआपकोअपनेदोस्तकेजीवनसेजुड़ीएकघटनाकेबारेमेंबताताहूं।

कईसालपुरानीबातहै।मैंनया-नयादिल्लीआयाथाऔरअपनेकुछजाननेवालोंसेमिलरहाथा।ऐसेमेंएकदिनजबमैंएकघरपरपहुंचातोवहांमेराजाननेवालानहींथा।उसकेमकानमालिकनेमुझेअंदरबुलाया।पानीपिलाया।चायकेलिएपूछाऔरइंतजारकरनेकेलिएकहा।उससमयऐसेहीबैठे-बैठेबातचीतहोनेलगीतोउन्होंनेमेरेमित्रकाएककिस्सासुनाया,जिसेसुनकरमुझेअत्यंतप्रसन्ताहुईऔरअपनेसोचपरविश्वासबढ़गया।मेरामित्रराजिंदरपढ़ाईपूरीकरकेएककालेजमेंअध्यापकनियुक्तहुआथाऔरकिरायेकेमकानमेंरहरहाथा।एकरातलगभग11बजेवहसोनेकीतैयारीकररहाथा,तभीउसकेघरकीबेलबजी।दरवाजाखोलातोएकबुजुर्गखड़ेथे,जोबहुतथकेऔरघबरायेलगरहेथे।उन्होंनेपूछा-क्याआपराजिंदरहोतोमित्रनेकहा,जीऔरउनकोअंदरआनेकोकहा।उन्हेंपानीपीनेकोदिया,तभीबाहरसेकिसीकेबड़बड़ानेकीआवाजआई।राजिंदरनेबाहरजाकरदेखातोआटोवालाबोलरहाथा।बहुतहोगया,आपकेएड्रेसढूंढ़नेकेचक्करमेंबहुतसमयखराबहोगया।अपनासामानउठाओऔरपैसेदोताकिमैंघरजाऊं।राजिंदरनेउसकेपैसेदिएऔरअंकलकासामानलेकरअंदरआया।अंदरआयातोदेखा,वहअंकलआंखेंबंदकरकेकुर्सीपरबैठेथे।राजिंदरनेअंकलसेपूछा-क्याआपनेखानाखायातोउन्होंनेकहानहींबेटा,इसउम्रमेंरातकोसिर्फथोड़ासादूथहीलेताहूं।खानाहजमनहींहोताहैऔरएकलेटरनिकालकरराजिंदरकोदेतेहुएकहाकियेआपकेपिताजीनेदियाहै।राजिंदरनेपत्रपढ़ाऔरउनकोबोला-आपआरामकरें।मैंकलआपकाकामकरनेकीकोशिशकरताहूं।

चिठ्ठीपढ़करराजिंदरकोपताचलाकिबुजुर्गकाएकलौताबेटाकुछसमयपहलेदिल्लीमेंएकदुर्घटनामेंमरगयाथा,जिसकीवजहसेउनकीआर्थिकस्थितिकाफीखराबहोगई,क्योंकिउनकागुजाराबेटेकेभेजेहुएपैसेसेहीहोताथा।उसकेडेथसर्टिफिकेटऔरकुछअन्यडाक्यूमेंट्सकेबिनाउनकोबीमेकीरकमनहींमिलसकतीथीऔरवहकभीदिल्लीनहींआयेथे।उनकेलिएदिल्लीआनेकाखयालमात्रभीदिलदहलानेकेलिएकाफीथा।अधिकआर्थिकतंगीनहोतीतोशायदवहदिल्लीनआते।ऐसेमेंउनकेमित्रनेअपनेबेटेकेनामपत्रलिखकरदियाऔरभरोसादिलायाकिउनकाबेटायहकामजरूरकरादेगा।

सारीपरिस्थितिसमझतेहुएराजिंदरनेअगलेदिनछुट्टीकीऔरपूरेदिनलगकरबजुर्गअंकलकाकामपूराकरादिया।शामकोजबउन्हेंसारेपेपर्सदिएतोउनकीआंखोंमेंखुशीकेआंसूथे।वहराजिंदरकोआशीर्वाददेतेहुएकहा,बेटाआपकेमातापिताधन्यहैं,जिन्होंनेआपकोऐसेसंस्कारदिए।मेराआशीर्वादहैकिआपखूबतरक्कीकरो।मैंगांवजाकरतुम्हारेपिताजीकोबताऊंगाकितुमकितनेअच्छेहो।यहसुनकरराजिंदरअपनेकोरोकनहींपायाऔररोनेलगा।अंकलनेपूछाकिक्याहुआ,तोउसनेबतायाकिअंकलमेरेपिताजीकास्वर्गवासएकसालपहलेहीहोचुकाहैऔरमैंवहराजिंदरनहींहूं,जिससेमिलनेआपआयेथे।मैंनेआपकेपत्रसेदेखकरराजिंदरसेफोनपरबातकियातोपताचलाकिवहएकसप्ताहकेलिएदिल्लीसेबाहरगयाहुआहै।आपकोयहबतानेकीमेरीहिम्मतनहींहुईऔरमैंनेसोचाअगरमेरेपिताजीनेआपकोभेजाहोतातोमैंक्याकरताऔरमैंनेछुट्टीलेली,क्योंकिमुझेपताहैकिमेरेपिताजीनेमुझेयहीसिखायाहै।उसरातअंकलकोबसमेंबैठाकरजबराजिंदरघरआयातोउसेबहुतचैनऔरसुकूनकीनींदआई।

यहांआपकोयहघटनासुनानेकेपीछेमेराआशययहहैकिजबआपकिसीकेलिएबिनाकिसीअपेक्षाकेकुछकामकरतेहैंतोउसकीखुशीऔरसुकूनकाकोईमोलनहींहोता।जीवनकीसच्चीखुशीइसकोहीकहतेहैं।

(लेखकमोटिवेटरवलाइफकोचहैं)

By Duncan